Happy Seeder vs Super Seeder: खेती में मशीनों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। खासकर धान की कटाई के बाद गेहूं की बुवाई करने वाले किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या खेत में बची पराली और अगली फसल की समय पर बुवाई होती है। पहले किसान खेत को खाली करने के लिए पराली जलाने या कई बार जुताई करने का सहारा लेते थे, लेकिन अब Happy Seeder और Super Seeder जैसी मशीनों ने इस काम को काफी आसान बना दिया है।
पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दूसरे गेहूं उत्पादक क्षेत्रों में इन दोनों मशीनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। दोनों का उद्देश्य पराली प्रबंधन को आसान बनाना और गेहूं की बुवाई में मदद करना है, लेकिन इनके काम करने का तरीका एक जैसा नहीं है।
इसी वजह से बहुत से किसानों के मन में सवाल रहता है कि Happy Seeder vs Super Seeder में कौन बेहतर है, किस मशीन में खर्च कम आता है, कौन-सी मशीन खेत को ज्यादा अच्छी तरह तैयार करती है और छोटे या बड़े किसान के लिए कौन-सा विकल्प सही रहेगा। आइये जानते हैं, Happy Seeder और Super Seeder के बीच अंतर, इनके फायदे, नुकसान, ट्रैक्टर पावर की जरूरत को…….
Happy Seeder क्या है?
Happy Seeder एक कृषि मशीन है, जिसका इस्तेमाल खास तौर पर धान की कटाई के बाद खेत में मौजूद फसल अवशेष के बीच सीधे गेहूं की बुवाई करने के लिए किया जाता है।
इस मशीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसान को धान की पराली पूरी तरह हटाने की जरूरत नहीं पड़ती। मशीन खेत में मौजूद अवशेष को संभालते हुए मिट्टी में बीज डालती है। इस तरीके को आम तौर पर Zero Tillage या कम जुताई वाली खेती से जोड़ा जाता है।Happy Seeder के आगे लगे हिस्से फसल के अवशेष को रास्ते से हटाते या काटते हैं और पीछे मौजूद सीडिंग यूनिट गेहूं के बीज को मिट्टी में उचित गहराई पर डालती है।इससे किसान को बार-बार जुताई, खेत की तैयारी और पराली हटाने पर खर्च कम करना पड़ सकता है।
Happy Seeder कैसे काम करता है?
धान की कटाई के बाद खेत में बड़ी मात्रा में भूसा और डंठल बचे रहते हैं। सामान्य सीड ड्रिल के साथ ऐसी स्थिति में सीधे बुवाई करना मुश्किल हो सकता है।Happy Seeder खेत में चलते समय फसल अवशेष को मैनेज करता है और बीज बोने के लिए मिट्टी में संकरी लाइन बनाता है। इसके बाद बीज मिट्टी के अंदर डाल दिया जाता है।खेत की सतह पर बचा हुआ फसल अवशेष धीरे-धीरे mulch की तरह काम कर सकता है।यही कारण है कि Happy Seeder for wheat sowing after paddy किसानों के बीच लोकप्रिय विकल्प माना जाता है।
Super Seeder क्या है?
Super Seeder भी पराली प्रबंधन और गेहूं की बुवाई के लिए इस्तेमाल होने वाली कृषि मशीन है, लेकिन इसका काम करने का तरीका Happy Seeder से अलग है। Super Seeder खेत में मौजूद धान के डंठल और पराली को छोटे हिस्सों में काटता है, उन्हें मिट्टी में मिलाने में मदद करता है और उसी प्रक्रिया के साथ गेहूं की बुवाई भी कर सकता है।इसमें आमतौर पर rotary cutting या tilling mechanism होता है। इसलिए यह केवल बीज डालने का काम नहीं करता, बल्कि मिट्टी की ऊपरी परत को भी तैयार करता है। जिन किसानों को बुवाई के साथ खेत की हल्की तैयारी और पराली को मिट्टी में मिलाना होता है, उनके लिए Super Seeder उपयोगी साबित हो सकता है।
Super Seeder कैसे काम करता है?
Super Seeder ट्रैक्टर के PTO से शक्ति लेकर काम करता है। इसके rotating blades खेत में मौजूद धान के अवशेष को काटते हैं और मिट्टी के साथ मिलाते हैं। इसके बाद मशीन का seed sowing mechanism गेहूं के बीज को मिट्टी में निर्धारित गहराई पर डाल देता है। इस तरह एक ही ऑपरेशन में किसान को residue management, soil preparation और sowing जैसे कई काम करने में मदद मिल सकती है। इसी वजह से Super Seeder for paddy residue management की मांग उन क्षेत्रों में ज्यादा देखने को मिलती है, जहां धान-गेहूं फसल चक्र अपनाया जाता है।
Happy Seeder vs Super Seeder: मुख्य अंतर
Happy Seeder और Super Seeder दोनों पराली प्रबंधन में उपयोगी हैं, लेकिन इनकी तकनीक और खेत पर प्रभाव अलग-अलग है। Happy Seeder मुख्य रूप से कम जुताई या बिना जुताई के गेहूं की बुवाई पर जोर देता है। इसमें खेत में मौजूद पराली का बड़ा हिस्सा सतह पर ही रह सकता है। दूसरी ओर Super Seeder पराली को काटकर मिट्टी में मिलाने और साथ में बुवाई करने के लिए डिजाइन किया गया है। सरल शब्दों में कहें तो:
Happy Seeder: कम मिट्टी छेड़ते हुए पराली के बीच सीधी बुवाई।
Super Seeder: पराली की कटिंग, मिट्टी में मिश्रण और साथ में बुवाई।
यही अंतर Happy Seeder and Super Seeder का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है।
Happy Seeder और Super Seeder में जुताई का अंतर
Happy Seeder का इस्तेमाल करने पर सामान्यतः खेत की मिट्टी को बहुत कम disturb किया जाता है। इसलिए यह conservation agriculture की दिशा में उपयोगी मशीन मानी जाती है। इसके विपरीत Super Seeder में rotating blades काम करते हैं, इसलिए खेत की ऊपरी मिट्टी में जुताई जैसा प्रभाव देखने को मिलता है।
अगर कोई किसान zero tillage farming अपनाना चाहता है, तो Happy Seeder उसके लिए बेहतर फिट हो सकता है। अगर किसान चाहता है कि फसल अवशेष मिट्टी के अंदर मिल जाए और खेत थोड़ा तैयार भी हो जाए, तो Super Seeder का उपयोग अधिक उपयोगी हो सकता है।
पराली प्रबंधन में कौन बेहतर है?
Happy Seeder vs Super Seeder for stubble management की तुलना करते समय यह समझना जरूरी है कि दोनों मशीनें पराली को अलग तरीके से संभालती हैं। Happy Seeder में पराली का बड़ा हिस्सा खेत की सतह पर रहता है। यह फसल अवशेष जमीन पर mulch का काम कर सकता है। Mulching से मिट्टी की नमी को बनाए रखने, खरपतवार के दबाव को कुछ हद तक कम करने और मिट्टी को सीधे मौसम के प्रभाव से बचाने में मदद मिल सकती है। वहीं Super Seeder पराली को काटकर मिट्टी में मिलाता है। इससे खेत की सतह अपेक्षाकृत साफ नजर आ सकती है और अवशेष मिट्टी के अंदर decomposition प्रक्रिया में शामिल हो जाते हैं।इसलिए दोनों में से कौन बेहतर है, इसका जवाब किसान के खेत और खेती की पद्धति पर निर्भर करेगा।
Happy Seeder के फायदे
Happy Seeder का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान धान की कटाई के तुरंत बाद गेहूं की बुवाई की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
1. खेत की तैयारी में कम समय
पारंपरिक तरीके से गेहूं की बुवाई करने से पहले कई किसान खेत में जुताई, डिस्किंग और प्लैंकिंग जैसे ऑपरेशन करते हैं।Happy Seeder की मदद से इनमें से कई ऑपरेशन कम किए जा सकते हैं।इससे बुवाई का समय बच सकता है।
2. ईंधन की बचत
कम जुताई के कारण ट्रैक्टर के ऑपरेशन कम हो सकते हैं। इससे डीजल की खपत कम करने में मदद मिल सकती है।बड़े क्षेत्र में खेती करने वाले किसानों के लिए यह बचत महत्वपूर्ण हो सकती है।
3. मिट्टी में नमी बनाए रखने में मदद
खेत की सतह पर फसल अवशेष मौजूद रहने से मिट्टी से पानी का evaporation कुछ हद तक कम हो सकता है।इस वजह से Happy Seeder benefits for wheat farming में moisture conservation को महत्वपूर्ण माना जाता है।
4. पराली जलाने की जरूरत कम
Happy Seeder का उपयोग करने पर किसान खेत में मौजूद पराली के बीच बुवाई कर सकता है।इससे फसल अवशेष जलाने की जरूरत कम की जा सकती है।
5. समय पर गेहूं की बुवाई
धान की कटाई और गेहूं की बुवाई के बीच किसानों को अक्सर बहुत कम समय मिलता है।अगर गेहूं की बुवाई ज्यादा देर से होती है तो फसल के विकास पर असर पड़ सकता है।Happy Seeder किसान को जल्दी बुवाई शुरू करने में मदद कर सकता है।
Happy Seeder की सीमाएं
हर मशीन की तरह Happy Seeder की भी कुछ सीमाएं हैं।अगर खेत में पराली बहुत ज्यादा और असमान मात्रा में पड़ी हो, तो मशीन के काम में समस्या आ सकती है।इसलिए combine harvester से धान की कटाई करते समय residue distribution का सही होना महत्वपूर्ण है।दूसरा, मशीन को सही तरीके से चलाने के लिए operator को इसकी setting और field condition की जानकारी होनी चाहिए।बहुत गीली या बहुत सूखी मिट्टी में भी प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है।
Super Seeder के फायदे
Super Seeder उन किसानों के लिए खास तौर पर उपयोगी है, जो पराली को खेत के अंदर मिलाना चाहते हैं।
1. पराली की कटिंग और मिश्रण
Super Seeder के blades धान के अवशेष को छोटे टुकड़ों में काटने में मदद करते हैं।इसके बाद ये अवशेष मिट्टी के साथ मिल जाते हैं।
2. एक साथ कई काम
Super Seeder का प्रमुख फायदा यह है कि खेत की तैयारी, residue incorporation और बुवाई एक ही ऑपरेशन में की जा सकती है।
इससे कई अलग-अलग मशीनों की जरूरत कम हो सकती है।
3. खेत की सतह अपेक्षाकृत साफ
क्योंकि फसल अवशेष का एक हिस्सा मिट्टी में मिल जाता है, इसलिए बुवाई के बाद खेत की सतह Happy Seeder की तुलना में ज्यादा साफ दिखाई दे सकती है।
4. धान-गेहूं फसल चक्र के लिए उपयोगी
जिन क्षेत्रों में हर साल धान के बाद गेहूं की बुवाई होती है, वहां Super Seeder प्रभावी विकल्प बन सकता है।इसी कारण best machine for wheat sowing after paddy harvest खोजने वाले किसान अक्सर Super Seeder को भी विकल्प के रूप में देखते हैं।
Super Seeder की सीमाएं
Super Seeder में rotary mechanism होने के कारण tractor power और fuel consumption पर ध्यान देना जरूरी है।Happy Seeder की तुलना में मिट्टी पर काम ज्यादा होता है। इसलिए कई परिस्थितियों में ईंधन की खपत भी ज्यादा हो सकती है।भारी मिट्टी या ज्यादा नमी वाले खेत में tractor load बढ़ सकता है।इसके अलावा मशीन के blades, gearbox और दूसरे rotating parts की समय-समय पर maintenance करना भी जरूरी है।
Tractor HP Requirement: किस मशीन के लिए कितना शक्तिशाली ट्रैक्टर चाहिए?
Happy Seeder tractor HP requirement और Super Seeder tractor HP requirement मशीन के मॉडल, चौड़ाई, वजन और निर्माता के अनुसार अलग हो सकती है।आमतौर पर Happy Seeder को medium to high horsepower tractor के साथ चलाया जाता है।Super Seeder में rotary mechanism होने की वजह से PTO पर load ज्यादा हो सकता है और कई मॉडलों को अपेक्षाकृत ज्यादा horsepower की जरूरत पड़ सकती है।इसलिए किसान को केवल मशीन खरीदने के आधार पर फैसला नहीं करना चाहिए।
मशीन के साथ इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर की PTO power, hydraulic capacity, lifting capacity और खेत की मिट्टी को भी ध्यान में रखना चाहिए।मशीन खरीदने से पहले manufacturer की recommended tractor HP जरूर देखनी चाहिए।
Fuel Consumption: Happy Seeder या Super Seeder में कौन कम डीजल खाता है?
Happy Seeder vs Super Seeder fuel consumption किसानों के लिए महत्वपूर्ण तुलना है।Happy Seeder में soil disturbance कम होता है। इसलिए कई खेत परिस्थितियों में tractor पर load Super Seeder की तुलना में कम हो सकता है।Super Seeder में blades मिट्टी और फसल अवशेष दोनों पर काम करते हैं। इससे engine और PTO पर load बढ़ सकता है।लेकिन केवल एक operation का fuel consumption देखना सही तुलना नहीं होगी।अगर किसान traditional method में पहले जुताई, फिर rotavator और बाद में seed drill इस्तेमाल करता है, तो तीन अलग operations का खर्च जुड़ता है।Super Seeder इनमें से कई काम एक साथ कर सकता है।इसलिए final cost comparison करते समय total field operations की लागत देखना अधिक सही तरीका है।
Happy Seeder vs Super Seeder Cost Comparison
मशीन की खरीद कीमत brand, model, size, features और राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।कई राज्यों में crop residue management machines पर सरकारी योजनाओं के तहत subsidy भी उपलब्ध हो सकती है।इसी वजह से Happy Seeder price vs Super Seeder price की तुलना करते समय केवल market price देखना पर्याप्त नहीं है।इन चीजों को भी ध्यान में रखें:मशीन की खरीद कीमत, subsidy के बाद actual cost, tractor fuel cost, maintenance cost, blade replacement cost, labour cost और प्रति एकड़ operating cost।अगर किसान के पास बहुत कम जमीन है, तो अपनी मशीन खरीदने के बजाय Custom Hiring Centre या किराये पर मशीन लेना ज्यादा किफायती हो सकता है।
छोटे किसान के लिए कौन-सी मशीन सही है?
छोटे किसान के लिए मशीन खरीदना हमेशा आर्थिक रूप से सही फैसला नहीं होता।अगर किसान के पास कुछ ही एकड़ जमीन है, तो Happy Seeder या Super Seeder को किराये पर लेना बेहतर हो सकता है।Best seeder for small farmers in India का चुनाव करते समय यह देखना चाहिए कि आसपास कौन-सी मशीन आसानी से उपलब्ध है और उसका प्रति एकड़ किराया कितना है।अगर खेत में धान की पराली समान रूप से फैली हुई है और किसान कम जुताई के साथ गेहूं की बुवाई करना चाहता है, तो Happy Seeder अच्छा विकल्प हो सकता है।अगर किसान मिट्टी की ऊपरी परत तैयार करने के साथ पराली को मिट्टी में मिलाना चाहता है, तो Super Seeder उपयोगी हो सकता है।
बड़े किसान के लिए कौन बेहतर है?
बड़े किसानों के लिए machine capacity और operating cost बहुत मायने रखती है।अगर किसान के पास बड़ा क्षेत्र है और वह conservation agriculture पर काम कर रहा है, तो Happy Seeder लंबे समय में उपयोगी विकल्प साबित हो सकता है।वहीं अगर किसान एक ही operation में residue incorporation और wheat sowing करना चाहता है, तो Super Seeder उसकी जरूरत के ज्यादा करीब हो सकता है।मशीन खरीदने से पहले एक season की लागत का हिसाब जरूर निकालना चाहिए।उदाहरण के लिए मशीन की कीमत को केवल purchase cost के रूप में न देखें। यह भी देखें कि मशीन कितने एकड़ में चलेगी और उसका प्रति एकड़ खर्च कितना पड़ेगा।
मिट्टी की सेहत पर Happy Seeder और Super Seeder का प्रभाव
खेती में soil health का महत्व लगातार बढ़ रहा है।Happy Seeder में मिट्टी को कम disturb किया जाता है। इससे soil structure को लंबे समय तक स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।सतह पर मौजूद crop residue soil moisture conservation और organic matter management में भी योगदान दे सकता है।Super Seeder में residue मिट्टी के अंदर mix होता है। इससे organic material मिट्टी के संपर्क में आता है और धीरे-धीरे decomposition की प्रक्रिया से गुजरता है।दोनों तरीकों का उद्देश्य crop residue को उपयोगी बनाना है, लेकिन उनका approach अलग है।इसलिए Happy Seeder vs Super Seeder for soil health का फैसला किसान की खेती की प्रणाली, irrigation और soil type को देखकर करना चाहिए।
गेहूं की बुवाई के लिए कौन ज्यादा अच्छा है?
इस सवाल का कोई एक जवाब नहीं है।अगर खेत अच्छी स्थिति में है, धान की पराली समान रूप से फैली हुई है और किसान minimum tillage के साथ गेहूं बोना चाहता है, तो Happy Seeder बहुत अच्छा विकल्प हो सकता है।अगर खेत में अवशेष ज्यादा हैं और किसान उन्हें मिट्टी में मिलाकर साथ में बुवाई करना चाहता है, तो Super Seeder ज्यादा उपयोगी साबित हो सकता है।इसलिए which is better Happy Seeder or Super Seeder for wheat sowing का जवाब field condition पर निर्भर करता है।
पर्यावरण के लिए दोनों मशीनें क्यों जरूरी हैं?
धान की पराली जलाना लंबे समय से एक बड़ी पर्यावरणीय समस्या रही है।फसल अवशेष जलाने से smoke और particulate matter वातावरण में फैल सकते हैं। इसके साथ ही खेत की सतह पर मौजूद उपयोगी organic material भी नष्ट हो जाता है।Happy Seeder और Super Seeder दोनों किसानों को पराली जलाए बिना अगली फसल की बुवाई करने का विकल्प देते हैं।इसलिए crop residue management में इन मशीनों का महत्व केवल किसान की लागत तक सीमित नहीं है।ये sustainable agriculture की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
Happy Seeder vs Super Seeder: Maintenance
Happy Seeder की maintenance में seed tubes, bearings, furrow openers, cutting mechanism और moving parts की नियमित जांच जरूरी होती है।Super Seeder में blades और rotary mechanism महत्वपूर्ण होते हैं।क्योंकि Super Seeder के blades सीधे मिट्टी और crop residue के संपर्क में आते हैं, इसलिए उनमें wear and tear ज्यादा हो सकता है।Machine maintenance करते समय gearbox oil, PTO shaft, bolts, bearings और seed metering system की जांच करनी चाहिए।सीजन शुरू होने से पहले मशीन की पूरी servicing कराने से field breakdown का खतरा कम किया जा सकता है।
Happy Seeder खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?
अगर आप Happy Seeder खरीदने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले अपने ट्रैक्टर की HP और PTO क्षमता देखें।इसके बाद मशीन की working width, number of rows, seed box capacity, spare parts availability और service network की जानकारी लें।सिर्फ कम कीमत देखकर मशीन न खरीदें।यह भी देखें कि आपके क्षेत्र में उस brand की servicing और parts आसानी से मिलते हैं या नहीं।
Super Seeder खरीदते समय क्या देखें?
Super Seeder खरीदते समय सबसे महत्वपूर्ण चीज tractor compatibility है।Machine की working width और blade configuration भी देखें।इसके अलावा gearbox quality, blade quality, seed metering accuracy और machine weight की जांच जरूरी है।अगर आपका खेत भारी मिट्टी वाला है, तो dealer या manufacturer से यह जरूर पूछें कि मशीन आपके soil type में कितनी अच्छी तरह काम करेगी।
Happy Seeder vs Super Seeder Comparison
दोनों मशीनों को आसान भाषा में इस तरह समझा जा सकता है।Happy Seeder उन किसानों के लिए अच्छा विकल्प है जो कम जुताई करना चाहते हैं और crop residue को soil surface पर mulch के रूप में रखना चाहते हैं।Super Seeder उन किसानों के लिए उपयोगी है जो crop residue को काटकर मिट्टी में मिलाना और उसी समय गेहूं की बुवाई करना चाहते हैं।Happy Seeder में soil disturbance कम होता है।Super Seeder में soil preparation ज्यादा होती है।Happy Seeder में सामान्यतः fuel requirement कम हो सकती है।Super Seeder में rotary operation की वजह से tractor load ज्यादा हो सकता है।Happy Seeder conservation agriculture के ज्यादा करीब है।Super Seeder residue incorporation और sowing का संयुक्त समाधान देता है।
क्या Super Seeder Happy Seeder से बेहतर है?
Super Seeder को सीधे Happy Seeder से बेहतर कहना सही नहीं होगा।दोनों मशीनें अलग खेती की जरूरतों को पूरा करती हैं।अगर किसान चाहता है कि खेत में मौजूद पराली मिट्टी के अंदर मिल जाए, तो Super Seeder उपयोगी है।अगर किसान चाहता है कि पराली सतह पर रहे और minimum tillage के साथ बुवाई हो, तो Happy Seeder ज्यादा उपयुक्त हो सकता है।इसलिए मशीन का चुनाव brand popularity के आधार पर नहीं, बल्कि खेती की जरूरत के आधार पर करना चाहिए।
क्या Happy Seeder से गेहूं की पैदावार प्रभावित होती है?
सही field condition, सही sowing time, अच्छी seed quality, उचित fertilizer management और irrigation होने पर Happy Seeder से गेहूं की सफल खेती की जा सकती है।फसल की उपज केवल बुवाई मशीन पर निर्भर नहीं करती।Seed variety, sowing date, soil fertility, irrigation timing, weed management और weather conditions भी पैदावार को प्रभावित करते हैं।इसलिए मशीन को yield बढ़ाने वाली अकेली तकनीक के रूप में नहीं देखना चाहिए।यह खेती की पूरी management system का एक हिस्सा है।
Happy Seeder vs Super Seeder में किसान क्या चुनें?
मशीन चुनने से पहले किसान खुद से कुछ सवाल पूछ सकता है।क्या मैं zero tillage या minimum tillage farming करना चाहता हूं?क्या मैं पराली को मिट्टी की सतह पर रखना चाहता हूं या मिट्टी में मिलाना चाहता हूं?
- मेरे ट्रैक्टर की horsepower कितनी है?
- मेरे खेत की मिट्टी हल्की है या भारी?
- मेरे क्षेत्र में कौन-सी मशीन किराये पर आसानी से मिलती है?
- एक एकड़ की बुवाई पर वास्तविक खर्च कितना आता है?
- Machine के spare parts और mechanic स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हैं या नहीं?
इन सवालों के जवाब मिलने के बाद Happy Seeder और Super Seeder में से चुनाव करना आसान हो जाता है।
FAQ: Happy Seeder vs Super Seeder
Happy Seeder और Super Seeder में मुख्य अंतर क्या है?
Happy Seeder मुख्य रूप से crop residue के बीच कम जुताई के साथ बीज बोता है, जबकि Super Seeder फसल अवशेष को काटकर मिट्टी में मिलाने और साथ में बुवाई करने का काम करता है।
गेहूं की बुवाई के लिए Happy Seeder अच्छा है या Super Seeder?
दोनों मशीनें गेहूं की बुवाई के लिए उपयोगी हैं। Happy Seeder minimum tillage के लिए अच्छा है, जबकि Super Seeder residue incorporation और sowing को एक साथ करने के लिए उपयोगी है।
क्या Happy Seeder पराली जलाने की जरूरत कम करता है?
हां, Happy Seeder खेत में मौजूद धान के अवशेष के बीच गेहूं की बुवाई करने में मदद करता है, जिससे पराली जलाने की जरूरत कम की जा सकती है।
Super Seeder का सबसे बड़ा फायदा क्या है?
इसका बड़ा फायदा यह है कि यह crop residue को काटने, मिट्टी के साथ मिलाने और बुवाई जैसे काम एक साथ कर सकता है।
क्या Super Seeder ज्यादा डीजल खाता है?
Rotary mechanism के कारण कई परिस्थितियों में Super Seeder पर tractor load ज्यादा हो सकता है। हालांकि वास्तविक fuel consumption machine model, soil condition, tractor और operating speed पर निर्भर करता है।
छोटे किसान को Happy Seeder खरीदना चाहिए?
जरूरी नहीं। अगर खेती का क्षेत्र कम है, तो Custom Hiring Centre या किराये पर मशीन लेना ज्यादा किफायती हो सकता है।
क्या Happy Seeder zero tillage machine है?
Happy Seeder को आमतौर पर zero tillage या minimum soil disturbance वाली wheat sowing technology से जोड़ा जाता है।
Happy Seeder vs Super Seeder की तुलना करने पर यह साफ होता है कि दोनों मशीनें किसानों के लिए उपयोगी हैं, लेकिन दोनों की working technology अलग है।Happy Seeder उन किसानों के लिए अधिक उपयुक्त हो सकता है जो खेत में कम जुताई करना चाहते हैं, crop residue को सतह पर रखना चाहते हैं और धान की कटाई के बाद जल्दी गेहूं बोना चाहते हैं।
वहीं Super Seeder उन किसानों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है जो धान की पराली को छोटे टुकड़ों में काटकर मिट्टी के अंदर मिलाना चाहते हैं और उसी समय गेहूं की बुवाई करना चाहते हैं। इसलिए Happy Seeder or Super Seeder which is better का फैसला केवल मशीन की कीमत देखकर नहीं करना चाहिए।Tractor HP, soil condition, crop residue quantity, fuel cost, machine availability, maintenance और खेती के कुल क्षेत्र को ध्यान में रखकर चुनाव करना ज्यादा सही होगा।अगर किसान सही मशीन का चुनाव करता है, तो वह पराली प्रबंधन को आसान बनाने के साथ समय, श्रम और खेती की लागत को भी बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकता है।
