चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी की जीत, गठबंधन के बाद भी क्यों हार गई कांग्रेस- AAP

֍:चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी की जीत

§ֆ:16 वोट के साथ मनोज सोनकर चुनावी बाजी जीकर चंडीगढ़ शहर के अगले मेयर निर्वाचित हो गए. चंडीगढ़ मेयर चुनाव नतीजों के ऐलान के बाद आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के साझा उम्मीदवार को वोटों का गणित पक्ष में होते हुए भी हार का सामना करना पड़ा.

§֍:क्या है चंडीगढ़ नगर निगम का नंबर गेम§ֆ:चंडीगढ़ नगर निगम में बीजेपी के 14 पार्षद हैं. संख्याबल के लिहाज से बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है. बीजेपी के बाद 13 पार्षदों के साथ आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ नगर निगम में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. कांग्रेस के सात पार्षद हैं और एक पार्षद शिरोमणि अकाली दल का है. चंडीगढ़ मेयर चुनाव में स्थानीय सांसद को भी मतदान का अधिकार है. चंडीगढ़ से बीजेपी की किरण खेर सांसद हैं. किरण खेर को भी जोड़ लें तो बीजेपी की स्ट्रेंथ 15 पहुंचती है जबकि साझा उम्मीदवार उतारने वाली आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की स्ट्रेंथ 20 पार्षदों की है.

§֍:जीत कर भी क्यों हार गई कांग्रेस- आप §ֆ:

§ֆ:चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं और एक सांसद का वोट है. कुल 36 वोट वाले मेयर चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए 19 वोट के आंकड़े तक पहुंचना जरूरी था. बीजेपी के पास उसके अपने पार्षदों, सांसद मिलाकर संख्याबल 15 वोट तक ही पहुंच रहा था. शिरोमणि अकाली दल के एकमात्र पार्षद का वोट भी जोड़ लें तो बीजेपी का वोट 16 तक ही पहुंच रहा था. दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी के 13 और कांग्रेस के सात मिलाकर वोटों का आंकड़ा 20 तक पहुंच जा रहा था. दोनों दलों ने जब हाथ मिलाकर साझा उम्मीदवार उतारा, मेयर चुनाव में गठबंधन की जीत सुनिश्चित मानी जाती रही थी. लेकिन जब नतीजे आए, बीजेपी जीत का परचम लहरा चुकी थी.

§֍:कैसे बिगड़ गया कांग्रेस-AAP का गेम§ֆ:कैसे बिगड़ गया कांग्रेस-AAP का गेम

मेयर चुनने के लिए सभी 35 पार्षदों और सांसद किरण खेर ने वोट डाले. वोटिंग के बाद वोटों की गिनती शुरू हुई. बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में 16 वोट पड़े थे. शिरोमणि अकाली दल के एकमात्र पार्षद का वोट जोड़कर इतना ही पहुंच रहा था. वहीं, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के साझा उम्मीदवार के पक्ष में 20 वोट पड़े थे जितने थे.

अब हुआ ये कि कांग्रे-AAP उम्मीदवार के पक्ष में पड़े 20 में से आठ वोट रिजेक्ट हो गए. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के वोट 13 प्लस 7 यानी 20 से 8 वोट रिजेक्ट होने की वजह से माइनस हो गए. इसके बाद दोनों दलों के साझा उम्मीदवार को मिले वैलिड वोट 12 ही बचे. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के 12 वैलिड वोट के मुकाबले बीजेपी उम्मीदवार मनोज सोनकर के पक्ष में 16 वोट थे. वोटों की गिनती के बाद बीजेपी उम्मीदवार को विजयी घोषित कर दिया गया.
§֍:कोर्ट जाएगी आम आदमी पार्टी§ֆ:

§ֆ:आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कोर्ट जाने का ऐलान किया है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा है कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव में दिन-दहाड़े जिस तरह से बेईमानी की गई है, वह बेहद चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि एक मेयर के चुनाव में ये लोग जब इतना गिर सकते हैं तब देश के चुनाव में तो ये किसी भी हद तक जा सकते हैं. वहीं, चंडीगढ़ नगर निगम की पार्षद प्रेमलता ने हाईकोर्ट जाने का ऐलान किया.§पिछले कई दिनों चंडीगढ़ में मेयर चुनाव को लेकर सियासी माहौल गर्म नजर आ रहा था. इस सियासी गहमागहमी के बीच चंडीगढ़ से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल, चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बाजी मार ली है. हालांकि बीजेपी संख्या के हिसाब से विपक्षी पार्टी कांग्रेस- आप के गठजोड़ से पीछे थी. लेकिन बवाजूद इसके बीजेपी ने पार्षद चुनाव में जीत हासिल की.
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