OnionFarmers: महाराष्ट्र में उग्र हुआ प्याज किसानों का आंदोलन, 3,000 रुपये प्रति क्विंटल MSP जैसी गारंटी की मांग

Onion Farmers' agitation intensifies in Maharashtra, demands MSP guarantee of Rs 3,000 per quintal

OnionFarmers

OnionFarmers

Onion Farmers: महाराष्ट्र में प्याज किसानों का आंदोलन अब और तेज होता जा रहा है। मंगलवार (2 जून 2026) को किसानों ने महा विकास अघाड़ी (MVA) के नेताओं के साथ मिलकर पुणे-नासिक नेशनल हाईवे पर ‘रास्ता रोको’ आंदोलन किया। किसानों ने अपनी उपज के लिए न्यूनतम 25 से 30 रुपये प्रति किलो यानी करीब 3,000 रुपये प्रति क्विंटल का गारंटीशुदा भाव तय करने की मांग उठाई।

पुणे जिले के आंबेगांव तालुका में बड़ी संख्या में किसान हाईवे पर पहुंचे और प्याज की मालाएं पहनकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान यातायात भी प्रभावित हुआ। किसानों का कहना है कि बाजार में प्याज के दाम उत्पादन लागत से भी नीचे चले गए हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

तीन सप्ताह में तीसरा बड़ा आंदोलन

पिछले तीन सप्ताह के दौरान यह तीसरा बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है। किसानों का आरोप है कि उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन (NAFED) के माध्यम से APMC मंडियों से प्याज की खरीद शुरू करे और किसानों को कम से कम 3,000 रुपये प्रति क्विंटल का भाव सुनिश्चित करे। किसानों का कहना है कि अगर सरकार जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

विपक्षी नेताओं ने दिया समर्थन

इस आंदोलन को महाराष्ट्र के कई प्रमुख विपक्षी नेताओं का समर्थन मिला। प्रदर्शन में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, एनसीपी (एसपी) के नेता रोहित पवार, सांसद नीलेश लंके, शशिकांत शिंदे, शिवसेना (UBT) के विधायक बाबाजी काले और पूर्व विधायक अशोक पवार शामिल हुए।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि जब तक किसानों को 3,000 रुपये प्रति क्विंटल का भाव नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

25 लाख प्याज किसान संकट में

एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण करीब 25 लाख प्याज किसान और उनके परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कई किसान लगातार हो रहे नुकसान के चलते मानसिक दबाव में हैं और कुछ किसानों ने आत्महत्या जैसी चेतावनियां भी दी हैं।

रोहित पवार ने कहा कि कमजोर मॉनसून और अल नीनो जैसी मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण आने वाले समय में उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में किसानों को राहत देने के लिए तत्काल सरकारी हस्तक्षेप जरूरी है।

किसानों की प्रमुख मांगें

सरकार के सामने बढ़ी चुनौती

महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक राज्य माना जाता है। ऐसे में प्याज किसानों का बढ़ता आंदोलन सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। यदि किसानों की मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

Exit mobile version