रामदेव के द्वार पर एक और नोटिस! पंतजलि के इस उत्पाद में मिला मांसाहारी तत्व

֍:फिर बढ़ी बाबा राम देव की परेशानी! §ֆ:जनहित याचिका में बताया गया है कि ‘दिव्य मंजन’ या ‘दिव्य दन्त मंजन’ को शाकाहारी मानते हुए उसकी पैकिंग पर हरे रंग का विशेष चिन्ह अंकित किया गया है. याचिकाकर्ता का कहना है कि ‘दिव्य मंजन’ में एक तत्व ‘सामुद्रफेन (Sepia officinalis)’ मछली से बनाया जाता है, जिसके मंजन में इस्तेमाल से वह हैरान हैं.

§֍:मंजन में मछली के प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया गया§ֆ:याचिकाकर्ता और उनके परिवार ने इस प्रोडक्ट का लंबे समय से इस्तेमाल कर यह सोचकर किया कि यह पूरी तौर पर शाकाहारी है. आखिरकार, बाबा रामदेव ने खुद अपने यूट्यूब वीडियो में स्वीकार किया है कि ‘सामुद्रफेन’ (Sepia officinalis) से निकाला जाता है और इसका ‘दिव्य मंजन’ में इस्तेमाल किया जा रहा था.

§֍:धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप, कार्रवाई की मांग§ֆ:याचिकाकर्ता का कहना है कि उनका परिवार ब्राह्मण परिवार से संबंध रखता है, जहां मांसाहारी उत्पादों का सेवन धार्मिक नजरिए से पूरी तरह वर्जित है. ऐसी स्थिति में, इस उत्पाद को लंबे समय से इस्तेमाल करने पर उन्हें गहरा धक्का पहुंचा है.§दिल्ली हाईकोर्ट में पतंजलि आयुर्वेद और बाबा रामदेव समेत अन्य के खिलाफ एक जनहित याचिका दाखिल की गई है. आरोप है कि बाजार में ‘दिव्य मंजन’ को शाकाहारी उत्पाद बताकर बेचा जा रहा है, जबकि उसमें मछली के तत्व शामिल हैं. इस याचिका को लेकर शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, पतंजलि, बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और अन्य से जवाब मांगते हुए नोटिस जारी किया.

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