ग्रामीण विकास मंत्रालय ने लॉन्च किया रियल-टाइम इंटरनल ऑडिट पोर्टल, सुशासन में बड़ा डिजिटल बदलाव

ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) ने आज एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल करते हुए रियल-टाइम इंटरनल ऑडिट पोर्टल को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया। यह अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म पारंपरिक, कागज़-आधारित ऑडिट प्रणाली को बदलकर एक केंद्रीकृत, डिजिटल और वास्तविक समय निगरानी वाला तंत्र स्थापित करता है। इससे पारदर्शिता, जवाबदेही और शासन की दक्षता में ऐतिहासिक सुधार आने की उम्मीद है।

यह पोर्टल राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित किया गया है और इसकी समीक्षा ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव श्री शैलेश कुमार सिंह द्वारा की गई। इस अवसर पर CCA श्री अखिलेश झा और विभाग के कई संयुक्त सचिव भी उपस्थित रहे।

 

उच्च स्तर पर प्रत्यक्ष निगरानी की सुविधा

इस पोर्टल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है—
सचिव स्तर तक प्रत्यक्ष, रियल-टाइम एक्सेस।

इससे शीर्ष नेतृत्व को सभी विभागों में ऑडिट की स्थिति का सीधा अवलोकन प्राप्त होगा, जिससे—

श्री शैलेश कुमार सिंह ने कहा—
“यह इंटरनल ऑडिट पोर्टल निगरानी को शक्तिशाली बनाएगा और ऑडिट निष्कर्षों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। डिजिटल तकनीक का यह उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी शासन को नई दिशा देगा।”

 

इंटरनल ऑडिट पोर्टल की प्रमुख विशेषताएँ

पोर्टल (https://ruralaudit.dord.gov.in) ग्रामीण विकास मंत्रालय की कार्यप्रणाली में कई महत्वपूर्ण डिजिटल सुविधाएं जोड़ता है:

1. रियल-टाइम डैशबोर्ड

2. स्वचालित स्केलेशन मैकेनिज़्म

अनुपालन में देरी होने पर सिस्टम स्वतः अलर्ट भेजता है, जिससे सभी प्रशासनिक स्तरों पर जवाबदेही मजबूत होती है।

3. रोल-आधारित सुरक्षित एक्सेस

जरूरत के हिसाब से अलग-अलग अधिकारियों को एक्सेस प्रदान की जाती है, जिससे डेटा सुरक्षा और विभागों के बीच तालमेल बेहतर होता है।

4. केंद्रीकृत ट्रैकिंग सिस्टम

फील्ड से लेकर मुख्यालय तक सभी ऑडिट टिप्पणियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर ट्रैक किया जा सकता है।

 

संस्थागत उत्कृष्टता की दिशा में बड़ा कदम

डिजिटल ऑडिट सिस्टम से मंत्रालय को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे:

ग्रामीण विकास मंत्रालय का यह कदम डिजिटल इंडिया के विज़न को गति देता है और सुनिश्चित करता है कि ग्रामीण विकास पर खर्च होने वाली हर राशि का नियमन और समीक्षा उच्चतम मानकों के अनुसार हो।

 

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