KVIC देशभर में बढ़ा रहा अगरबत्ती उत्पादन की क्षमता, कारीगरों को मिल रही ट्रेनिंग और मशीनें

खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) देशभर में अगरबत्ती उद्योग को सशक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण और मशीन वितरण का अभियान चला रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ाना, स्थानीय उत्पादन को मजबूत करना और अगरबत्ती निर्माण से जुड़े कारीगरों को तकनीकी दक्षता प्रदान करना है। इसी दिशा में KVIC, GVY के अंतर्गत ‘एग्रो-बेस्ड एंड फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री’ (ABFPI) वर्टिकल के माध्यम से कारीगरों को प्रशिक्षण दे रहा है, जिसमें मशीनों के संचालन, रखरखाव और अगरबत्ती बनाने की संपूर्ण प्रक्रिया सिखाई जाती है।

प्रशिक्षण अवधि के दौरान KVIC की ओर से कारीगरों को आवश्यक कच्चा माल उपलब्ध कराया जाता है, ताकि ट्रेनिंग व्यावहारिक और परिणामोन्मुख हो सके। ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद कारीगरों को KVIC द्वारा अगरबत्ती बनाने की मशीनें वितरित की जाती हैं, जिससे वे तुरंत अपने स्तर पर उत्पादन शुरू कर सकें। यह कदम उन ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ा अवसर बनकर आया है, जो कम पूंजी में आय का स्थायी स्रोत तलाश रहे हैं।

KVIC न केवल कारीगरों को प्रशिक्षित करता है बल्कि उनके उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए प्रभावी प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराता है। इसके लिए खादी संस्थानों, प्रदर्शनियों, सेल्स आउटलेट्स और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों का उपयोग किया जा रहा है। इससे कारीगरों के उत्पादों को देशभर में बाजार मिलता है और उनकी आय में वृद्धि होती है।

सरकार द्वारा राज्यसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक विभिन्न राज्यों में हजारों अगरबत्ती मशीनें वितरित की गई हैं। कर्नाटक में इन चार वर्षों के दौरान क्रमशः 90, 80, 40 और 20 मशीनें कारीगरों को दी गईं। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में भी मशीन वितरण लगातार बढ़ रहा है। महाराष्ट्र में वर्ष 2021-22 में 260 मशीनों का वितरण विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उत्तर प्रदेश में भी 2024-25 में 120 मशीनें प्रदान की गईं, जिससे वहां के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बने हैं।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल अगरबत्ती उद्योग के लिए किसी ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना का कोई प्रस्ताव नहीं है।

यह जानकारी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने राज्यसभा में अपने लिखित उत्तर के माध्यम से साझा की।

 

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