महिला आदिवासी किसान स्ट्रॉबेरी की खेती कर बन रही हैं आत्मनिर्भर

Published on: February 17, 2021 (01:46 IST)

झारखंड के आदिवासी बाहुल्य पश्चिमी सिंहभूम जिले के तांतनगर प्रखंड की पांच प्रगतिशील महिला किसानों ने ग्रामीण विकास विभाग झारखंड सरकार के सौजन्य से संचालित जेएसएलपीएस के महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना से जुड़कर स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की है।

ये पांचों महिला किसान अलग-अलग गांव की हैं। जिसमें चुनाई चातर ग्राम काठभारी, शंकरी कुन्टिया ग्राम चिरची, रानी कुंकल और पार्वती कुंकल दोनों ग्राम टांगरपोखरिया और सुनीता सामड ग्राम गितिलादर शामिल हैं।
तांतनगर की ये सभी पांच प्रगतिशील महिला किसानों द्वारा टिशू कल्चर स्ट्रॉबेरी किस्म के पौधे की खेती 75 डिसमिल जमीन में की गयी है। इसकी सिंचाई सूक्ष्म टपक परियोजना से की जाती है। इन महिलाओं को जेएसएलपीएस द्वारा वैज्ञानिक एवं तकनीकी सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। इसके साथ ही क्षेत्र के अन्य महिला किसानों को इससे जोड़ा जा रहा है।

स्ट्रॉबेरी की खेती कर रही आदिवासी महिला किसानों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन एवं जेएसएलपीएस पहल कर रहा है। अपने स्ट्रॉबेरी उत्पाद को लेकर समाहरणालय पहुंची महिला किसान सुनाय चातर और शंकरी कुन्टिया से उपायुक्त अरवा राजकमल, पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा, उपविकास आयुक्त संदीप वक्षी, बीडीओ अनन्त कुमार ने स्ट्रॉबेरी खरीद कर प्रोत्साहित किया।

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