PUSA Decomposer कैसे करता है काम? जानें Ground-Level Use और फायदे

How does the PUSA Decomposer work? Learn about its ground-level application and benefits.

PUSA Decomposer

धान की कटाई के बाद खेत में बची पराली उत्तर भारत के किसानों के लिए केवल पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा नहीं है। असली समस्या खेत के स्तर पर दिखाई देती है। एक फसल कट चुकी होती है और अगली फसल, खासकर गेहूं, की बुवाई के लिए समय बहुत कम बचता है। खेत में कई टन धान का अवशेष पड़ा हो तो किसान के सामने सवाल होता है कि इसे जल्दी और कम खर्च में कैसे संभाला जाए।

इसी समस्या के समाधान के रूप में PUSA Decomposer की चर्चा बढ़ी है। इसे ICAR-Indian Agricultural Research Institute यानी ICAR-IARI, नई दिल्ली ने विकसित किया है। यह सूक्ष्मजीवों पर आधारित एक bio-decomposer है, जिसका उद्देश्य फसल अवशेषों के अपघटन की प्रक्रिया को तेज करना है। ICAR के अनुसार Pusa Decomposer सात प्रकार की fungal species के microbial consortium पर आधारित है।

लेकिन किसी तकनीक का प्रयोगशाला या सरकारी प्रदर्शन में सफल होना और किसान के खेत पर सुविधाजनक होना दो अलग बातें हैं। इसलिए PUSA Decomposer को समझने का सही तरीका यह है कि इसे ground-level farming conditions के संदर्भ में देखा जाए।

यह लेख इसी बात पर केंद्रित है कि PUSA Decomposer का ground-level इस्तेमाल कैसे होता है, किसान को किन तैयारियों की जरूरत पड़ती है, खेत में नमी क्यों महत्वपूर्ण है, मशीनों की भूमिका क्या रहती है और किन परिस्थितियों में इसके परिणाम बेहतर या कमजोर हो सकते हैं।

PUSA Decomposer क्या है?

PUSA Decomposer एक microbial formulation है। सरल शब्दों में कहें तो इसमें ऐसे सूक्ष्मजीवों का समूह होता है जो पौधों के सूखे अवशेष को तोड़ने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया को तेज करने में मदद करता है।धान का पुआल मुख्य रूप से cellulose, hemicellulose और lignin जैसे पदार्थों से बना होता है। यही कारण है कि सामान्य परिस्थितियों में इसे सड़ने और मिट्टी में मिलने में समय लगता है।PUSA Decomposer इन अवशेषों को रातोंरात गायब नहीं करता। इसका काम decomposition यानी जैविक अपघटन की प्राकृतिक प्रक्रिया को तेज करना है।ICAR-IARI के अनुसार यह तकनीक धान की पराली के अलावा मक्का, सरसों, सोयाबीन और विभिन्न बागवानी तथा कृषि अवशेषों के decomposition में भी उपयोगी हो सकती है।इसका मूल उद्देश्य बहुत साफ है:पराली जलाने के बजाय उसे उसी खेत में मिट्टी के साथ मिलाकर जैविक पदार्थ के रूप में उपयोग करना।इसी प्रक्रिया को in-situ crop residue management कहा जाता है।

PUSA Decomposer का ground-level इस्तेमाल क्यों महत्वपूर्ण है?

खेती में किसी तकनीक का मूल्य इस बात से तय होता है कि वह असली खेत की परिस्थितियों में कितनी उपयोगी है।मान लीजिए किसान ने धान की कटाई अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में की। अब उसके पास गेहूं की बुवाई के लिए सीमित समय है। खेत में धान की मोटी पराली बिखरी हुई है।ऐसी परिस्थिति में किसान के सामने मुख्य विकल्प होते हैं:

पराली को खेत से बाहर निकालना, मशीन से उसका प्रबंधन करना, उसे मिट्टी में मिलाना या गलत तरीके से उसे जला देना।जलाना किसान को तुरंत आसान लग सकता है, लेकिन इससे पोषक तत्वों की हानि, धुआं और वायु प्रदूषण जैसी समस्याएं पैदा होती हैं।यहीं PUSA Bio Decomposer उपयोगी विकल्प बन सकता है। इसका उद्देश्य पराली को खेत में ही धीरे-धीरे गलाकर अगली फसल के लिए जमीन तैयार करने में सहायता करना है।लेकिन यह समझना जरूरी है कि decomposer किसी मशीन का पूर्ण विकल्प नहीं है।ICAR-IARI भी स्पष्ट करता है कि PUSA Decomposer मशीनों को replace नहीं करता। बेहतर परिणाम के लिए पराली को काटने, समान रूप से फैलाने, मिट्टी में मिलाने और पर्याप्त नमी बनाए रखने जैसी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण रहती हैं।

धान कटने के बाद सबसे पहला काम क्या होना चाहिए?

PUSA Decomposer का खेत में इस्तेमाल कैसे करें यह समझने के लिए पूरी प्रक्रिया को चरणों में समझना बेहतर है।सबसे पहला काम है पराली की स्थिति देखना। यदि combine harvester से धान काटा गया है तो खेत में दो तरह का residue दिखाई दे सकता है। पहला, जमीन के करीब खड़ा stubble और दूसरा, मशीन से निकलकर खेत में बिखरा पुआल। यदि पुआल बहुत लंबे टुकड़ों या मोटी परत में पड़ा है, तो decomposer का समान प्रभाव प्राप्त करना कठिन हो सकता है। इसलिए व्यावहारिक तौर पर residue को छोटे हिस्सों में काटकर समान रूप से फैलाना उपयोगी रहता है। Chopper और Mulcher जैसी मशीनें इस काम में मदद करती हैं।  इसके बाद decomposer का spray किया जाता है और जरूरत के अनुसार residue को rotavator, harrow या अन्य उपयुक्त कृषि यंत्र से मिट्टी के संपर्क में लाया जाता है।सरकारी दिशा-निर्देशों में भी Pusa Decomposer के साथ mechanical intervention और जरूरत पड़ने पर हल्की सिंचाई का उल्लेख मिलता है।

PUSA Decomposer

PUSA Decomposer के इस्तेमाल में नमी क्यों जरूरी है?

कई किसान bio-decomposer को किसी chemical herbicide या pesticide spray की तरह समझ लेते हैं। यही सबसे बड़ी गलतफहमियों में से एक है।PUSA Decomposer में जीवित microbial activity महत्वपूर्ण होती है।सूक्ष्मजीवों को सक्रिय रहने और crop residue पर काम करने के लिए उचित नमी की जरूरत होती है। यदि जमीन और पराली बहुत सूखी है, तो decomposition की गति धीमी हो सकती है।इसलिए spray करने के बाद खेत की स्थिति देखकर light irrigation यानी हल्की सिंचाई की आवश्यकता पड़ सकती है।

इसका मतलब खेत में पानी भर देना नहीं है।उद्देश्य केवल ऐसा वातावरण बनाना है जिसमें residue नम रहे और microbes सक्रिय रह सकें। यही कारण है कि PUSA Decomposer practical केवल spray तक सीमित नहीं है। नमी प्रबंधन इसकी सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

PUSA Decomposer solution कैसे काम करता है?

Pusa Decomposer capsule और अन्य formulations में उपलब्ध रहा है। ICAR-IARI की प्रकाशित जानकारी के अनुसार चार capsules से लगभग 25 litre liquid formulation तैयार किया जा सकता है, जिसे आगे पानी में dilute करके लगभग एक hectare क्षेत्र में मौजूद धान के अवशेष पर उपयोग किया जा सकता है।ICAR-IARI की service information में capsule formulation के साथ ready-to-use wettable powder formulation का भी उल्लेख है।यहां किसान के लिए एक महत्वपूर्ण सावधानी जरूरी है।बाजार में उपलब्ध formulation अलग-अलग रूप में हो सकता है। इसलिए किसी एक पुराने वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट में बताई गई मात्रा को हर उत्पाद पर लागू नहीं करना चाहिए। जिस formulation को खरीदा गया है, उसी के पैक पर दिए गए निर्देश और ICAR-IARI, KVK या कृषि विभाग की वर्तमान recommendation को प्राथमिकता देनी चाहिए।

खेत में PUSA Decomposer लगाने की व्यावहारिक प्रक्रिया

1. धान की कटाई

Combine harvester से धान काटने के बाद खेत में मौजूद residue की मात्रा और उसका फैलाव देखें।

2. पराली को छोटा करना

यदि residue लंबा और मोटी परत में है तो chopper, straw management system या mulcher की मदद से इसे छोटे हिस्सों में काटना उपयोगी है।छोटा residue microbes के संपर्क में आसानी से आता है।

3. पराली को समान रूप से फैलाना

एक स्थान पर बहुत ज्यादा और दूसरे स्थान पर बहुत कम पुआल होने से decomposition भी असमान हो सकता है।इसलिए residue का uniform distribution महत्वपूर्ण है।

4. PUSA Decomposer का spray

निर्धारित मात्रा में तैयार decomposer solution को crop residue पर समान रूप से spray किया जाता है।Sprayer की मदद से कोशिश होनी चाहिए कि खेत का कोई बड़ा हिस्सा छूटे नहीं।

5. मिट्टी और residue का संपर्क

Spray के बाद residue को आवश्यकतानुसार मिट्टी के संपर्क में लाया जाता है। इसके लिए rotavator, harrow या अन्य suitable machine का उपयोग किया जा सकता है।मिट्टी के संपर्क से microbial decomposition के लिए बेहतर वातावरण मिलता है।

6. हल्की सिंचाई

यदि खेत सूखा है तो हल्की सिंचाई की जा सकती है।नमी decomposition process में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

7. खेत की निगरानी

इसके बाद खेत को समय देना आवश्यक है।सरकारी जानकारी में उचित परिस्थितियों और प्रबंधन के साथ धान की पराली के decomposition में लगभग 20 से 25 दिन का समय बताया गया है। प्राकृतिक परिस्थितियों में decomposition का समय इससे अधिक हो सकता है।यह कोई fixed guarantee नहीं है। तापमान, नमी, residue की मात्रा, मिट्टी और management practices के कारण समय बदल सकता है।

क्या PUSA Decomposer डालते ही पराली खत्म हो जाती है?

नहीं। यह धारणा व्यावहारिक खेती में सबसे अधिक भ्रम पैदा करती है। PUSA Decomposer spray करने के अगले दिन खेत पूरी तरह साफ नहीं हो जाता।Microbial decomposition एक biological process है। इसमें समय लगता है।कुछ दिनों बाद residue नरम होने लगता है। फिर धीरे-धीरे उसका structure टूटता है और वह मिट्टी तथा organic matter का हिस्सा बनने लगता है।इसलिए जो किसान इसे chemical reaction जैसा तत्काल परिणाम देने वाला product समझकर इस्तेमाल करेगा, उसे निराशा हो सकती है।PUSA Decomposer को एक crop residue decomposition technology के रूप में देखना चाहिए, न कि पराली गायब करने वाले spray के रूप में।

गेहूं की बुवाई में PUSA Decomposer की भूमिका

उत्तर भारत में धान के बाद गेहूं की खेती करने वाले किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि decomposition के कारण wheat sowing late तो नहीं होगी?यह चिंता वास्तविक है।धान और गेहूं के बीच का समय कम होता है। यदि decomposition अपेक्षा से धीमा हुआ तो बुवाई प्रभावित हो सकती है।इसीलिए residue management की planning धान कटने के तुरंत बाद करनी चाहिए।ICAR-IARI के अनुसार chopper/mulcher, decomposer spray, rotavator और moisture management जैसी practices को मिलाकर उपयोग करने पर पराली का decomposition तेज किया जा सकता है और खेत को गेहूं की बुवाई के लिए तैयार करने में मदद मिलती है।इसका अर्थ यह भी है कि केवल decomposer खरीदना समाधान नहीं है।Timing + machinery + moisture + microbial solution, चारों का तालमेल महत्वपूर्ण है।

PUSA Decomposer के ground-level फायदे

पराली जलाने की जरूरत कम हो सकती है

इस तकनीक का सबसे स्पष्ट उद्देश्य crop residue को जलाने के बजाय खेत में ही manage करना है।2021 में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में decomposer इस्तेमाल किए गए क्षेत्रों को लेकर सरकार ने बताया था कि satellite monitoring में decomposer वाले लगभग 92 प्रतिशत क्षेत्र में burning नहीं देखी गई। यह आंकड़ा किसी एक खेत में परिणाम की गारंटी नहीं है, लेकिन बड़े स्तर पर तकनीक की संभावनाओं को दिखाता है।

Organic matter खेत में रहता है

पराली जलाने पर उसका बड़ा हिस्सा नष्ट हो जाता है। लेकिन residue को decomposition के बाद मिट्टी में मिलाने पर organic material खेत में ही रह सकता है।इससे लंबे समय में soil biological activity और soil organic matter management को मदद मिल सकती है।

पर्यावरण पर दबाव कम

Stubble burning से particulate pollution और धुआं बढ़ता है।यदि किसान residue को खेत में ही manage करता है, तो open-field burning की जरूरत कम की जा सकती है।

दूसरे कृषि अवशेषों में उपयोग

Pusa Decomposer केवल rice straw तक सीमित नहीं है। ICAR ने इसे soybean trash, millet, maize residues, mustard stover तथा विभिन्न horticultural wastes के decomposition के लिए भी उपयोगी बताया है।

Ground level पर सबसे बड़ी चुनौतियां

तकनीक के फायदे बताना आसान है, लेकिन किसान के स्तर पर इसकी सीमाओं पर चर्चा उतनी ही जरूरी है।

1. समय की कमी

धान की कटाई और गेहूं की बुवाई के बीच बहुत कम समय होता है।यदि धान देर से कटे तो किसान 20 से 25 दिन इंतजार करने की स्थिति में हमेशा नहीं होता।इसलिए यह तकनीक हर किसान और हर cropping calendar में बिल्कुल समान तरीके से फिट नहीं होती।

2. मशीन की उपलब्धता

Decomposer machine का replacement नहीं है।यदि किसान के पास residue chopping, mixing या incorporation के लिए आवश्यक machinery उपलब्ध नहीं है, तो implementation कठिन हो सकता है।छोटे किसानों के लिए Custom Hiring Centre, FPO या cooperative machinery access इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है।

3. खेत में पर्याप्त moisture

सूखे खेत में biological decomposition धीमा हो सकता है।लेकिन हर किसान के पास तुरंत सिंचाई की सुविधा हो, यह जरूरी नहीं है।

4. Spray coverage

यदि spray समान रूप से नहीं हुआ तो कुछ हिस्सों में residue जल्दी और कुछ हिस्सों में धीरे टूट सकता है।बड़े खेतों में uniform spraying एक practical challenge हो सकता है।

5. मौसम

कम तापमान, बहुत सूखा मौसम या अन्य environmental conditions microbial activity को प्रभावित कर सकती हैं।इसलिए वास्तविक field performance location और मौसम के अनुसार बदल सकती है।

के लिए यह ज्यादा उपयोगी हो सकता है?

PUSA Decomposer खासतौर पर उन किसानों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है जो crop residue को खेत में ही retain करना चाहते हैं और उनके पास residue management के लिए पर्याप्त समय तथा मशीन उपलब्ध है।उदाहरण के लिए यदि किसी किसान ने धान की कटाई समय पर कर ली है और अगली फसल की बुवाई तक पर्याप्त अंतर है, तो decomposer आधारित residue management relatively practical हो सकता है।

इसके विपरीत अगर गेहूं की बुवाई तुरंत करनी है, खेत में बहुत ज्यादा residue है और मशीन उपलब्ध नहीं है, तो किसान को दूसरी in-situ residue management techniques के साथ तुलना करनी चाहिए।यानी एक ही समाधान हर खेत पर लागू नहीं किया जा सकता।

PUSA Decomposer बनाम पराली जलाना

पराली जलाने का सबसे बड़ा आकर्षण गति है।कुछ ही समय में खेत साफ दिखाई देने लगता है।लेकिन यह केवल surface-level solution है।Burning से धुआं पैदा होता है, खेत में मौजूद जैविक पदार्थ नष्ट होता है और हवा की गुणवत्ता प्रभावित होती है।दूसरी ओर PUSA Decomposer for paddy straw management में समय और management की आवश्यकता अधिक है, लेकिन residue को खेत में ही उपयोग करने की संभावना रहती है।किसान के नजरिए से वास्तविक सवाल यह नहीं होना चाहिए कि कौन-सा तरीका सबसे तेज है।सवाल यह होना चाहिए कि कौन-सा तरीका समय, लागत, मिट्टी, उपलब्ध machinery और अगली फसल के हिसाब से ज्यादा sustainable है।

PUSA Decomposer और मशीनें साथ क्यों जरूरी हैं?

कई बार नई agricultural technology को इस तरह प्रचारित किया जाता है मानो वह अकेले पूरी समस्या हल कर देगी।PUSA Decomposer के मामले में ऐसा समझना ठीक नहीं है।एक hectare खेत में कई tonnes crop residue हो सकता है। उस पूरे biomass पर microbes को प्रभावी ढंग से काम करने के लिए residue का surface area, moisture और soil contact महत्वपूर्ण हैं।यही कारण है कि chopper, mulcher और rotavator जैसी machinery की भूमिका बनी रहती है।

सरकारी जानकारी के अनुसार decomposer application के बाद straw को rotavator, harrow या reverse mould-board plough जैसी mechanical interventions से मिट्टी में समान रूप से मिलाया जा सकता है। यानी PUSA Decomposer + Crop Residue Management Machinery को complementary technology के रूप में समझना अधिक व्यावहारिक है।2024 में केंद्र सरकार ने भी powdered bio-decomposer को crop residue management machines के साथ complementary mode में बढ़ावा देने की बात कही थी।

छोटे किसान PUSA Decomposer कैसे अपनाएं?

छोटे किसान के लिए अलग से expensive machinery खरीदना आर्थिक रूप से संभव नहीं होता।ऐसी स्थिति में सामूहिक मॉडल बेहतर हो सकता है।एक गांव के किसान मिलकर spraying और residue management की planning कर सकते हैं। FPO, cooperative society, पंचायत या Custom Hiring Centre से मशीन ली जा सकती है।इससे प्रति acre machinery cost कम हो सकती है।Krishi Vigyan Kendra यानी KVK और जिला कृषि विभाग से स्थानीय recommendation लेना भी उपयोगी है।Ground-level adoption तभी बढ़ेगा जब किसान के लिए technology केवल उपलब्ध ही नहीं बल्कि accessible, timely और economical भी हो।

PUSA Decomposer इस्तेमाल करते समय सामान्य गलतियां

पहली गलती है decomposer spray करके तुरंत अगली प्रक्रिया शुरू कर देना और biological decomposition के लिए पर्याप्त समय न देना।दूसरी गलती है सूखी पराली पर spray करके moisture management न करना।तीसरी गलती है बहुत मोटी residue layer छोड़ देना।चौथी गलती है recommended quantity की जगह अंदाज से solution बनाना।पांचवीं गलती है किसी पुराने YouTube वीडियो में दिखाई गई formulation को वर्तमान product पर लागू करना।Pusa Decomposer capsule, liquid और wettable powder जैसे अलग formulations में उपलब्ध रहा है। इसलिए exact dose या dilution के लिए current product label अथवा official recommendation देखना जरूरी है।

क्या PUSA Decomposer से खाद भी बन सकती है?

Crop residue के microbial decomposition के बाद वह organic matter में बदलता है और धीरे-धीरे मिट्टी के nutrient cycle का हिस्सा बन सकता है।लेकिन इसे यह कहकर प्रचारित करना कि decomposer डालते ही पूरा straw तुरंत high-quality manure बन जाता है, तकनीकी रूप से अतिशयोक्ति होगी।Decomposition कई stages में होता है।Microorganisms plant material को छोटे organic compounds में तोड़ते हैं। आगे चलकर यह material soil organic matter और nutrient cycling में योगदान करता है।इसलिए इसे soil health management का एक हिस्सा समझना बेहतर है।

भारत में PUSA Decomposer का इस्तेमाल

PUSA Decomposer केवल experimental technology नहीं रहा है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार इसका demonstration और application पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, गुजरात और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में किया गया है।

2021-22 के आसपास पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बड़े क्षेत्र में इसका इस्तेमाल किया गया था। 2023 में प्रकाशित सरकारी जानकारी के अनुसार 2022 में विभिन्न योजनाओं और public-private partnerships के माध्यम से लगभग 7.70 लाख hectare क्षेत्र में in-situ decomposition activities कवर की गई थीं।ये आंकड़े बताते हैं कि technology को field level पर बड़े पैमाने पर आजमाया गया है।फिर भी हर किसान के खेत में परिणाम समान होंगे, ऐसा मानना उचित नहीं है।

PUSA Decomposer को सफल बनाने के लिए 5 जरूरी बातें

पहली, सही समय पर शुरुआत।
धान कटने के कई दिन बाद planning करने के बजाय harvesting के साथ residue management तय करें।

दूसरी, residue को uniform रखें।
मोटी-मोटी ढेरियों में पड़ा straw microbial decomposition को मुश्किल बना सकता है।

तीसरी, सही moisture रखें।
बहुत सूखा field microbial activity के लिए अनुकूल नहीं है।

चौथी, machinery को नजरअंदाज न करें।
Bio-decomposer और crop residue management machinery एक-दूसरे के पूरक हैं।

पांचवीं, local recommendation लें।
क्षेत्र का तापमान, मिट्टी, crop calendar और irrigation availability अलग-अलग होती है। इसलिए KVK या कृषि अधिकारी की स्थानीय सलाह ज्यादा उपयोगी हो सकती है।

भविष्य में PUSA Decomposer की क्या भूमिका हो सकती है?

भारत में crop residue management की समस्या केवल pollution तक सीमित नहीं है।यह soil organic carbon, farm mechanization, cropping intensity, water availability और agricultural economics से भी जुड़ी हुई है।इसी वजह से भविष्य का समाधान किसी एक product से नहीं निकलेगा।Bio-decomposer technology, Happy Seeder जैसी machinery, Super SMS, mulching, crop diversification, biomass-based industries और ex-situ residue utilization जैसे कई विकल्पों को एक साथ देखना होगा।इस पूरे system में PUSA Decomposer की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है क्योंकि यह crop waste को समस्या के बजाय biological resource के रूप में देखने का तरीका देता है।खेत में पड़े residue को जलाने के बजाय उसे मिट्टी के nutrient cycle में वापस लाना sustainable agriculture की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

PUSA Decomposer का ground-level इस्तेमाल समझने के बाद सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आती है कि यह कोई जादुई spray नहीं है जो पराली को कुछ घंटों में खत्म कर दे।यह microbial technology है जो सही परिस्थितियों में crop residue decomposition की प्राकृतिक प्रक्रिया को तेज करने में मदद करती है।इसके सफल उपयोग के लिए चार चीजें महत्वपूर्ण हैं: residue management, सही spray, पर्याप्त moisture और समय।यदि किसान इन चारों का सही तालमेल बनाता है तो PUSA Decomposer पराली जलाने के विकल्प के रूप में उपयोगी भूमिका निभा सकता है।लेकिन जहां अगली फसल की बुवाई के लिए बहुत कम समय है, irrigation उपलब्ध नहीं है या residue management machinery नहीं मिलती, वहां केवल decomposer पर निर्भर रहना व्यावहारिक नहीं होगा।इसलिए किसान को इसे standalone product की तरह नहीं बल्कि Integrated Crop Residue Management System के हिस्से के रूप में देखना चाहिए। यही PUSA Decomposer की असली ground-level उपयोगिता है।

FAQs: PUSA Decomposer से जुड़े सामान्य सवाल

1. PUSA Decomposer क्या है?

PUSA Decomposer ICAR-IARI द्वारा विकसित microbial bio-decomposer है, जिसका उपयोग धान की पराली और अन्य agricultural residues के decomposition को तेज करने के लिए किया जाता है।

2. PUSA Decomposer से पराली कितने दिन में गल सकती है?

सरकारी जानकारी में उचित field management के तहत लगभग 20 से 25 दिन में decomposition तेज होने और खेत को अगली प्रक्रिया के लिए तैयार करने की बात कही गई है। वास्तविक समय मौसम, नमी, residue और management के अनुसार बदल सकता है।

3. क्या PUSA Decomposer मशीन का विकल्प है?

नहीं। ICAR-IARI के अनुसार यह crop residue management machinery का replacement नहीं है। Chopping, mixing और soil incorporation के लिए machinery की आवश्यकता हो सकती है।

4. क्या PUSA Decomposer केवल धान की पराली के लिए है?

नहीं। ICAR के अनुसार इसका इस्तेमाल maize residue, mustard stover, soybean trash और विभिन्न horticultural तथा agricultural wastes के decomposition में भी किया जा सकता है।

5. क्या PUSA Decomposer लगाने के बाद सिंचाई जरूरी है?

यदि खेत सूखा है तो microbial activity बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई उपयोगी हो सकती है। आवश्यकता मिट्टी और मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी।

6. PUSA Decomposer का सबसे बड़ा फायदा क्या है?

इसका प्रमुख फायदा crop residue को जलाने के बजाय खेत में ही biologically decompose करने में सहायता करना है।

7. क्या छोटे किसान भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं?

हां। छोटे किसान FPO, cooperative, पंचायत या Custom Hiring Centre के माध्यम से residue management machinery और spraying facilities साझा करके इसका उपयोग कर सकते हैं।

8. PUSA Decomposer इस्तेमाल करने का सही समय क्या है?

धान harvesting के तुरंत बाद residue management शुरू करना बेहतर रहता है, ताकि decomposition के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध हो और अगली फसल की बुवाई प्रभावित न हो।

9. PUSA Decomposer की exact dose क्या है?

Dose formulation पर निर्भर करती है। Capsule, liquid और wettable powder formulations अलग हो सकते हैं। इसलिए खरीदे गए product के official label, ICAR-IARI या स्थानीय KVK की वर्तमान recommendation का पालन करना चाहिए।

10. क्या PUSA Decomposer sustainable farming में मदद कर सकता है?

हां। Crop residue burning को कम करना, organic residue को खेत में बनाए रखना और biological decomposition को बढ़ावा देना sustainable crop residue management की दिशा में उपयोगी कदम हो सकता है।

 

Exit mobile version