उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश से तबाही, सरकार अलर्ट; डिप्टी CM और कृषि मंत्री ने किया हवाई सर्वे

उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और चक्रवाती असर से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया।

हवाई सर्वे के दौरान बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, अमेठी, सुल्तानपुर, फतेहपुर, उन्नाव और लखनऊ समेत कई जिलों में फसलों को हुए नुकसान का आकलन किया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस आपदा में किसानों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और हरसंभव मदद दी जाएगी।

सर्वे के बाद आजमगढ़ और फतेहपुर में समीक्षा बैठकें भी आयोजित की गईं, जिनमें जिलाधिकारियों और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे फसल नुकसान का सर्वे तेजी से पूरा कर रिपोर्ट शासन को भेजें, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत राशि उपलब्ध कराई जा सके। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि नुकसान का सही आकलन कर आर्थिक सहायता दी जाएगी और राहत कार्यों में तेजी लाई जाएगी, जिससे किसानों को इस संकट से उबरने में मदद मिल सके।

वहीं दूसरी ओर बिहार में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए डिजिटल पहल की शुरुआत की गई है। राज्य में 12 बीज प्रक्षेत्रों में कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण किराये पर मिलेंगे। इसके अलावा 25 जिलों में 32 मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं शुरू की गई हैं, जिससे किसान अपनी जमीन की उर्वरता की सही जानकारी लेकर वैज्ञानिक तरीके से खेती कर सकेंगे।


एक ओर जहां उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए सरकार सक्रिय है, वहीं बिहार में तकनीक के जरिए कृषि को मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। दोनों राज्यों की पहलें किसानों के हित में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

 

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