अनिल अंबानी पर ED का शिकंजा: 68 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी मामले में छापेमारी, 5 अगस्त को पूछताछ

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी समूह से जुड़े 68.2 करोड़ रुपये के फर्जी बैंक गारंटी मामले में नई कार्रवाई करते हुए ओडिशा और कोलकाता में छापेमारी की। यह जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा 11 नवंबर, 2024 को दर्ज मामले के आधार पर की जा रही है। ईडी का आरोप है कि अनिल अंबानी की कंपनी को इसी फर्जी गारंटी के आधार पर सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) से ठेका मिला था।

जानें क्या है पूरा मामला?

17,000 करोड़ के लोन फ्रॉड केस से भी जुड़ाव

इसी सिलसिले में, ईडी ने अनिल अंबानी को 5 अगस्त को दिल्ली स्थित अपने कार्यालय में पूछताछ के लिए तलब किया है। यह जांच 17,000 करोड़ रुपये के कथित लोन फ्रॉड से जुड़ी है, जिसमें यस बैंक द्वारा 2017-19 के बीच अनिल अंबानी की कंपनियों को दिए गए ऋणों का दुरुपयोग करने का आरोप है ।

कंपनियों ने किया अपना बचाव

रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने स्टॉक एक्सचेंज को भेजे बयान में कहा है कि ईडी की कार्रवाई का उनके व्यवसाय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और यह मामला 10 साल पुराने लेन-देन से जुड़ा है।

आगे की कार्रवाई

ईडी अब नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NIXI) से नकली ईमेल डोमेन के रजिस्ट्रेशन का विवरण मांग रही है। साथ ही, अघोषित बैंक खातों और करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन की भी जांच चल रही है।

अनिल अंबानी की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। 5 अगस्त को उनकी ईडी के सामने पेशी होनी है, जिसके बाद मामले में नए खुलासे हो सकते हैं। यह केस भारत के कॉर्पोरेट घरानों और बैंकिंग व्यवस्था में वित्तीय धोखाधड़ी की बड़ी तस्वीर को उजागर करता है।

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