अमित शाह और रवि लामिछाने की नई दिल्ली में मुलाकात, भारत-नेपाल संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर

Amit Shah and Ravi Lamichhane meet in New Delhi, stress on further strengthening India-Nepal relations

भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रवि लामिछाने के नेतृत्व वाले उच्चस्तरीय नेपाली प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने भारत-नेपाल संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने, आपसी सहयोग बढ़ाने और क्षेत्रीय स्थिरता एवं विकास के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब नेपाल में हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद नई सरकार के गठन को लेकर व्यापक चर्चाएं हो रही हैं और भारत-नेपाल संबंधों को नई दिशा देने की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

चुनावी सफलता पर अमित शाह ने दी बधाई

बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) की चुनावी सफलता पर रवि लामिछाने को बधाई दी। उन्होंने नेपाल में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सफलता की सराहना करते हुए नई सरकार के सफल कार्यकाल के लिए भारत की ओर से शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं।

गृह मंत्री कार्यालय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, अमित शाह ने कहा कि भारत नेपाल के लोकतांत्रिक विकास, राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक प्रगति का हमेशा समर्थन करता रहा है और आगे भी दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।

भारत-नेपाल के विशेष संबंधों पर हुई चर्चा

बैठक में भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने विशेष संबंधों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, धार्मिक, आर्थिक और सामाजिक संबंध केवल कूटनीतिक दायरे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों के बीच गहरे भावनात्मक जुड़ाव पर आधारित हैं।

भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा, साझा विरासत, धार्मिक आस्था और पारिवारिक संबंध दोनों देशों को एक-दूसरे का स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं। इसी पृष्ठभूमि में दोनों पक्षों ने इन संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

क्षेत्रीय सहयोग और विकास पर जोर

अमित शाह और रवि लामिछाने के बीच हुई चर्चा में क्षेत्रीय विकास, आर्थिक सहयोग और सीमा क्षेत्रों में संपर्क सुविधाओं को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

दोनों पक्षों ने माना कि दक्षिण एशिया में स्थिरता और समृद्धि के लिए भारत और नेपाल का मजबूत सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। व्यापार, ऊर्जा, पर्यटन, कृषि, शिक्षा और बुनियादी ढांचा विकास जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ता आर्थिक सहयोग न केवल नेपाल के विकास में योगदान देगा, बल्कि भारत के पड़ोसी सहयोग मॉडल को भी मजबूती प्रदान करेगा।

सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति

भारत और नेपाल के बीच सुरक्षा सहयोग लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों का एक महत्वपूर्ण आधार रहा है। खुली सीमा होने के कारण सीमा प्रबंधन, अपराध नियंत्रण, मानव तस्करी रोकने और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे विषय दोनों देशों के लिए अहम हैं।

बैठक में इन क्षेत्रों में समन्वय को और बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि साझा चुनौतियों से निपटने के लिए निरंतर संवाद और सहयोग आवश्यक है।

भारत पहले भी नेपाल को सुरक्षा प्रशिक्षण, आपदा प्रबंधन और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में सहयोग प्रदान करता रहा है। भविष्य में इस सहयोग को और विस्तार देने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

सांस्कृतिक और जन-जन के रिश्तों को मिलेगा बढ़ावा

भारत और Nepal के बीच संबंधों की सबसे बड़ी ताकत दोनों देशों के लोगों के बीच गहरा जुड़ाव है। भगवान पशुपतिनाथ, जनकपुर, लुंबिनी, काशी और अयोध्या जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र दोनों देशों को एक साझा सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ते हैं।

बैठक के दौरान इस बात पर भी बल दिया गया कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन और शैक्षिक सहयोग को बढ़ावा देकर दोनों देशों के नागरिकों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाया जा सकता है।

विशेष रूप से युवाओं, विद्यार्थियों और उद्यमियों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए नए कार्यक्रमों और पहलों पर भी चर्चा की गई।

नई सरकार से भारत की सकारात्मक उम्मीदें

नेपाल की राजनीति में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने हाल के वर्षों में एक उभरती हुई राजनीतिक शक्ति के रूप में अपनी पहचान बनाई है। पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने नेपाल के लोकप्रिय राजनीतिक नेताओं में गिने जाते हैं और युवा मतदाताओं के बीच उनका व्यापक प्रभाव माना जाता है।

अमित शाह द्वारा चुनावी सफलता पर बधाई देना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि भारत नेपाल में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और स्थिर शासन व्यवस्था को महत्व देता है। भारत ने हमेशा नेपाल की संप्रभुता, स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया है।

पड़ोसी प्रथम नीति के तहत मजबूत हो रहे संबंध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की “पड़ोसी प्रथम” (Neighbourhood First) नीति के तहत नेपाल को विशेष महत्व दिया गया है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच रेलवे, सड़क, पेट्रोलियम पाइपलाइन, विद्युत व्यापार और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेज़ी से काम हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार अमित शाह और रवि लामिछाने की यह मुलाकात भारत-नेपाल संबंधों में सकारात्मक संदेश देने वाली है और इससे दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद तथा सहयोग को नई ऊर्जा मिलेगी।

बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने भारत और नेपाल के बीच विशेष और ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने विश्वास जताया कि आपसी विश्वास, सहयोग और साझेदारी के आधार पर भारत और नेपाल भविष्य में भी क्षेत्रीय विकास, स्थिरता और समृद्धि के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे।

 

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