डीएपी के आयात और बिक्री पर सरकार का नया जोर, नैनो डीएपी अपनाने के लिए ‘महा अभियान’ शुरू

फॉस्फेटिक और पोटैशिक (P&K) उर्वरक, जिनमें डाय-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) भी शामिल है, ओपन जनरल लाइसेंस (OGL) के तहत आते हैं। इसके तहत उर्वरक कंपनियां अपनी व्यावसायिक आवश्यकता के अनुसार इन उर्वरकों का आयात या निर्माण करने के लिए स्वतंत्र हैं।

डीएपी आयात और बिक्री (PoS) आंकड़े:

अक्टूबर 2021 में चीन ने उर्वरक से संबंधित उत्पादों, जिसमें डीएपी भी शामिल है, के निर्यात से पहले अनिवार्य अतिरिक्त निरीक्षण लागू कर दिया था।

कीमत नियंत्रण और सब्सिडी प्रावधान
एनबीएस योजना के तहत डीएपी का अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) उर्वरक कंपनियां तय करती हैं, जिसे सरकार मॉनिटर करती है। खरीफ 2025 सीजन में, आयातित और घरेलू डीएपी व आयातित टीएसपी पर एनबीएस सब्सिडी के अतिरिक्त ₹3,500 प्रति टन ‘अन्य लागत’ के रूप में दिए जा रहे हैं। इसमें फैक्ट्री से खेत तक परिवहन, अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव का समायोजन, जीएसटी घटक और शुद्ध एमआरपी (एमआरपी-जीएसटी) पर 4% का उचित लाभ शामिल है।

आयात पर निर्भरता घटाने के प्रयास
भारत में नैनो उर्वरक, कस्टमाइज्ड व फोर्टिफाइड उर्वरक (जैसे सल्फर कोटेड यूरिया, जिंक युक्त डीएपी), बायोफर्टिलाइज़र और स्लो/कंट्रोल्ड रिलीज फॉर्मुलेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इनसे पोषक तत्वों के उपयोग की दक्षता बढ़ती है, खपत घटती है और नुकसान कम होते हैं।

नैनो उर्वरकों की अधिसूचना:

नैनो डीएपी निर्माण की अनुमति:

प्रचार और प्रसार गतिविधियां
किसानों में नैनो उर्वरकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कैंप, वेबिनार, नुक्कड़ नाटक, खेत प्रदर्शन, किसान सम्मेलन और क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्म प्रदर्शन जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। नैनो उर्वरक अब प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों (PMKSKs) पर उपलब्ध हैं और इन्हें उर्वरक विभाग की मासिक आपूर्ति योजना में शामिल किया गया है।

आईसीएआर की पहल
आईसीएआर के भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल ने “नैनो उर्वरकों सहित उर्वरकों के संतुलित और कुशल उपयोग” पर राष्ट्रीय अभियान चलाया है। पत्तियों पर छिड़काव के लिए ‘किसान ड्रोन’ और बैटरी चालित स्प्रेयर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। गांव स्तर पर उद्यमियों के माध्यम से स्प्रे सेवाओं के लिए प्रशिक्षण और किराये पर उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

‘महा अभियान’ की शुरुआत
उर्वरक विभाग ने उर्वरक कंपनियों के साथ मिलकर सभी 15 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में नैनो डीएपी अपनाने के लिए ‘महा अभियान’ शुरू किया है। साथ ही, 100 जिलों में नैनो यूरिया प्लस के लिए खेत प्रदर्शन और जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

 

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