कद्‌दू वर्गीय सब्जियों की खेती

Published on: February 13, 2020 (19:18 IST)

 

परिचय- बेलवाली सब्जियां जैसे लौकी, तोरई, तरबूज,खरबूजा, पेठा, खीरा, टिण्डा, करेला आदि की खेती मैदानी भागो में गर्मी के मौसम में मार्च से लेकर जून तक की जाती है। इन सब्जियों की अगेती खेती जो अधिक आमदनी देती है, करने के लिए पॉली हाउस तकनीक में जाड़े के मौसम में इन सब्जियों की नसर्री तैयार करके की जा सकती है। पहले इन सब्जियों की पौध तैयार की जाती है तथा फिर मुख्य खेत में जड़ो को बिना क्षति पहुँचाये रोपण किया जाता है।

किस्म व संकर प्रजातियाँ

खीरा : पूसा उदय, हिमांगी, जापानी लॉन्ग ग्रीन, जोवईंटसेट, पूना खीरा, पूसा संयोग, शीतल, फ़ाईनसेट, स्टेट 8 , खीरा 90, खीरा 75, हाईब्रिड-1 व्हाईब्रिड-2 तथा कल्यानपुर हरा खीरा 

लौकी : पूसा नवीन, काशी गंगा, काशी बहार, अर्को बहार, पूसा समर प्रोलिफिकराउंड, पूसा संदेश, पूसा संतुष्टि, पूसा समृद्धि, पी.एस.पी.एल. तथा पूसा हाइब्रिड-3

करैला : पूसा दो मौसमी, पूसा विशेष, पूसा हाइब्रिड-1 व पूसा हाइब्रिड-2

तोरी : पूसा सुप्रिया, पूसा स्नेहा, पूसा चिकनी, पूसा नसदार, सत पुतिया, पूसा नूतन व को-1

चप्पन कद्‌दू : आस्ट्रेलियन ग्रीन, पैटी पेन, अर्लीयेलो, पूसा अलंकार व प्रोलिफिक

कद्‌दू : पूसा विश्वास, पूसा विकास, अर्का चंदन व पूसा हाइब्रिड-1

खरबूजा- पूसा मधुरस, हरा मधु, पंजाब सुनहरी, दुर्गापुरा मधु, लखनऊ सफेदा और पंजाब संकर-1 आदि प्रमुख है|

तरबूज- सुगरबेबी, दुर्गापुर केसर, दुर्गापुर मीठा, काशी पीताम्बर, न्यूहेम्पशायरमिडगट, आशायीयामातो, अर्को मानिक, असाहीयामातो, अर्का और ज्योति आदि प्रमुख है।

 

महेन्द्र सोऊ1, डॉ. बी. एस. भदाला2 व प्रवीण चोयल3
1शोधार्थी छात्र, प्रसार शिक्षा विभाग, श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर
2सहायक आचार्य, प्रसार शिक्षा विभाग, श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर
3विद्यावाचस्पति छात्र, उद्यान विज्ञान विभाग, श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर

Comments

Want your advertisement here?
Contact us!

Latest News