क्या चीन का बढ़ रहा कब्जा! बदले भारत की इन 11 जगहों के नाम, विदेश मंत्री ने बताया सच?

֍:विदेश मंत्री का करारा जवाब§ֆ:भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन की इस बेजां हरकत पर हल्के हास्य और बाकी कड़ाई के साथ तीखा जवाब दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे के घर का नाम बदल दे, तो क्या वह घर उसका हो जाएगा? विदेश मंत्री सूरत शहर में अपना संबोधन दे रहे थे, जब उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘नाम बदल देने से कुछ नहीं होता है.

§֍:चीन के नाम बदलने पर एस.जयशंकर का करारा जवाब §ֆ:अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा. हमारी सेनाएं वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनात हैं और वे जानती हैं कि उनको क्या करना है.’ जयशंकर के तल्ख जवाब से चीन को इतना तो पता चल गया है कि भारत अब आंखें झुकाकर नहीं, बल्कि आंखों में आंखें डालकर बातें करता है, लेकिन चीन भारत की बढ़ती हैसियत और ताकत से परेशान होकर लगातार ऐसी छोटी हरकतें करता रहता है.
§֍:सीमा पर भारत चीन का विवाद जारी §ֆ:जमीन से लेकर समंदर तक जबरन और अवैध कब्जे की उसकी भूख बढ़ती ही जा रही है. उसी तरह उसकी डेट-डिप्लोमैसी (यानी कर्ज देकर किसी देश को फंसाना) से भी श्रीलंका, पाकिस्तान सहित कई देश तबाह हो चुके हैं और यह सब कुछ किसी से छिपा नहीं है. भारत एशिया में उसको चुनौती देने वाली ताकत बन कर उभर रहा है और यही उसकी दिक्कत है.

§ֆ:§֍:अमेरिका हो या चीन, भारत झुकेगा नहीं§ֆ:इसी तरह, हाल ही में जर्मनी और अमेरिका ने दिल्ली के मुख्मयंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और कांग्रेस पार्टी के बैंक अकाउंट फ्रीज करने के मुद्दे पर बयानबाजी की. यह निहायत ही अवांछनीय और आपत्तिजनक मसला था. भारत ने दोनों ही देशों के संबंधित अधिकारियों को बुलाकर अच्छा-खासा डोज दिया और यह भी कहा कि भारत अपने आंतरिक मामलों में किसी भी देश की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं करेगा. इससे पहले खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या से संबंधित आरोप भी अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने भारत पर नत्थी करने की कोशिश की थी, लेकिन भारत ने उसमें पूरा सहयोग करने का वादा करते हुए यह भी कहा कि अमेरिका पहले अपने दामन को देख ले, क्योंकि वह कहीं इसलिए तो पन्नू को नहीं बचा रहा कि वह अमेरिकी खुफिया विभाग का कारिंदा है. उससे पहले कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत के लिए बेतुकी बयानबाजी की थी और भारत ने उसका पुरजोर विरोध किया था.

§सोमवार यानी 1 अप्रैल को चीन ने एक बार फिर से अरुणाचल प्रदेश पर अपना पुराना और बीमार राग आलापा है. उसने अरुणाचल को दक्षिणी तिब्बत बताते हुए इसका नया नाम भी रख दिया है और इसके साथ ही छह और जगहों के नए नाम दुनिया को बताए हैं. चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक अरुणाचल दरअसल ‘जंगनान’ है और उसने यहां भौगोलिक नामों की चौथी सूची आज जारी की. यह बीमारी साल 2023 में भी चीन को लगी थी, जब उसने 11 स्थानों के नाम बदल दिए थे. पहली बार यह बीमारी चीन को 2017 में हुई थी और तब उसने अरुणाचल के छह क्षेत्रों की उसके हिसाब से बनाए गए नामों की सूचना जारी की थी. भारत ने इसको तत्काल प्रभाव से खारिज कर दिया है.

Exit mobile version