हाथरस: बाबा के सत्संग ने ली 121 जाने, ढाई लाख की भीड़ के आगे फेल दिखा कंट्रोल सिस्टम

֍:बाबा के नाम पर नहीं दर्ज हुई FIR §ֆ:एफआईआर में दावा किया गया है कि नारायण साकार हरि बाबा उर्फ बाबा भोले के सत्संग में करीब ढाई लाख लोग इकट्ठा हुए थे. सत्संग के बाद बाबा के चरण धूल लेने के लिये लोग दौड़े और भगदड़ मच गई. खुद बाबा 18 घंटे से फरार है. उसके बारे में पुलिस से लेकर खुफिया एजेंसियों तक को भनक नहीं लगी है. इस पूरे मामले में पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं. सीएम योगी ने साफ किया है कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा. हादसे के समय एसडीएम और सीओ मौके पर मौजूद थे.

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§֍:कई दिनों से चल रहा था बाबा के सत्संग का प्रचार §ֆ:
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§ֆ:यह कार्यक्रम हाथरस जिले के सिकंदराराऊ इलाके में नेशनल हाइवे किनारे फुलरई गांव (मुगलगढ़ी) में हो रहा था. माह के पहले मंगलवार यानी 2 जुलाई को सत्संग में शामिल होने के लिए भीड़ को आह्वान किया गया. सिकंदराराऊ की मानव मंगल मिलन सद्भावना समिति ने ये कार्यक्रम रखा था. इंजीनियर देवप्रकाश मधुकर को आयोजन प्रभारी बनाया गया था. कमेटी में कुल 78 सदस्यों को रखा गया था. आयोजन के पोस्टर-बैनर भी छपवाए गए और इन पोस्टर को जगह-जगह लगवाया गया. इनमें आयोजनकर्ताओं के नाम, पिता का नाम और मोबाइल नंबर लिखे गए हैं.
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§֍:80 हजार की अनुमति, ढाई लाख मौजूद §ֆ:सत्संग से आठ दिन पहले ही आयोजन समिति के प्रभारी देवप्रकाश मधुकर ने स्थानीय एसडीएम से अनुमति ली थी. प्रशासन का दावा है कि कार्यक्रम में करीब 80 हजार की भीड़ आने की अनुमति ली गई थी. आयोजन के पर्याप्त इंतजाम होने की जानकारी दी. सवाल यह है कि फिर सत्संग में ढाई लाख की भीड़ कैसे पहुंच गई. यूपी, राजस्थान और हरियाणा से भीड़ संख्या में लोग एकत्रित हुए थे. यानी अनुमति से तीन गुना ज्यादा भीड़ जुटा ली गई. फुलरई गांव के जिस खुले मैदान में सत्संग आयोजित हो रहा था, वो 150 बीघा का खेत है. वाहनों को खड़ा करने के लिए कुछ ही दूरी पर पार्किंग बनाई गई थी. हालांकि, इंतजाम ठीक नहीं होने से वाहन जगह-जगह खड़े कर दिए गए.

§֍:जानें कैसे हुआ हादसा §ֆ:सत्संग के बाद जब बाबा का काफिला गुजरा तो भीड़ चरण रज पाने के लिए टूट पड़ी. कोई खेत किनारे दलदल में गिरा तो कोई बारिश से लबालब भरे गहरे गड्ढे में समां गया. प्रत्यक्षदर्शी कहते हैं कि दोपहर बाद सत्संग खत्म हुआ तो भीड़ बाहर निकलने लगी. एक ही रास्ते पर पार्किंग की ओर आगे बढ़ी. मौके पर संभालने के लिए खास इंतजाम नहीं थे. बाबा के वॉलेंटियर्स ही सुरक्षा व्यवस्था में खड़े थे. भगदड़ में जो गिरा, वो उठ नहीं पाया. बच्चे महिलाओं के हाथों से छूटकर गिर गए. एक के बाद एक गिरने वाले लोगों की संख्या बढ़ती चली गई.

§उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान भगदड़ मचने से मौत का आंकड़ा 121 पर पहुंच गया है. जबकि 35 लोग घायल हुए हैं. इनमें कुछ की हालत गंभीर है. अब भी 20 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज हालात का जायजा लेने के लिये हाथरस पहुंचेंगे. देर रात दो वरिष्ठ मंत्रियों और मुख्य सचिव मनोज सिंह के साथ डीजीपी प्रशांत कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और हालात के बारे में जानकारी ली. आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. घटना मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे की है.
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