फरीदकोट में नकली खाद फैक्ट्री का भंडाफोड़, किसानों की फसलों से हो रहा था बड़ा खिलवाड़

Fake fertilizer factory busted in Faridkot, farmers' crops were being tampered with

Faridkot Fake Fertilizer: पंजाब के फरीदकोट जिले में नकली खाद और कृषि उत्पादों के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है. खेतीबाड़ी विभाग की विशेष टीम ने स्थानीय नारायण नगर में छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली और एक्सपायरी कृषि उत्पाद बरामद किए हैं. इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है, वहीं किसानों के बीच भी चिंता बढ़ गई है कि कहीं उनके खेतों तक भी नकली खाद और पोटाश तो नहीं पहुंच चुका.

जानकारी के मुताबिक, खेतीबाड़ी विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि फरीदकोट में कुछ लोग नकली कृषि उत्पादों की पैकिंग बदलकर उन्हें असली ब्रांड के नाम पर बाजार में बेच रहे हैं. इसी सूचना के आधार पर संयुक्त निदेशक नरिंदर सिंह बैणीपाल के नेतृत्व में चंडीगढ़ से विशेष टीम बुधवार को फरीदकोट पहुंची. टीम ने जिला खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. कुलवंत सिंह, एडीओ एनफोर्समेंट डॉ. जतिंदरपाल मान और अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर नारायण नगर की गली नंबर-2 स्थित कोठी नंबर-87 में छापेमारी की.

छापेमारी के दौरान अधिकारियों को मौके से भारी मात्रा में नकली पोटाश, जिंक, खाद, खाली पाउच, बोरियां और पैकिंग मशीनें बरामद हुईं. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि एक्सपायरी हो चुके उत्पादों की नई पैकिंग कर उन्हें बाजार में सप्लाई किया जा रहा था. विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह धंधा काफी समय से गुपचुप तरीके से चल रहा था और इसकी सप्लाई पंजाब के कई जिलों तक की जा रही थी.

हालांकि, कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री संचालक मौके से फरार हो गया. अधिकारियों ने मौके से बरामद सभी उत्पादों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं. रिपोर्ट आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. विभाग का कहना है कि यदि जांच में उत्पाद नकली पाए जाते हैं तो आरोपियों पर फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया जाएगा.

विशेषज्ञों का मानना है कि नकली खाद और कृषि उत्पाद किसानों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं. इससे फसलों की गुणवत्ता प्रभावित होती है, उत्पादन घटता है और किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है. कई बार ऐसे उत्पाद मिट्टी की उर्वरता को भी नुकसान पहुंचाते हैं, जिसका असर लंबे समय तक बना रहता है.

इस मामले के सामने आने के बाद खेतीबाड़ी विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी दुकानों से ही खाद और कृषि उत्पाद खरीदें तथा खरीदारी के समय बिल जरूर लें. साथ ही किसी भी संदिग्ध उत्पाद की सूचना तुरंत विभाग को दें.

फरीदकोट में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर कृषि क्षेत्र में नकली उत्पादों के बढ़ते कारोबार की गंभीरता को उजागर कर दिया है. अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है.

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