֍:डॉ. नारायाणन की उपलब्धियां§ֆ:इसरो के होने वाले नए चीफ डॉ. नारायाणन ने अपने करियर में कई उपलब्धियां प्राप्त की. इनमें GSLV Mk III व्हीकल के C25 क्रायोजेनिक प्रोजेक्ट के लिए प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में काम करना शामिल है. इतना ही नहीं डॉ. नारायणन के मार्गदर्शन में LPSC ने ISRO के अलग-अलग मिशन के लिए 183 लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम और कंट्रोल पावर प्लांट डिलिवर किए. उन्होंने PSLV के दूसरे और चौथे चरण के निर्माण की देखरेख की और PSLV C57 के लिए कंट्रोल पावर प्लांट भी तैयार किए. साथ ही उन्होंने आदित्य स्पेसक्राफ्ट, GSLV Mk-III मिशन, चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 के लिए प्रोपल्शन सिस्टम में भी योगदान दिया. §֍:कई पुरस्कार से हो चुके हैं सम्मानित§ֆ:वैज्ञानिक डॉ. नारायणन को कई पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित किया गया है. इनमें आईआईटी खड़गपुर से रजत पदक, एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (एएसआई) से स्वर्ण पदक और एनडीआरएफ से राष्ट्रीय डिजाइन पुरस्कार शामिल हैं.§भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानि इसरो के नए चाफ के नाम का ऐलान कर दिया गया है. अब 14 जनवरी से डॉ. वी नारायाणन इसरो के प्रमुख होंगे. इसकी जानकारी मंगलवार को अधिसूचना जारी कर दी गई. बता दें कि इसरो के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक डॉ. वी. नारायणन फिलहाल लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर के डायरेक्टर हैं. उन्होंने अपने करियर में इसरो के कई प्रमुख पदों पर काम किया है.
ISRO के नए चीफ बनेंगे डॉ. वी नारायाणन, 14 जनवरी से संभालेंगे कार्यभार!
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by Fiza

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