इंदौर में शुरू हुआ पांच दिवसीय ब्रिक्स कृषि सम्मेलन, खाद्य सुरक्षा और किसानों के सशक्तिकरण पर रहेगा फोकस

Five-day BRICS agriculture summit started in Indore, focus on food security and empowerment of farmers

मध्य प्रदेश के इंदौर में गुरुवार से पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स कृषि सम्मेलन का शुभारंभ हो गया। खाद्य सुरक्षा, जलवायु-अनुकूल खेती, कृषि नवाचार और छोटे किसानों के सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित इस सम्मेलन में दुनिया के 21 देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, नीति विशेषज्ञ और कृषि वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं। सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक कृषि चुनौतियों के समाधान के लिए सहयोग बढ़ाना और टिकाऊ कृषि-खाद्य प्रणालियों के निर्माण की दिशा में साझा रणनीति तैयार करना है।

यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब दुनिया जलवायु परिवर्तन, खाद्य आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान, बढ़ती जनसंख्या और कृषि क्षेत्र की नई चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में ब्रिक्स देशों और साझेदार राष्ट्रों के बीच सहयोग को मजबूत बनाने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

21 देशों के प्रतिनिधि कर रहे हैं भागीदारी

सम्मेलन में Brazil, China, South Africa, Indonesia, Iran, United Arab Emirates सहित 21 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। कृषि मंत्रियों, नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों की उपस्थिति सम्मेलन को वैश्विक महत्व प्रदान कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि क्षेत्र में ज्ञान, तकनीक और अनुभवों के आदान-प्रदान से सदस्य देशों को कृषि उत्पादन बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसानों की आय में सुधार करने में मदद मिलेगी।

खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ कृषि पर विशेष जोर

सम्मेलन के शुरुआती सत्रों में खाद्य सुरक्षा, जलवायु-अनुकूल खेती और कृषि नवाचार जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा की जा रही है। दुनिया भर में बढ़ती जलवायु चुनौतियों को देखते हुए कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और लचीला बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीकों, डिजिटल कृषि, स्मार्ट सिंचाई प्रणालियों और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देकर कृषि उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सकता है।

सम्मेलन में इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि किस प्रकार कृषि क्षेत्र को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से सुरक्षित बनाया जाए और किसानों को नई तकनीकों तथा नवाचारों से जोड़ा जाए।

छोटे किसानों के सशक्तिकरण पर रहेगा विशेष फोकस

ब्रिक्स कृषि सम्मेलन का एक प्रमुख उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को मजबूत बनाना है। सदस्य देशों का मानना है कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा तभी सुनिश्चित की जा सकती है जब छोटे किसानों की उत्पादकता, आय और बाजार तक पहुंच में सुधार हो।

सम्मेलन में इस बात पर विचार किया जा रहा है कि किसानों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, वित्तीय सहायता, कृषि ऋण और बेहतर बाजार सुविधाएं कैसे उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा कृषि मूल्य श्रृंखला में किसानों की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें अधिक लाभ दिलाने के उपायों पर भी चर्चा हो रही है।

महिलाओं और युवाओं की भूमिका पर विशेष चर्चा

12 जून को आयोजित होने वाले विशेष मंत्रीस्तरीय संवाद में महिलाओं और युवाओं की भूमिका को केंद्र में रखा जाएगा। इस सत्र में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महिला किसानों और युवा उद्यमियों के योगदान पर चर्चा होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और युवाओं को कृषि स्टार्टअप, एग्री-टेक तथा नवाचारों से जोड़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिल सकती है। यही कारण है कि सम्मेलन में समावेशी कृषि विकास को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

वैश्विक कृषि व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

ब्रिक्स देशों का कृषि उत्पादन और खाद्य बाजार वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे में सम्मेलन के दौरान कृषि व्यापार, निर्यात-आयात सहयोग और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने पर भी चर्चा की जा रही है।

प्रतिनिधियों का मानना है कि सदस्य देशों के बीच व्यापारिक सहयोग बढ़ाकर खाद्य उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है तथा किसानों के लिए नए बाजार खोले जा सकते हैं। इससे कृषि क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

13 जून को होगी कृषि मंत्रियों की बैठक

सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण चरण 13 जून को आयोजित होने वाली ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक होगी। इस बैठक में सदस्य देशों के कृषि मंत्री विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे और भविष्य के सहयोग के लिए साझा रणनीति तैयार करेंगे।

बैठक में खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, कृषि अनुसंधान, डिजिटल कृषि, तकनीकी सहयोग और किसानों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। साथ ही सदस्य देशों के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।

भारत के लिए महत्वपूर्ण अवसर

भारत के लिए यह सम्मेलन विशेष महत्व रखता है क्योंकि देश कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार, डिजिटल कृषि, प्राकृतिक खेती और किसान कल्याण योजनाओं को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। इंदौर में आयोजित यह सम्मेलन भारत को अपनी उपलब्धियों और सफल मॉडलों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगा।

इसके साथ ही भारत अन्य देशों के अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं से सीख लेकर अपने कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा।

इंदौर में शुरू हुआ पांच दिवसीय ब्रिक्स कृषि सम्मेलन वैश्विक खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ कृषि और किसानों के सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। 21 देशों की भागीदारी इस आयोजन की वैश्विक महत्ता को दर्शाती है। खाद्य सुरक्षा, जलवायु-अनुकूल खेती, कृषि नवाचार, महिलाओं और युवाओं की भागीदारी तथा वैश्विक कृषि व्यापार जैसे मुद्दों पर होने वाली चर्चाएं भविष्य की कृषि नीतियों को नई दिशा दे सकती हैं। सम्मेलन से सदस्य देशों के बीच सहयोग मजबूत होने और किसानों के लिए नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

 

 

 

 

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