बृजभूषण ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपने खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की मांग की

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सिंह यह भी अनुरोध कर रहे हैं कि दिल्ली की एक ट्रायल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को रद्द किया जाए। याचिका पर गुरुवार को न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा के समक्ष सुनवाई होनी है।

इस साल मई में, ट्रायल कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और 354ए (यौन उत्पीड़न) के तहत आरोप तय किए थे, जब सिंह ने खुद को निर्दोष बताया था।

सिंह के खिलाफ 1,500 पन्नों की चार्जशीट में यौन उत्पीड़न, मारपीट और छह महिला पहलवानों का पीछा करने का आरोप लगाया गया है, जिसमें चार राज्यों के कम से कम 22 गवाहों के बयान शामिल हैं। गवाही देने वालों में पहलवान, एक रेफरी, एक कोच और एक फिजियोथेरेपिस्ट शामिल थे।
§पूर्व भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें उनके खिलाफ सभी आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग की गई है, जिसमें उन पर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाने वाली एफआईआर और आरोपपत्र भी शामिल है।

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