समेकित रक्षा स्टाफ प्रमुख एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित ने DSSC वेलिंगटन में 81वें स्टाफ कोर्स को संबोधित किया

समेकित रक्षा स्टाफ प्रमुख (CISC) एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित ने 22 से 24 मार्च 2026 के बीच डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (DSSC), वेलिंगटन का औपचारिक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों के अधिकारी प्रशिक्षुओं, मैत्रीपूर्ण विदेशी देशों से आए अधिकारियों तथा DSSC के स्थायी स्टाफ को संबोधित किया।

 

युद्ध के बदलते स्वरूप और सैन्य नेतृत्व की नई भूमिका पर जोर

अपने संबोधन में एयर मार्शल दीक्षित ने युद्ध के लगातार बदलते स्वरूप पर विस्तार से बात की और कहा कि आधुनिक सुरक्षा परिदृश्य में सैन्य नेतृत्व को नए खतरों और तकनीकी परिवर्तनों के अनुरूप स्वयं को निरंतर अद्यतन करना आवश्यक है।

उन्होंने वर्तमान समय में भारत के सामने मौजूद रणनीतिक चुनौतियों, क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य और वैश्विक सैन्य परिवर्तनों का उल्लेख करते हुए जॉइंटनेस और इंटर-सेवा तालमेल को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

CISC ने यह भी रेखांकित किया कि भारतीय सेना में चल रहे परिवर्तनकारी सुधार—संयुक्त संचालन, संसाधनों का अनुकूलन और नई तकनीकों का समावेश—उभरती सुरक्षा परिस्थितियों से निपटने के लिए निर्णायक सिद्ध हो रहे हैं।

 

DSSC की भूमिका की सराहना

DSSC के कमांडेंट ने एयर मार्शल दीक्षित को कॉलेज में चल रही विभिन्न सैन्य प्रशिक्षण गतिविधियों और कोर्स संरचना के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

एयर मार्शल दीक्षित ने—

उन्होंने कहा कि सूचित निर्णय-निर्माण, रणनीतिक दृष्टिकोण और संयुक्त सैन्य शक्ति का निर्माण आधुनिक युद्धकला के लिए अनिवार्य है, और DSSC इस दिशा में एक अग्रणी संस्था है।

यह दौरा भारतीय सैन्य नेतृत्व की तैयारी, अंतर-सेवा सहयोग और 21वीं सदी के सुरक्षा वातावरण के अनुरूप रणनीतिक दृष्टिकोण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

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