बीसीसीएल ने उपभोक्ताओं के साथ की बैठक, कोयला आपूर्ति और गुणवत्ता सुधार पर दिया जोर

कोयला आपूर्ति को सुचारु बनाने और उपलब्ध कोयले के भंडार की प्रभावी निकासी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) ने शनिवार को NRS लिंकज और CIL SWMA ई-नीलामी उपभोक्ताओं के साथ एक विशेष संवाद बैठक आयोजित की। इस बैठक में कोयला व्यापारियों, विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों और उपभोक्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया और अपने सुझाव तथा अनुभव साझा किए। बैठक की अध्यक्षता बीसीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) मनोज कुमार अग्रवाल ने की। इस अवसर पर कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में अग्रवाल ने कहा कि बीसीसीएल अपने सभी उपभोक्ताओं और हितधारकों के हितों की सुरक्षा तथा उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को पारदर्शिता के साथ गुणवत्तापूर्ण कोयला उपलब्ध कराना और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करना कंपनी की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए हर स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में कंपनी निरंतर काम कर रही है। उन्होंने बैठक में शामिल सभी उपभोक्ताओं का धन्यवाद देते हुए कहा कि इस प्रकार के संवाद मंच कंपनी और उपभोक्ताओं के बीच बेहतर समन्वय और विश्वास को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बैठक के दौरान कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपभोक्ताओं को बीसीसीएल द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं, प्रावधानों और प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि बिजली क्षेत्र के अलावा कंपनी अपने उपभोक्ता आधार को और विस्तारित कर रही है तथा NRS लिंकज और नीलामी उपभोक्ताओं को कोयला आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में आयोजित NRS लिंकज नीलामी (ट्रेंच-IX) के तहत विभिन्न क्षेत्रों के लिए लगभग 20 मिलियन टन कोयला उपलब्ध कराया गया।

बैठक में इस्पात क्षेत्र के उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के उपायों पर भी चर्चा की गई। साथ ही प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए बीसीसीएल ने ई-नीलामी के तहत कोयला उठाव पर आकर्षक नकद छूट योजना लागू की है। इस योजना के तहत उठाव की मात्रा के आधार पर 100 से 600 रुपये प्रति टन तक की छूट प्रदान की जा रही है। यह छूट बिल की गई मात्रा या रेक की संख्या के आधार पर तय की जाएगी और कोयला उठाव पूरा होने के बाद अंतिम भुगतान के समय समायोजित की जाएगी।

बैठक में कोयला उठाव की प्रक्रिया को सुचारु और समयबद्ध बनाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि सभी क्षेत्रों में समय पर कोटा और आवंटन जारी किए जा रहे हैं ताकि उठाव में किसी प्रकार की देरी न हो। खनन चालान अनुमति की प्रक्रिया को तेज करने के लिए धनबाद जिला प्रशासन और जिला खनन अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित किया गया है, जिससे अनुमति दो से तीन दिनों के भीतर जारी की जा सके। इसके अलावा अनुमति प्रक्रिया को तेज बनाने के लिए वॉलेट सिस्टम भी शुरू किया गया है।

कोयले की गुणवत्ता से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कंपनी ने बताया कि सभी क्षेत्रों को गुणवत्ता मानकों के प्रति संवेदनशील बनाया गया है और क्षेत्रीय महाप्रबंधक नियमित रूप से खदानों का निरीक्षण कर रहे हैं। साथ ही खदान से लेकर साइडिंग तक कोयले की आवाजाही की निगरानी की जा रही है ताकि गुणवत्ता बनी रहे।

बैठक के दौरान उपभोक्ताओं को कोयला उठाव में आने वाली चुनौतियों—जैसे स्थानीय कानून-व्यवस्था या अन्य संचालन संबंधी समस्याओं—के समाधान के लिए भी कदम उठाने पर चर्चा की गई।

इस संवाद कार्यक्रम को बीसीसीएल और उसके उपभोक्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा कोयला आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

 

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