ֆ:मजेंटा लाइन है सबसे ऊंचा हिस्सा§ֆ:दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की ओर से कहा गया है कि इस कॉरिडोर का निर्माण बेहद चुनौती पूर्ण था. यह कॉरिडोर फेज चार में निर्माणाधीन 29.262 किलोमीटर लंबी जनकपुरी पश्चिमी-आरके आश्रम मेट्रो लाइन का है यह हिस्सा है जो वर्तमान मजेंटा लाइन की विस्तार परियोजना है. इसलिए मेट्रो का सबसे ऊंचा कॉरिडोर अब मजेंटा लाइन का हिस्सा होगा. हैदरपुर बादली में पहले से येलो लाइन का स्टेशन है. हैदरपुर बादली मोड में फेज चार के मेट्रो कॉरिडोर का प्लेटफॉर्म भी वर्तमान स्टेशन के ऊपर बनाया गया है. इसी वजह से बाहरी रिंग रोड के पास 490 मीटर लंबा सेक्शन येलो लाइन के ऊपर से गुजर रहा है और हैदरपुर बादली मोड़ मेट्रो स्टेशन के पास पिलर नंबर 340 पर मेट्रो कॉरिडोर की ऊंचाई सबसे अधिक 28.362 मीटर है.§֍:27.610 है मेट्रो की ऊंचाई§ֆ:डीएमआरसी का कहना है कि फेज चार के कॉरिडोर के लिए वर्तमान यलो लाइन के ऊपर स्टील स्पैन डालकर एलिवेटेड कारिडोर बनाया गया. यलो लाइन पर मेट्रो का परिचालन व सुरक्षा में व्यवधान न पड़े इसके लिए इंजीनियरों ने तीन चरणों में सुरक्षित तरीके से निर्माण पूरा किया. निर्माणाधीन स्थल पर जगह जगह सीमित थी, इसलिए पारंपरिक जमीनी सपोर्ट के बजाय मैकलाय बार्स का इस्तेमाल कर वैकल्पिक सपोर्ट सिस्टम तैयार किया गया था. मेट्रो का दूसरा सबसे ऊंचा वायाडक्ट भी इसी कॉरिडोर पर हैदरपुर बादली मोड के पास रेलवे क्रॉसिंग के पास तैयार किया गया है. रेलवे क्रासिंग के ऊपर 52.288 मीटर का लंबा स्टील स्पैन लगाकर मेट्रो कॉरिडोर तैयार किया. इस जगह पर मेट्रो कॉरिडोर की ऊंचाई 27.610 मीटर है. इस जगह मेट्रो के वायाडक्ट और चालू रेलवे ट्रैक के बीच जगह की कमी के कारण रेलवे के ओवरहेड इलेक्ट्रिकल वायर से बहुत कम दूरी के अंतर पर दो भारी-भरकम क्रेनों का इस्तेमाल कर यह कॉरिडोर तैयार किया गया. प्रत्येक क्रेन ने 142-मीट्रिक टन के स्टील गर्डर उठाकर यह काम पूरा किया.§֍:DMRC ने कही ये बात§ֆ: लवे व यलो लाइन पर मेट्रो का परिचालन ज्यादा प्रभावित न हो इसके लिए कार्य रात के वक्त मेट्रो का परिचालन बंद होने के बाद किया गया. जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम कॉरिडोर का पूरा हिस्सा अगले वर्ष मार्च तक बनकर तैयार होगा. DMRC के प्रधान कार्यकारी निदेशक (जनसंपर्क) अनुज दयाल ने कहा कि इस कॉरिडोर पर मेट्रो का परिचालन शुरू होने के बाद यात्रियों को आवागमन में सुविधा बढ़ेगी और यात्रा में कम समय लगेगा.§दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने फेज चार मेट्रो लाइन पर हैदरपुर बादली मोड के पास दिल्ली मेट्रो के सबसे ऊंचे कारिडोर का निर्माण पूरा कर लिया है. यह कॉरिडोर बाहरी रिंग रोड के पास येलो लाइन के ऊपर से 28.362 मीटर की ऊंचाई पर बनाया गया है. खास बात यह है कि यह कारिडोर येलो लाइन के कारिडोर के बीच बने सिंगल पिलर के ऊपर बनाया है. इससे पहले धौला कुआं में पिंक लाइन के कारिडोर की ऊंचाई सबसे अधिक थी. धौला कुआं में पिंक लाइन के कारिडोर की ऊंचाई 23.6 मीटर है, जो एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के ऊपर से गुजर रहा है. अब डीएमआरसी ने हैदरपुर बादली मोड के पास सबसे ऊंचा मेट्रो कॉरिडोर बनाकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है.
DMRC ने बनाया सबसे ऊंचा कॉरिडोर, जानें क्या होगा खास?
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by Fiza

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