कृषि विपणन को मिलेगा नया बल: e-NAM से 1.89 करोड़ किसान जुड़े, 10,000 FPO और आधुनिक भंडारण ढांचे से किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

Agricultural marketing to receive a boost: 18.9 million farmers join e-NAM; government focuses on increasing farmers' income through 10,000 FPOs and modern storage infrastructure

Agricultural marketing to receive a boost: 18.9 million farmers join e-NAM; government focuses on increasing farmers' income through 10,000 FPOs and modern storage infrastructure

Agricultural marketing to receive a boost: 18.9 million farmers join e-NAM; government focuses on increasing farmers' income through 10,000 FPOs and modern storage infrastructure

केंद्र सरकार ने कहा है कि कृषि विपणन को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और किसान हितैषी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की जा रही हैं। राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM), किसान उत्पादक संगठन (FPO), कृषि अवसंरचना कोष (AIF), कृषि विपणन अवसंरचना (AMI) और प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) जैसी पहलें किसानों को बेहतर बाजार, उचित मूल्य और मजबूत भंडारण सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि कृषि विपणन राज्य का विषय है, लेकिन केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं और नीतिगत उपायों के माध्यम से राज्यों को कृषि बाजारों को मजबूत करने और किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने में सहयोग कर रही है।

e-NAM से देशभर के किसानों को मिला बड़ा डिजिटल बाजार

सरकार द्वारा शुरू किया गया राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) देश की विभिन्न कृषि उपज मंडियों (APMC) को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ता है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसान ऑनलाइन बोली, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और सीधे बैंक खाते में भुगतान जैसी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।

30 जून 2026 तक e-NAM प्लेटफॉर्म पर:

10,000 किसान उत्पादक संगठन बने किसानों की ताकत

सरकार की 10,000 किसान उत्पादक संगठन (FPO) योजना के तहत पूरे देश में 10,000 एफपीओ का गठन किया जा चुका है।

एफपीओ किसानों की उपज को सामूहिक रूप से बाजार तक पहुंचाने, बेहतर मोलभाव करने, लागत घटाने और अधिक लाभ प्राप्त करने में मदद कर रहे हैं।

योजना शुरू होने के बाद से इन एफपीओ का कुल कारोबार ₹20,340 करोड़ से अधिक हो चुका है।

भंडारण और कोल्ड चेन पर बड़ा निवेश

सरकार ने किसानों को मजबूरी में फसल बेचने से बचाने और फसलों के बेहतर संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर भंडारण और कोल्ड चेन ढांचे का विकास किया है।

पिछले दस वर्षों में:

एग्री इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के तहत:

बागवानी क्षेत्र को भी मिला मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर

समेकित बागवानी विकास मिशन (MIDH) के अंतर्गत लगभग 1.76 लाख अवसंरचना इकाइयों का निर्माण किया गया है।

इनमें शामिल हैं—

इससे बागवानी उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।

प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना से 37.76 लाख किसानों को लाभ

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) के तहत 30 जून 2026 तक 1,256 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं या संचालन में हैं।

इन परियोजनाओं से लगभग 37.76 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। योजना के माध्यम से फसल प्रसंस्करण, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना

सहकारिता मंत्रालय द्वारा पीएसीएस (PACS) स्तर पर विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना लागू की जा रही है।

अब तक:

इससे किसानों को फसल सुरक्षित रखने, उचित समय पर बिक्री करने और बिचौलियों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

नीति आयोग ने भी सराहा

नीति आयोग ने अपनी 2020 और 2025 की मूल्यांकन रिपोर्ट में समेकित कृषि विपणन योजना (ISAM) को कृषि बाजारों को मजबूत बनाने वाली प्रभावी योजना बताया है।

रिपोर्ट के अनुसार:

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर

सरकार का कहना है कि कृषि क्षेत्र के विकास के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसानों को बेहतर बाजार, मजबूत भंडारण, आधुनिक प्रसंस्करण, डिजिटल विपणन और संगठित किसान समूहों की सुविधा उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार कृषि, बागवानी, सिंचाई, बीमा, डिजिटल कृषि, प्राकृतिक खेती, बीज, मशीनीकरण और कृषि विपणन सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्यों को लगातार सहयोग प्रदान कर रही है।

 

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