ओडिशा में राष्ट्रीय एससी-एसटी हब और एमएसएमई योजनाओं पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन


केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा ओडिशा के कोरापुट जिले स्थित साहेब लक्ष्मण नायक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दिनांक 14 जुलाई 2025 को एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ओडिशा राज्य में उद्यमिता को प्रोत्साहन देना और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना था।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय एमएसएमई राज्य मंत्री सुष्री शोभा करंदलाजे ने की। कार्यक्रम में ओडिशा सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रीगण – श्री नित्यानंद गोंड (एससी-एसटी विकास मंत्री), श्री गोकुलानंद मलिक (मत्स्य और पशु संसाधन विकास मंत्री एवं MSME विभाग), तथा श्री सम्पद चंद्र स्वैन (उद्योग, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री) की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही सांसद श्री बलभद्र माझी, सांसद श्री सुकांत कुमार पाणिग्रही, ओडिशा के कई विधायकों और केंद्र व राज्य सरकार के अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।

कार्यक्रम की शुरुआत में एनएसआईसी के चेयरमैन एवं एमडी डॉ. सुभ्रांशु शेखर आचार्य ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि राष्ट्रीय एससी-एसटी हब योजना के तहत केंद्र सरकार अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के उद्यमियों को प्रोत्साहन देने हेतु विशेष रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की सार्वजनिक खरीद नीति के अंतर्गत कुल खरीद में से 4% एससी/एसटी उद्यमों और 3% महिला उद्यमों से अनिवार्य रूप से की जाती है।

एमएसएमई मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती मरसी एपाओ ने अपने संबोधन में मंत्रालय की विभिन्न प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी, जैसे कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, पीएमईजीपी, एमएसई-सीडीपी, ईएसडीपी, टूल रूम, जेड सर्टिफिकेशन, उद्यंम रजिस्ट्रेशन, तथा खरीद एवं विपणन सहायता योजना आदि। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य समावेशी विकास और एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत बनाना है।

मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री सुष्री शोभा करंदलाजे ने अपने संबोधन में एमएसएमई क्षेत्र के भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान को रेखांकित करते हुए बताया कि यह क्षेत्र देश के जीडीपी में लगभग 30% और निर्यात में 45% से अधिक का योगदान देता है। उन्होंने कहा कि 6.58 करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ, जो उद्यंम पोर्टल पर पंजीकृत हैं, करीब 28 करोड़ लोगों को रोजगार दे रही हैं। उन्होंने ओडिशा के युवाओं से आह्वान किया कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर उद्यमी बनें और “विकसित भारत 2047″ के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साकार करें। कार्यक्रम में उपस्थित राज्य मंत्रियों और सांसदों ने भी युवाओं से सरकार की योजनाओं का लाभ लेने और स्वरोजगार के रास्ते पर चलने का आह्वान किया।

इस अवसर पर एक तकनीकी सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें KVIC, NSIC, MSME DFO, कोयर बोर्ड, NALCO, HAL, SBI और SIDBI जैसे संस्थानों ने वेंडर एम्पैनलमेंट प्रक्रिया एवं अपनी सेवाओं की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, उद्यंम पंजीकरण, GeM पोर्टल, पीएम विश्वकर्मा, तथा राष्ट्रीय एससी-एसटी हब योजना से संबंधित सहायता केंद्रों की भी व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम में विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। यह जागरूकता कार्यक्रम न केवल जानकारी का आदान-प्रदान करने का मंच बना बल्कि उद्यमियों और सरकारी संस्थानों के बीच संवाद का एक उपयोगी माध्यम भी सिद्ध हुआ।

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