֍:नेशनल मीट रिसर्च सेंटर करता है जांच§ֆ:मीच एक्सपोर्ट को लेकर सीआईआरजी के साइंटिस्ट का कहना है कि मीट एक्सपोर्ट के दौरान बकरे के मीट की केमिकल जांच होती है. हैदराबाद का नेशनल मीट रिसर्च सेंटर ये जांच करता है. लेकिन कई बार ऐसा हुआ कि जांच के बाद एक्सपोर्ट होने वाला मीट लौटकर आ जाता हैं. ऐसा इसलिए होता है कि बकरों को जो चारा खिलाया जाता है उसमे कहीं न कहीं पेस्टीसाइड का इस्तेमाल हुआ होता है. लेकिन अब सीआईआरजी ने आर्गनिक चारा उगाना शुरू कर दिया है. इस चारे को बकरे भी खा रहे हैं. और जब उनके मीट की जांच हुई तो मीट में वो केमिकल नहीं मिले जिनकी शिकायत पहले आती थी. §भारत से भारी मात्रा में मीट एक्सपोर्ट किया जाता है. देश में मीट उत्पादन लगातार बढ़ता जा रहा है. मीट उत्पादन में सबसे बड़ी हिस्सेदारी चिकन की है, जो करीब 52 फीसदी है. देश के मीट एक्सपोर्ट में अब और ज्यादा बढ़ने की संभावनाएं बन रही हैं. विदेशी बाजारो में ऑर्गेनिक मीट की डिमांड हो रही है. मीट कई पैमानों पर जांच के बाद खरीदा जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पड़ोसी देश पाकिस्तान ने ऑर्गेनिक मीट का एक्सपोर्ट शुरु कर दिया है.
भारतीय मीट एक्सपोर्ट पांचवें नंबर पर, तेज हो गईं ऑर्गेनिक मीट की चर्चाएं!
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by Fiza

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