चक्रवात अर्नब की रफ्तार पड़ी धीमी, लेकिन बारिश का खतरा बरकरार
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 29 अक्टूबर के ताजा अपडेट के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्नब 28 अक्टूबर की रात कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र (Deep Depression) में बदल गया। रात 11:30 बजे इसका केंद्र उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के आसपास स्थित था।
मौसम विभाग के अनुसार, यह प्रणाली उत्तर की ओर बढ़ते हुए 29 अक्टूबर की सुबह और कमजोर होने तथा शाम तक कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। हालांकि तूफान कमजोर पड़ने का मतलब बारिश का खतरा पूरी तरह समाप्त होना नहीं है।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बारिश से बढ़ी परेशानी
Weather Update 29 October 2026 के अनुसार, ओडिशा के मलकानगिरि, कोरापुट, रायगड़ा, नबरंगपुर, गजपति और गंजाम जैसे जिलों में भारी बारिश के कारण विशेष सतर्कता बरती जा रही है। निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन राहत व्यवस्था पर ध्यान दे रहा है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी तेज बारिश के बाद सामान्य जनजीवन और खेती से जुड़े कार्य प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग की तटीय चेतावनी के मुताबिक दक्षिण ओडिशा के समुद्री क्षेत्रों में लहरें ऊंची रहने और समुद्र की स्थिति खराब होने की चेतावनी दी गई है।
उत्तर प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदल रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, सोनभद्र और मिर्जापुर सहित कई जिलों में बारिश तथा गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
कुछ क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की आशंका भी है। प्रयागराज, प्रतापगढ़, रायबरेली, सुल्तानपुर और आसपास के जिलों में भी बदलते मौसम का असर देखने को मिल सकता है। किसानों के लिए यह मौसम विशेष चिंता का विषय है, क्योंकि इस समय कई क्षेत्रों में धान की कटाई और रबी फसलों की बुवाई की तैयारियां चल रही हैं।
बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में कैसा रहेगा मौसम?
बिहार में 29 से 31 अक्टूबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। झारखंड में रांची, हजारीबाग, रामगढ़, खूंटी और पूर्वी सिंहभूम समेत कई जिलों में बारिश की चेतावनी सामने आई है। छत्तीसगढ़ के दक्षिणी और पूर्वी क्षेत्रों में भी चक्रवाती प्रणाली का प्रभाव बना रह सकता है।पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की आशंका
दिल्ली और आसपास के इलाकों में 29 अक्टूबर को बारिश और गरज-चमक का येलो अलर्ट सामने आया है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद सहित कई क्षेत्रों में तेज हवा और बिजली चमकने की संभावना है।
कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है। हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के कुछ हिस्सों में भी मौसम अस्थिर रहने का पूर्वानुमान है। बारिश होने पर दिन के तापमान में गिरावट महसूस की जा सकती है।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश का दौर
चक्रवात अर्नब का प्रभाव पश्चिम बंगाल के दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में भी देखने को मिल सकता है। पूर्व मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झाड़ग्राम और पुरुलिया में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और कालिम्पोंग जैसे क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहने की आशंका है। सिक्किम की राजधानी गंगटोक और आसपास के इलाकों में 29 अक्टूबर की सुबह बारिश शुरू होने की सूचना मिली है।
बारिश का किसानों की फसलों पर क्या असर पड़ेगा?
Cyclone Arnab Latest Update किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है। जिन खेतों में धान की फसल पककर तैयार है, वहां बारिश से कटाई और मड़ाई में देरी हो सकती है। खुले में रखा धान भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। वहीं गेहूं, चना, मटर और सरसों की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों को खेत की नमी और मौसम का ध्यान रखना चाहिए। अधिक गीली मिट्टी में ट्रैक्टर चलाने या बुवाई करने से मिट्टी की संरचना खराब हो सकती है। किसानों को इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
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कटाई के बाद धान को सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर रखें।
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खेतों में जलभराव होने पर पानी निकासी की व्यवस्था करें।
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बारिश और तेज हवा के दौरान कीटनाशकों का छिड़काव टालें।
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बिजली चमकने पर खेत, खुले स्थान और पेड़ों के नीचे काम न करें।
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बुवाई से पहले मिट्टी की नमी और स्थानीय मौसम पूर्वानुमान जरूर जांचें।
अगले 24 से 48 घंटे क्यों महत्वपूर्ण?
मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार, चक्रवात अर्नब कमजोर हो रहा है, लेकिन इसके प्रभाव से बनी बारिश की परिस्थितियां कई राज्यों में आगे भी बनी रह सकती हैं। विशेष रूप से पूर्वी भारत और मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर सावधानी जरूरी है।
किसानों और आम नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने जिले के नवीनतम मौसम अलर्ट का पालन करें। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बारिश की तीव्रता और हवा की रफ्तार अलग-अलग हो सकती है। ताजा आधिकारिक जानकारी के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की वेबसाइट देखी जा सकती है।
