֍:मौसम विभाग ने कही ये बात§ֆ:मौसम विभाग का कहना है कि किसान पंजाब के पश्चिमी मैदानी इलाकों में सूरजमुखी संकर पीएसएच 569 की बुवाई और गन्ना रोपाई करें. गन्ने की केवल बताई गई किस्में ही बोएं जैसे कि CoPB-92, Co118, CoJ-85, CoJ-64 (जल्द पकने वाली), CoPB-91, CoPB93, CoPB-94, Co-238, CoJ-88. आलू में पछेती झुलसा रोग के लिए नियमित रूप से खेत की निगरानी करें और यदि लक्षण दिखाई दें तो इंडोफिल एम 45/मार्कजेब/कवच @ 500-700 ग्राम को 250-350 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव करें. §֍:पंजाब में गन्ना कटाई रखें जारी§ֆ:पंजाब को लेकर मौसम विभाग ने कहा कि वे लहरदार मैदानी क्षेत्रों में गन्ना कटाई जारी रखें. गेहूं की फसल को पीला रतुआ रोग से बचाने के लिए नियमित रूप से निगरानी करें. अगर लक्षण दिखता है तो कस्टोडिया/कैविएट/ओपेरा/टिल्ट/स्टिल्ट/बंपर/शाइन/मार्कज़ोल @0.1% या नैटिवो @0.06% का छिड़काव करें. पंजाब के मध्य मैदानी क्षेत्र में गन्ने की कटाई जारी रखें. मक्का की बुवाई जारी रखें. मौसम की स्थिति और मिट्टी के प्रकार के आधार पर 15-20 दिनों के अंतराल पर बरसीम और ल्यूसर्न की सिंचाई करें. गेहूं के खेतों में पीले रतुआ की मौजूदगी पर नजर रखें. जैसे ही बीमारी दिखाई दे, 300 ग्राम ‘ताक़त’ या 200 ग्राम कैविएट या 120 ग्राम नैटिवो या इम्पैक्ट एक्स्ट्रा या ओपेरा या कस्टोडिया या टिल्ट या शाइन को 200 मिली लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें. 15 दिनों के अंतराल पर स्प्रे दोहराएं.§֍:हरियाणा किसानों के लिए ये सलाह§ֆ:हरियाणा में बदलते मौसम और बारिश की संभावना के कारण सरसों की फसल में अगले तीन से चार दिनों तक कीटनाशक/कीटनाशक का छिड़काव और सिंचाई रोक दें. मौसम के मद्देनजर सरसों पर रसचूसक कीट की निगरानी करें. यदि सरसों की फसल कटाई के करीब है (जल्दी बोई गई), तो बारिश या मौसम सुधरने के बाद कटाई की तैयारी करें. मौजूदा मौसम की स्थिति में रतुआ रोग के खिलाफ गेहूं की फसल की लगातार निगरानी की सलाह दी जाती है. अगर काला, भूरा या पीला रतुआ के लक्षण दिखाई देते हैं, तो गीले मौसम की स्थिति के बाद डाइथेन एम-45 @ 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी का छिड़काव करें. एफिड के हमले के खिलाफ सरसों की फसल की निगरानी करें, गीले मौसम की स्थिति के बाद इमिडाक्लोप्रिड @ 0.25 से 0.5 मिली प्रति लीटर पानी का छिड़काव करें.§֍:टमाटर, मिर्च लगाएं दिल्ली के किसान§ֆ:दिल्ली में वर्तमान मौसम की स्थिति में टमाटर, मिर्च और कोल की फसल की नई पौध की रोपाई इस सप्ताह की जा सकती है. टमाटर में फल छेदक कीट की आबादी की निगरानी के लिए प्रति एकड़ 3-4 ट्रैप फेरोमोन ट्रैप लगाएं. वर्तमान मौसम की स्थिति में रतुआ रोग के खिलाफ गेहूं की फसल की लगातार निगरानी की सलाह दी जाती है. अगर काला, भूरा या पीला रतुआ के लक्षण दिखाई देते हैं, तो डाइथेन एम-45 @ 2.5 ग्राम/लीटर पानी का छिड़काव करें. फ्रेंच बीन, क्लस्टर बीन, ग्रीष्मकालीन मूली की बुवाई करें क्योंकि मौजूदा तापमान बीजों के अंकुरण के लिए उपयुक्त है. §देशभर में मौसमी बदलावजारी है. इसके चलते आईएमडी ने दिल्ली, पंजाब के साथ हरियाणा में फसल एडवाइजरी जारी की है. इसमें मौसम को देखते हुए किसानों को सतर्क किया जा रहा है और निगरानी की सलाह दी जा रही है. मौसम विभाग का कहना है कि किसान पंजाब के पश्चिमी क्षेत्र में मिर्च, शिमला मिर्च और बैंगन की नर्सरी रोपें. गेहूं में पीला रतुआ के लिए नियमित निगरानी करें. अगर लक्षण दिखे तो टिल्ट या शाइन या बंपर या स्टिल्ट या मार्कज़ोल 200 मिली लीटर 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें. 15 दिन के अंतराल पर दोबारा स्प्रे करें.
IMD ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के किसानों को दी सलाह, मौसमी बदलाव से हो सकता है नुकसान!
-
by Fiza

- Categories: सफ़लता की कहानी
Related Content
Kashmir Saffron Crisis: कभी सोना उगलती थी धरती, अब केसर के खेतों में क्यों छाई वीरानी?
by
Fiza
November 7, 2026
Sugarcane Price: महाराष्ट्र में किसानों के आगे झुकीं चीनी मिलें! गन्ना भुगतान पर हुआ बड़ा समझौता
by
Fiza
November 6, 2026
Dholpur Singhara Cultivation: धौलपुर के दुमंती सिंघाड़े की बढ़ी मांग, आगरा-दिल्ली तक पहुंचा स्वाद
by
Fiza
November 4, 2026
Success Story: सिर्फ 500 वर्ग मीटर में चुकंदर की खेती से ₹20,000 की कमाई, ICAR की Crimson Globe किस्म ने बदली किसानों की सोच
by
Emran Khan
November 4, 2026