आधार की मजबूती, सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए यूआईडीएआई और इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट में 5 वर्षीय समझौता

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने मंगलवार को इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट (ISI) के साथ एक पांच वर्षीय व्यापक अनुसंधान एवं विकास (R&D) समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य डेटा-आधारित नवाचारों के माध्यम से आधार प्रणाली की मजबूती, सुरक्षा और विश्वसनीयता को और बेहतर बनाना है।

इस समझौते के तहत दोनों संस्थान धोखाधड़ी और विसंगति पहचान, बायोमेट्रिक लाइवनेस डिटेक्शन टूल्स का विकास, उच्च-जोखिम नामांकन/अपडेट श्रेणियों की पहचान, बायोमेट्रिक मिलान एल्गोरिदम में सुधार और अन्य प्राथमिक क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।

समझौते पर हस्ताक्षर
यह समझौता यूआईडीएआई की उपमहानिदेशक (टेक्नोलॉजी सेंटर) सुश्री तनुश्री देब बर्मा और आईएसआई, बेंगलुरु के प्रमुख प्रो. बी. एस. दया सागर ने किया। इस अवसर पर यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री भुवनेश कुमार और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की अतिरिक्त सचिव सुश्री पूजा सिंह मंडोल भी मौजूद रहीं।

अधिकारियों के विचार
यूआईडीएआई के सीईओ श्री भुवनेश कुमार ने कहा, “इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट के साथ हमारा सहयोग उन्नत, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

अतिरिक्त सचिव सुश्री पूजा सिंह मंडोल ने कहा, “यह साझेदारी सांख्यिकी, प्रौद्योगिकी और डेटा-आधारित नवाचार के गहरे अनुभव को एक साथ लाती है, जो आधार प्रणाली को और अधिक सक्षम बनाएगी।”

इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट (ISI) के बारे में
आईएसआई, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अंतर्गत एक प्रमुख शैक्षणिक और शोध संस्थान है। यह सांख्यिकी, गणित, कंप्यूटर विज्ञान और डेटा विज्ञान में अपनी विशेषज्ञता के लिए प्रसिद्ध है और उच्च-प्रभाव शोध कार्यों का लंबा अनुभव रखता है।

 

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