मई तक पूरी हो जाएगी पशु जनगणना, किसानों को होगा ये लाभ!

֍:मोबाइल ऐप से मिलेगा फायदा§ֆ:पशुपालन और डेयरी सेक्रेटरी का कहना है कि पशुगणना के मई तक पूरा हो जाने की उम्मीद है. वहीं जून में पशुगणना के आंकड़े यानि इसकी रिपोर्ट जारी कर दी जाएगी. 21वीं पशुगणना अक्टूबर 2024 में शुरू हुई थी. पशुगणना के लिए करीब एक लाख लोगों को लगाया गया है. पशुगणना का करीब 25 फीसद काम पूरा हो चुका है. मंत्रालय का कहना है कि पशुगणना के लिए मोबाइल ऐप इस्तेमाल करने की कई वजह हैं. जैसे इससे आंकड़े बहुत सटीक आएंगे, जिसका फायदा ये होगा कि डेयरी प्रोडक्ट की एक्सपोर्ट पॉलिसी और पशुओं की बीमारियों को कंट्रोल करने के लिए बनने वाली योजनाओं के लिए रास्ता आसान हो जाएगा.§֍:पशुगणना से जुड़ी कुछ खास बातें ये भी हैं §ֆ:• पशुगणना पर कुल 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
• अक्टूबर 2024 से मई 2025 तक पशुगणना होगी.
• गाय की 53 नस्लों की गिनती की जाएगी.
• भैंस की 20 नस्लों की गिनती की जाएगी.
• भेड़ की 45 नस्लों की गिनती की जाएगी.
• बकरी की 39 नस्लों की गिनती की जाएगी.
• घोड़ों की आठ नस्लों की गिनती की जाएगी.
• गधों की तीन नस्लों की गिनती की जाएगी.
• सूअर की 14 नस्लों की गिनती की जाएगी.
• कुत्तों की तीन नस्लों की गिनती की जाएगी.
• मुर्गे की 20 नस्लों की गिनती की जाएगी.
• बत्तख की तीन नस्लों की गिनती की जाएगी.
• मेल और फीमेल के आधार पर गिनती होगी.
• छुट्टा गाय पहली बार गणना में शामिल होंगी.
• 10 जुलाई से लेकर नौ अगस्त तक सभी राज्यों को ट्रेनिंग दी गई है.
• स्ट्रीट डॉग को भी पहली बार गणना में शामिल किया गया है.

§देशभर में कई किसान पशुपालन को व्यवसाय के रूप में करते हैं. ऐसे में वे किसी योजना से न वंचित रहें इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर पशु जनगणना की प्लानिंग तैयार कर ली है. इसपर जोरों-शोरों से कार्य किया जा रहा है. यह जनगणना हर पांच साल में की जाती है. इसके आधार पर सभी पशुओं से जुड़ी योजनाएं बनाई जाती हैं. यह पहली बार होगा जब टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए मोबाइल ऐप पर पशुगणना हो रही है. इतना ही नहीं पहली बार पशुगणना में कुत्तों और छुट्टा गायों को भी शामिल किया गया है. वहीं कुछ नई नस्लों का भी इसमे शामिल किया गया है.

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