यूपी में 43,850 हेक्टेयर बंजर और बीहड़ भूमि बनेगी खेती योग्य, किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का बड़ा फोकस

43,850 hectares of wasteland in UP becomes cultivable,

उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के तहत वर्ष 2026-27 में प्रदेश की 43,850 हेक्टेयर बीहड़, बंजर और जलभराव प्रभावित भूमि को कृषि योग्य बनाने की कार्ययोजना को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर 125.52 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

राज्य सरकार का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण, औद्योगीकरण, एक्सप्रेसवे और अन्य विकास परियोजनाओं के कारण कृषि योग्य भूमि का क्षेत्र लगातार घट रहा है। ऐसे में अनुपयोगी और कम उत्पादक भूमि को फिर से खेती के योग्य बनाकर खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ

योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के लघु एवं सीमांत किसानों, भूमिहीन कृषि मजदूरों तथा अनुसूचित जाति और जनजाति समुदायों को लाभ पहुंचाना है। भूमि सुधार के बाद इन वर्गों के किसानों को खेती के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे उनकी आय और रोजगार के साधनों में वृद्धि होगी।

जल संरक्षण और भूमि सुधार पर रहेगा विशेष जोर

योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार कई विकास कार्य किए जाएंगे। इनमें चेकडैम निर्माण, वर्षा जल संचयन संरचनाएं, भूमि समतलीकरण, जल निकासी नालों का निर्माण, कृषि वानिकी और वृक्षारोपण जैसे कार्य शामिल हैं। इन उपायों से न केवल भूमि की उत्पादकता बढ़ेगी बल्कि भूजल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।

35,600 हेक्टेयर बीहड़ और बंजर भूमि का होगा सुधार

सरकारी योजना के अनुसार कुल 35,600 हेक्टेयर बीहड़ एवं बंजर भूमि को उपचारित कर खेती योग्य बनाया जाएगा। वहीं 8,250 हेक्टेयर जलभराव प्रभावित क्षेत्र में भूमि उपचार, कृषि वानिकी, वृक्षारोपण और जल निकासी संबंधी कार्य कराए जाएंगे।

उपचारित भूमि पर चलाए जाएंगे फसल उत्पादन कार्यक्रम

भूमि सुधार के बाद सरकार किसानों को केवल भूमि उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उपचारित क्षेत्रों में फसल उत्पादन कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। इसके तहत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और बेहतर फसल प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी ताकि वे अधिक उत्पादन और बेहतर आमदनी हासिल कर सकें।

कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से प्रदेश में कृषि योग्य भूमि का दायरा बढ़ेगा, खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही भूमि संरक्षण, जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।

उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल न केवल बंजर और अनुपयोगी भूमि को नई पहचान देगी, बल्कि हजारों किसानों के जीवन में आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय भी लिखेगी।

 

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