CM योगी ने दी पश्चिमी UP के इस बड़े हर को सौगात, 15 हजार करोड़ की लागत से आएगा बदलाव

֍:योगी सरकार का अहम फैसला §ֆ:मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरठ एक ऐतिहासिक, औद्योगिक और शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है, जिसे खेल, शिक्षा, संस्कृति और व्यापार का प्रेरणादायी केंद्र बनाया जाना चाहिए. उन्होंने इस योजना को मेरठ के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक मील का पत्थर बताया और सभी परियोजनाओं को पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप क्रियान्वित करने के निर्देश दिए.§֍:मेरठ की पहचान को मिल रही नई दिशा§ֆ:न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेरठ का स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा इतिहास, खेल उद्योग में अग्रणी भूमिका, और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता इसे एक विशेष स्थान प्रदान करती है. उन्होंने कहा कि इस योजना में स्थानीय पहचान, परंपरागत शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को विशेष रूप से संरक्षित करते हुए विकास कार्य किए जाने चाहिए. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्मार्ट मेरठ की परिकल्पना को मूर्त रूप देने के लिए शहर में केवल डिजिटल होर्डिंग लगाए जाएं, पूरे नगर को सीसीटीवी नेटवर्क से जोड़ा जाए और निगरानी व्यवस्था को व्यापारिक प्रतिष्ठानों व आम नागरिकों की भागीदारी से और मजबूत किया जाए. उन्होंने कहा कि निगरानी फुटेज आवश्यकता पड़ने पर पुलिस के लिए आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए.§֍:सार्वजनिक सुविधाएं और स्वच्छता व्यवस्था होगी मजबूत§ֆ:मुख्यमंत्री ने नगर में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, नदियों के पुनर्जीवन, और स्वच्छता अभियानों को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि मेरठ को पर्यावरणीय दृष्टि से अनुकरणीय शहर के रूप में स्थापित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, सार्वजनिक परिवहन में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने, और सीवरेज-ड्रेनेज प्रबंधन को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से विकसित करने पर विशेष बल दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि एसटीपी की तकनीक के साथ-साथ प्राकृतिक जल प्रवाह को बनाए रखते हुए ड्रेनेज की व्यवस्था की जानी चाहिए.§मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ को आधुनिक बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक पहचान के साथ विकसित करने की दिशा में इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान की समीक्षा की. बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत 93 परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग 15,000 करोड़ रुपये है. इनमें से छह परियोजनाओं पर कार्य आरंभ हो चुका है.

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