ओडिशा के किसानों को मिलेगा NBRI का सहयोग, बढ़ेगी आय

֍:कितनी है ओडिशा में फूलों की मांग?§ֆ:ओडिशा में कई किसान फूल की खेती कर रहे हैं. राज्य में करीब 6500 हेक्टेयर की जमीन पर फूलों की खेती की जाती है. इस तरह से राज्य में प्रतिवर्ष 24,800 टन के खुले हुए फूल और 5,500 लाख कटे फूलों का उत्पादन किया जाता है. बता दें कि मांग का केवल 18 फीसदी ही पूरा कर सकता है. बाकी फूलों की आपूर्ति के लिए कोलकाता, बेंगंलुरु, दिल्ली और हैदराबाद जैसे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है. फूल की खेती के लिए ओडिशा की जलवायु भी उपयुक्त मानी जाती है.§֍:कितने हैं इन FPO में सदस्य§ֆ:फूलों की ओर किसान का ध्यान केंद्रित करने वाली राज्य की पहला किसान उत्पादक संगठन सबूजा सनातनपाली किसान कंपनी लिमिटेड है. इस एफपीओ को नाबार्ड द्वारा समर्थन भी प्राप्त है. एसएसएफपीसीएल में एक हजार से ज़्यादा छोटे और सीमांत किसान सदस्य हैं. इन सदस्यों में 50 फीसदी महिलाएं हैं. §भारत में फूलों की खेती कई राज्यों में होती है, जिसमें किसान काफी अच्छी कमाई कर लेते हैं. ऐसे में ओडिशा में फूल की खेती करने वाले किसानों को एफपीओ की जरिए जोड़ा जा रहा है. इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी. जिसको लेकर ओडिशा के किसान उत्पादक समूह और वैज्ञानिक औद्योगिक अनुसंधान परिषद की एक इकाई लखनऊ में बन गई है. यह इकाई राष्ट्रीय वनस्ति अनुसंधान संस्थान के बीच होने वाली है. ओडिशा के लगभग सभी एफपीओ किसानों की मदद के लिए आगे बढ़ रहे हैं.

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