बीकानेर में जैविक क्रांति: सहजसर बनेगा 100% ऑर्गेनिक गांव, मंत्री सुमित गोदारा का मिला समर्थन

राजस्थान के बीकानेर जिले से सतत कृषि और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। लूणकरणसर उपखंड के सहजसर गांव में चल रही जैविक खेती और पशुपालन आधारित परियोजना को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा का समर्थन मिल गया है। इससे इस पहल को नई गति और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

यह महत्वाकांक्षी परियोजना कोफेड (CoFed) द्वारा संचालित की जा रही है, जिसका लक्ष्य सहजसर को 100% जैविक ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करना है। यदि यह प्रयास सफल होता है, तो यह पश्चिमी राजस्थान का पहला पूर्णतः ऑर्गेनिक गांव बन जाएगा।

इससे पहले कोफेड द्वारा कोटपूतली क्षेत्र के बामनवास कांकर गांव में भी इसी तरह का मॉडल विकसित किया जा रहा है, जिसने इस नई पहल की नींव रखी है।

परियोजना को लेकर कोफेड के सीईओ जितेन्द्र सेवावत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से मुलाकात की और उन्हें इसकी विस्तृत योजना से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से इस परियोजना के मुख्य पर्यवेक्षक के रूप में मार्गदर्शन देने का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।

क्या है इस परियोजना की खासियत?

मंत्री सुमित गोदारा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जैविक खेती भविष्य की जरूरत है और इससे किसानों व पशुपालकों दोनों को फायदा होगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

वहीं, जितेन्द्र सेवावत के अनुसार कोफेड का उद्देश्य ऐसा मॉडल तैयार करना है, जहां खेती और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक बनें और गांव आत्मनिर्भर बन सके। बामनवास कांकर में मिली सफलता ने इस दिशा में संगठन का आत्मविश्वास बढ़ाया है।

किसानों और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद

यह परियोजना न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि दीर्घकालिक स्थिरता भी सुनिश्चित करेगी। रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के कम उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और जल स्रोत भी सुरक्षित रहेंगे।

कुल मिलाकर, बीकानेर का सहजसर गांव अब एक नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। कोफेड और राज्य सरकार के सहयोग से यह पहल आने वाले समय में पूरे राजस्थान के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है।

 

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