आधार फेस ऑथेंटिकेशन ने बनाया नया रिकॉर्ड: 6 महीने में 100 करोड़ से 200 करोड़ लेन-देन का सफर पूरा

भारत के डिजिटल परिवर्तन में एक और बड़ा मील का पत्थर जुड़ गया है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार फेस ऑथेंटिकेशन के 200 करोड़ लेन-देन का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि मात्र छह महीने में हासिल हुई है, जब जनवरी 2025 में 100 करोड़ का आंकड़ा पार किया गया था।

आधार फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से आधारधारक बिना किसी दस्तावेज के, कभी भी, कहीं भी, सुरक्षित और संपर्करहित तरीके से अपनी पहचान सत्यापित कर सकते हैं। 10 अगस्त 2025 को UIDAI ने इस उपलब्धि का जश्न मनाते हुए इसे भारत के डिजिटल सफर में एक अहम पड़ाव बताया।

तेज़ी से बढ़ता उपयोग

डिजिटल इंडिया का सशक्त उदाहरण
UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने कहा, “200 करोड़ आधार फेस ऑथेंटिकेशन लेन-देन इतने कम समय में पूरा होना इस तकनीक में लोगों और सेवा प्रदाताओं के भरोसे को दर्शाता है। गांवों से लेकर महानगरों तक, हम सरकारों, बैंकों और सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर इसे बड़ी सफलता बना रहे हैं, ताकि हर भारतीय अपनी पहचान तुरंत, सुरक्षित और कहीं भी सिद्ध कर सके।”

यह उपलब्धि डिजिटल इंडिया के उस विज़न को मजबूती देती है, जिसमें देश को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने का लक्ष्य है। इस तकनीक से न केवल पहचान सत्यापन आसान हुआ है, बल्कि डिजिटल सेवाओं की पहुंच देश के हर कोने तक सुनिश्चित हो रही है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह केवल एक आँकड़ा नहीं, बल्कि इस बात का सबूत है कि जब समावेशी तकनीक को सही पैमाने पर लागू किया जाए, तो यह समाज में डिजिटल खाई को पाट सकती है, नागरिकों को सशक्त बना सकती है और भारत को एक आत्मविश्वासी डिजिटल भविष्य की ओर ले जा सकती है।

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