कृषि और एग्रीबिजनेस के विद्यार्थियों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच, ISAB आयोजित करेगा ‘Sambhramaa 7.0’; 30-31 अक्टूबर को होगा फाइनल राउंड

ISAB to organize 'Sambhramaa 7.0', a national platform for agriculture and agribusiness students.

ISAB to organize 'Sambhramaa 7.0', a national platform for agriculture and agribusiness students; final round to be held on October 30-31

ISAB to organize 'Sambhramaa 7.0', a national platform for agriculture and agribusiness students; final round to be held on October 30-31

कृषि शिक्षा, खाद्य व्यवसाय और एग्रीबिजनेस के क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में ‘Sambhramaa 7.0 – The Food & Agribusiness Conclave’ का आयोजन किया जा रहा है। इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट (ISAB), ग्रेटर नोएडा की ओर से आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की पहल का उद्देश्य कृषि एवं संबद्ध विषयों के विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक क्षमता, व्यावहारिक समझ, रचनात्मक प्रतिभा और नेतृत्व कौशल प्रदर्शित करने का अवसर देना है। कार्यक्रम के निर्धारित कैलेंडर के अनुसार, इसका अंतिम प्रतियोगिता चरण, इंटर्नशिप एवं जॉब फेयर तथा पुरस्कार वितरण समारोह 30 और 31 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।

‘Sambhramaa 7.0’ को केवल एक विद्यार्थी प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे कृषि शिक्षा, उद्योग जगत, उद्यमिता, रोजगार और सांस्कृतिक गतिविधियों को एक साथ जोड़ने वाले मंच के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इसके अंतर्गत एग्री स्टार्टअप आइडिया प्रतियोगिता, केस स्टडी प्रतियोगिता, वाद-विवाद, संगीत, नृत्य, ओपन स्टेज और खेल जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, ‘लक्ष्य’ के अंतर्गत लाइव इंटर्नशिप एवं जॉब फेयर को भी प्रमुख स्थान दिया गया है, ताकि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ भविष्य के करियर विकल्पों से जुड़ने का अवसर मिल सके।

कृषि शिक्षा को उद्योग और रोजगार से जोड़ने की पहल

आज कृषि क्षेत्र का दायरा पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं है। कृषि तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि विपणन, सप्लाई चेन, कृषि वित्त, सिंचाई प्रबंधन, डिजिटल कृषि और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में भी युवाओं के लिए नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं। ऐसे में कृषि एवं संबद्ध विषयों के विद्यार्थियों के लिए जरूरी है कि वे अपनी अकादमिक जानकारी के साथ संवाद कौशल, समस्या समाधान, टीमवर्क, नवाचार और व्यावसायिक समझ भी विकसित करें।

इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘Sambhramaa 7.0’ में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं और गतिविधियों को शामिल किया गया है। केस स्टडी प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थी वास्तविक व्यावसायिक और कृषि संबंधी समस्याओं का विश्लेषण कर सकते हैं, जबकि एग्री स्टार्टअप प्रतियोगिता उन्हें नए व्यावसायिक विचार प्रस्तुत करने का अवसर देती है। वाद-विवाद और सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति और मंचीय कौशल को प्रोत्साहित करती हैं।

इस पहल का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि इसमें कृषि और संबद्ध विषयों के स्नातक तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को भागीदारी का अवसर दिया गया है। प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, पात्रता के अंतर्गत वर्तमान विद्यार्थियों, हाल ही में स्नातक हुए विद्यार्थियों और कृषि एवं संबद्ध विषयों में स्नातकोत्तर स्तर पर अध्ययनरत विद्यार्थियों को शामिल किया गया है।

30 और 31 अक्टूबर को होगा अंतिम चरण

Sambhramaa 7.0 के कार्यक्रम कैलेंडर के अनुसार, आयोजन की आधिकारिक शुरुआत 13 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया माध्यमों पर की गई थी। विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 5 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई थी। केस स्टडी प्रतियोगिता में पंजीकृत टीमों के लिए केस ब्रीफ जारी करने की तारीख 8 अक्टूबर और प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि 14 अक्टूबर 2026 रखी गई थी।

अब आयोजन के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 30 और 31 अक्टूबर 2026 को अंतिम प्रतियोगिता चरण, इंटर्नशिप एवं जॉब फेयर तथा पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। कार्यक्रम का आयोजन ISAB परिसर, नॉलेज पार्क-III, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश से संबंधित है। पुरस्कार समारोह के लिए संस्थान के निकट ऑडिटोरियम की व्यवस्था का भी उल्लेख प्रॉस्पेक्टस में किया गया है।

आयोजकों की योजना के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार, प्रमाणपत्र और अन्य उपहार प्रदान किए जाने हैं। प्रॉस्पेक्टस के कवर पर पुरस्कार राशि के रूप में पांच लाख रुपये तक का उल्लेख किया गया है। हालांकि, वास्तविक पुरस्कार वितरण का विवरण संबंधित प्रतियोगिताओं और आयोजन की अंतिम व्यवस्थाओं के अनुसार देखा जाना चाहिए।

आठ प्रमुख प्रतियोगिताओं में दिखेगी विद्यार्थियों की प्रतिभा

Sambhramaa 7.0 के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए आठ प्रमुख प्रतियोगिताएं प्रस्तावित हैं। इन गतिविधियों को इस प्रकार तैयार किया गया है कि शैक्षणिक और व्यावसायिक दक्षता के साथ-साथ कला, संस्कृति, खेल और रचनात्मक अभिव्यक्ति को भी प्रोत्साहन मिल सके।

  1. DWANDH – इंटरकॉलेज खेल प्रतियोगिता

‘द्वंद्व’ के अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों को खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। खेल गतिविधियां विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना, रणनीतिक सोच और खेल भावना को विकसित करने में सहायक होती हैं। पिछले संस्करण में टेबल टेनिस, कैरम, शतरंज और अन्य खेल गतिविधियों के विजेताओं का उल्लेख भी प्रॉस्पेक्टस में किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि इस मंच पर पढ़ाई के साथ-साथ खेल प्रतिभाओं को भी महत्व दिया जाता है।

  1. PRARAMBHAM – एग्री स्टार्टअप आइडिया प्रतियोगिता

‘प्रारम्भम्’ कृषि उद्यमिता और नवाचार में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण गतिविधि है। इसमें प्रतिभागियों को कृषि एवं एग्रीबिजनेस से जुड़े अपने व्यावसायिक विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। कृषि उत्पादन, किसानों की समस्याओं के समाधान, तकनीकी सेवाओं, खाद्य प्रसंस्करण और बाजार संपर्क जैसे क्षेत्रों से जुड़े विचार इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

इस प्रतियोगिता का व्यापक उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाले प्रतिभागियों के साथ-साथ भविष्य के उद्यमियों के रूप में भी अपनी क्षमता विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। स्टार्टअप विचारों को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना, उनकी उपयोगिता समझाना और संभावित चुनौतियों पर विचार करना विद्यार्थियों के व्यावसायिक कौशल को मजबूत कर सकता है।

  1. TARANGGEET – डुएट एवं बैंड प्रतियोगिता

‘तरंगगीत’ संगीत में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए मंच प्रदान करेगा। इसमें डुएट और बैंड प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागी अपनी गायन प्रतिभा, संगीत की समझ और सामूहिक प्रस्तुति का प्रदर्शन कर सकेंगे। इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों को अकादमिक वातावरण से अलग अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाने का अवसर देती हैं।

  1. YUGANTAR – ओपन स्टेज प्रतियोगिता

‘युगांतर’ को ओपन स्टेज प्रतियोगिता के रूप में शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को अपनी विविध प्रतिभाओं का प्रदर्शन करने का अवसर मिल सकता है। मंचीय प्रस्तुतियां आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और दर्शकों के सामने अपनी बात रखने की क्षमता को विकसित करने में सहायक होती हैं।

  1. REEL-O-MANIA – रील निर्माण प्रतियोगिता

डिजिटल संचार और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए रील निर्माण प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए एक रचनात्मक अवसर है। इसमें प्रतिभागी वीडियो निर्माण, कहानी कहने की कला और डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से अपनी कल्पनाशीलता प्रदर्शित कर सकते हैं। कृषि क्षेत्र में डिजिटल जागरूकता, नई तकनीकों की जानकारी और प्रभावी संचार की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में वीडियो निर्माण जैसे कौशल विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

  1. PRASTUTI – वाद-विवाद प्रतियोगिता

‘प्रस्तुति’ के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखने, तर्क प्रस्तुत करने और दूसरे पक्ष के विचारों को समझने का अवसर मिलेगा। वाद-विवाद प्रतियोगिता संवाद कौशल, तार्किक विश्लेषण, सार्वजनिक अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बेहतर बनाने में मदद करती है। कृषि एवं एग्रीबिजनेस जैसे तेजी से बदलते क्षेत्रों में विचारों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने की क्षमता विशेष महत्व रखती है।

  1. VISHLESHAN – केस स्टडी प्रतियोगिता

‘विश्लेषण’ कार्यक्रम की प्रमुख शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल है। केस स्टडी प्रतियोगिता विद्यार्थियों को किसी समस्या या व्यावसायिक परिस्थिति का विश्लेषण करने, उपलब्ध जानकारी के आधार पर निष्कर्ष निकालने और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने का अवसर देती है।

कृषि और खाद्य व्यवसाय में उत्पादन, लागत, बाजार, आपूर्ति व्यवस्था, तकनीक के इस्तेमाल और ग्राहक की जरूरतों से संबंधित कई चुनौतियां सामने आती हैं। केस स्टडी आधारित गतिविधियां विद्यार्थियों को इन विषयों पर व्यवस्थित ढंग से सोचने और अपनी निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।

  1. NATARAJ – समूह नृत्य प्रतियोगिता

‘नटराज’ के अंतर्गत विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थी समूह नृत्य के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा प्रदर्शित कर सकेंगे। समूह नृत्य में तालमेल, अभ्यास, अनुशासन और सामूहिक सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह प्रतियोगिता विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों को अपनी कला के जरिए एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करेगी।

इन आठ प्रतियोगिताओं के अतिरिक्त ‘लक्ष्य’ नाम से लाइव इंटर्नशिप एवं जॉब फेयर का उल्लेख किया गया है। इस प्रकार कार्यक्रम का स्वरूप शैक्षणिक प्रतियोगिताओं, रचनात्मक गतिविधियों और रोजगार संबंधी अवसरों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास करता है।

पिछले संस्करण में 400 से अधिक कृषि कॉलेजों की भागीदारी का उल्लेख

Sambhramaa के पिछले संस्करणों ने विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों और संस्थानों के विद्यार्थियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, Sambhramaa 6.0 में 400 से अधिक कृषि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों की भागीदारी का उल्लेख किया गया है। इसके एक अन्य हिस्से में पिछले संस्करण के लिए 100 से अधिक कॉलेजों और 1,000 से अधिक प्रतिभागियों का आंकड़ा भी दिया गया है। इसलिए इन आंकड़ों को अलग-अलग संदर्भों में प्रस्तुत किया जाना उचित होगा, न कि एक ही आयोजन के लिए एक समान संख्या मान लिया जाए।

पिछले संस्करण में भाग लेने वाले संस्थानों में गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर; बनारस हिंदू विश्वविद्यालय; पंजाब कृषि विश्वविद्यालय; आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय; जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय; ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी; सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी और कई अन्य संस्थानों के नाम शामिल हैं।

प्रॉस्पेक्टस में पिछले संस्करण के विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं का भी विवरण दिया गया है। केस स्टडी प्रतियोगिता ‘विश्लेषण’ में NIFTEM की टीम Agri-Innovators को पहला स्थान मिला था, जबकि गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर की टीम The Green Tribe दूसरे स्थान पर रही थी। एग्री स्टार्टअप प्रतियोगिता ‘प्रारम्भम्’ में ICAR-NAARM की टीम Naarmians ने पहला स्थान हासिल किया था। समूह नृत्य प्रतियोगिता ‘नटराज’ में इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट, बीकानेर के प्रतिभागियों को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था।

इसी तरह, ‘युगांतर’ ओपन स्टेज प्रतियोगिता में स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर की टीम The Graduating Gang प्रथम स्थान पर रही थी। खेल प्रतियोगिताओं में सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की टीम ने ‘द्वंद्व’ प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया था। ये उदाहरण बताते हैं कि पिछले संस्करण में विद्यार्थियों ने शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की थी।

उद्योग जगत के विशेषज्ञों से सीखने का अवसर

Sambhramaa के पिछले संस्करणों में कृषि, एग्रीटेक, कृषि निवेश, विपणन, सिंचाई और कृषि व्यवसाय से जुड़े विशेषज्ञों की भागीदारी का उल्लेख किया गया है। प्रॉस्पेक्टस में विभिन्न कंपनियों और संस्थानों से जुड़े वक्ताओं के नाम दिए गए हैं, जिनमें कृषि क्षेत्र की कंपनियों, एग्रीटेक स्टार्टअप और शोध संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

पिछले वक्ताओं में TERI की महानिदेशक डॉ. विभा धवन, देहात के सह-संस्थापक श्याम सुंदर सिंह, बिगहाट एग्री प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक सचिन नंदवाना और अन्य उद्योग विशेषज्ञों के नाम शामिल हैं। इन विशेषज्ञों की भागीदारी कार्यक्रम को उद्योग की वास्तविक परिस्थितियों और रोजगार से संबंधित अपेक्षाओं के साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण रही है।

कृषि शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए उद्योग विशेषज्ञों से संवाद करने का अवसर उपयोगी हो सकता है। इससे उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध करियर विकल्पों, कौशल की जरूरतों और व्यावसायिक चुनौतियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

इंटर्नशिप और जॉब फेयर पर रहेगा विशेष जोर

Sambhramaa 7.0 के प्रॉस्पेक्टस में ‘लक्ष्य’ के अंतर्गत लाइव इंटर्नशिप और जॉब फेयर को शामिल किया गया है। यह कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पक्ष है, क्योंकि कृषि और संबद्ध विषयों के विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक अनुभव और उद्योग से संपर्क करियर निर्माण में उपयोगी हो सकते हैं।

इंटर्नशिप के माध्यम से विद्यार्थी किसी कंपनी या संस्थान के कामकाज को समझ सकते हैं, जबकि रोजगार मेले में उन्हें संभावित नियोक्ताओं से संवाद करने का अवसर मिल सकता है। कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों के लिए यह मंच अपने कौशल, रुचि और शैक्षणिक पृष्ठभूमि को प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान कर सकता है।

हालांकि, वास्तविक भर्ती, इंटरव्यू, इंटर्नशिप प्रस्ताव और नियुक्तियों की उपलब्धता संबंधित कंपनियों की भागीदारी तथा उनकी चयन प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। इसलिए इसे रोजगार की गारंटी के बजाय संभावित अवसरों से जुड़ने वाले मंच के रूप में देखना उचित होगा।

प्रायोजकों और कृषि उद्योग के लिए भी उपयोगी मंच

Sambhramaa 7.0 की योजना में कंपनियों और संस्थानों की भागीदारी के लिए प्रायोजन के विभिन्न विकल्प भी शामिल किए गए हैं। प्रॉस्पेक्टस में प्लेटिनम, डायमंड और इवेंट स्पॉन्सर श्रेणियों का उल्लेख है। इन श्रेणियों के अंतर्गत प्रचार सामग्री पर कंपनी का नाम और लोगो, कार्यक्रम के दौरान वीडियो प्रस्तुति तथा कुछ श्रेणियों में मानव संसाधन टीम की भागीदारी जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।

प्लेटिनम प्रायोजन के लिए 5.5 लाख रुपये और डायमंड प्रायोजन के लिए 3.5 लाख रुपये के साथ GST का उल्लेख किया गया है। इवेंट स्पॉन्सर श्रेणी के लिए 1.5 लाख रुपये के साथ GST निर्धारित किया गया है। प्रॉस्पेक्टस में इन विकल्पों के अंतर्गत अलग-अलग सुविधाएं और सीमाएं दी गई हैं।

कृषि क्षेत्र में कार्यरत कंपनियों के लिए ऐसे मंच संभावित कर्मचारियों, विद्यार्थियों और कृषि शिक्षा संस्थानों के साथ संपर्क विकसित करने का अवसर प्रदान कर सकते हैं। वहीं, विद्यार्थियों को उद्योग की जरूरतों और उपलब्ध अवसरों को समझने में मदद मिल सकती है।

विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान

Sambhramaa 6.0 के प्रतिभागियों की प्रतिक्रियाओं में टीमवर्क, आत्मविश्वास, नेटवर्किंग और उद्योग से जुड़ी जानकारी को महत्वपूर्ण बताया गया है। प्रॉस्पेक्टस में शामिल प्रतिभागियों के अनुभवों के अनुसार, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेल और स्टार्टअप प्रतियोगिताओं में भाग लेने से उन्हें नए लोगों से जुड़ने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को कक्षा और पाठ्यक्रम से बाहर निकलकर विभिन्न संस्थानों के साथियों के साथ संवाद करने का अवसर देते हैं। समूह में काम करना, समय का प्रबंधन, कार्यक्रमों की तैयारी और मंच पर प्रस्तुति देना ऐसे अनुभव हैं, जो विद्यार्थियों के व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक विकास में सहायक हो सकते हैं।

कृषि क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं को तकनीकी जानकारी के साथ-साथ किसानों, कंपनियों, शोधकर्ताओं और अन्य हितधारकों से प्रभावी संवाद करने की भी आवश्यकता होती है। ऐसे आयोजनों में विकसित होने वाले संचार और नेतृत्व कौशल भविष्य में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर कृषि युवाओं को जोड़ने की कोशिश

Sambhramaa 7.0 की व्यापक अवधारणा कृषि एवं संबद्ध विषयों के विद्यार्थियों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी प्रतिभा, विचारों और क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकें। इसमें प्रतियोगिताओं के साथ-साथ उद्योग से संपर्क, करियर संबंधी गतिविधियों और सांस्कृतिक सहभागिता को भी महत्व दिया गया है।

पिछले संस्करणों में विभिन्न राज्यों के कृषि विश्वविद्यालयों और संस्थानों की भागीदारी का उल्लेख इस पहल के राष्ट्रीय स्वरूप को रेखांकित करता है। इससे विद्यार्थियों को अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि के प्रतिभागियों से मिलने, विचार साझा करने और नई संभावनाओं को समझने का अवसर मिल सकता है।

कार्यक्रम के निर्धारित कैलेंडर के अनुसार, 30 और 31 अक्टूबर 2026 को होने वाला अंतिम चरण इस आयोजन का प्रमुख पड़ाव होगा। प्रतियोगिताओं, इंटर्नशिप एवं जॉब फेयर और पुरस्कार वितरण समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी उपलब्धियां प्रदर्शित करने तथा आगे की संभावनाओं से जुड़ने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, ‘Sambhramaa 7.0 – The Food & Agribusiness Conclave’ कृषि शिक्षा और एग्रीबिजनेस के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने वाली एक पहल है। यह आयोजन शैक्षणिक ज्ञान, नवाचार, उद्यमिता, रचनात्मकता और करियर विकास को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास करता है। कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों और व्यावसायिक अवसरों के बढ़ते महत्व के बीच ऐसे मंच विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने, अनुभव हासिल करने और भविष्य की तैयारी करने में मदद कर सकते हैं।

 

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