यूपी में केसीसी पर बड़ा फैसला: 15 मई से चलेगा विशेष अभियान, ज्यादा किसानों को मिलेगा लाभ

Major decision on KCC in UP: Special campaign to be launched from May 15, more farmers to benefit

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने निर्देश दिए हैं कि 15 मई 2026 से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जारी करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिल सके।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि इस अभियान के तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के डेटा का उपयोग किया जाएगा, जिससे उन किसानों की पहचान कर उन्हें आसानी से KCC से जोड़ा जा सके जो अभी तक इस सुविधा से वंचित हैं। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को समय पर सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाए, जिससे खेती की लागत कम हो और उत्पादन बढ़े।

मंत्री ने बैंकों और कृषि विभाग को संयुक्त रूप से काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए गांव-गांव जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। साथ ही किसानों को यह जानकारी दी जाए कि समय पर ऋण चुकाने पर ब्याज दर में राहत मिलती है, जिससे उनका आर्थिक बोझ कम होता है।

बैठक में यह भी जोर दिया गया कि लंबित ऋण खातों को नियमित किया जाए और किसानों को समय पर भुगतान के लिए प्रेरित किया जाए। इससे बैंकिंग व्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की क्रेडिट हिस्ट्री भी बेहतर बनेगी, जिससे भविष्य में उन्हें आसानी से ऋण मिल सकेगा।

गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

इसी दौरान पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने गोशालाओं को आत्मनिर्भर उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोबर का वैज्ञानिक उपयोग कर:

जैसे उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि झांसी, चंदौली, फर्रुखाबाद, कानपुर और बाराबंकी जैसे जिलों में चल रहे सफल मॉडलों का अध्ययन कर उन्हें पूरे प्रदेश में लागू किया जाए। साथ ही गोबर आधारित उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और मानकीकरण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।

30 नए गो संरक्षण केंद्रों का लोकार्पण

पशुधन मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान 15 जिलों में 30 वृहद गो संरक्षण केंद्रों का वर्चुअल लोकार्पण भी किया। हर केंद्र में लगभग 400 गोवंश को संरक्षित करने की क्षमता है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक:

उत्तर प्रदेश सरकार के ये कदम किसानों और पशुपालकों दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। जहां एक ओर KCC अभियान से किसानों को सस्ता ऋण मिलेगा, वहीं गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

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