यात्रा के स्वागत में इस बार कुल 42 वेलकम स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें से लगभग 30 स्टॉल मुस्लिम समुदाय द्वारा लगाए गए हैं। यह कदम क्षेत्र में आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द्र की अनूठी मिसाल पेश करता है। नूंह में हिंदू और मुस्लिम समुदाय वर्षों से मिल-जुलकर रहते आए हैं, और यह यात्रा उसका प्रत्यक्ष प्रमाण बन रही है।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
पिछले साल की हिंसा में जहां पांच लोगों की जान गई थी और करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ था, वहीं इस बार जिला प्रशासन ने सुरक्षा के सभी पुख्ता इंतजाम किए हैं।
- 14 डीएसपी और 2500 पुलिसकर्मी
- ड्रोन से निगरानी
- खोजी कुत्ते और घुड़सवार पुलिस की तैनाती
- संवेदनशील इलाकों में विशेष पेट्रोलिंग
जिला उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा और एसपी राजेश कुमार खुद हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अरावली पर्वतमाला तक में तलाशी अभियान चलाया गया है ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके।
