वियतनाम में ड्यूरियन खेती को डिजिटल ताकत, ट्रेसिबिलिटी सिस्टम से बढ़ेगी वैश्विक बाजार में पहचान

Digital power and traceability system to boost durian farming in Vietnam's global market

दुनिया भर में तेजी से बढ़ती फलों की मांग और खाद्य सुरक्षा के कड़े मानकों के बीच वियतनाम अब अपने ड्यूरियन उद्योग को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। वियतनाम के कृषि एवं पर्यावरण मंत्रालय ने डैक लक प्रांत में ड्यूरियन फलों के लिए ट्रेसिबिलिटी सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य उत्पादन से लेकर निर्यात तक पूरी सप्लाई चेन को डिजिटल और पारदर्शी बनाना है, ताकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बढ़ती मांग को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके।

डैक लक प्रांत वियतनाम के सबसे बड़े ड्यूरियन उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। यहां के ईए ड्रैंग कम्यून में लगभग 970 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्यूरियन की खेती की जाती है। यह इलाका उच्च गुणवत्ता वाले ड्यूरियन उत्पादन के लिए जाना जाता है और यहां के कई उत्पादन क्षेत्रों को निर्यात के लिए विशेष कोड भी प्रदान किए जा चुके हैं।

गुणवत्ता और पारदर्शिता पर बढ़ता जोर

कृषि एवं पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक बाजार में अब केवल उत्पादन पर्याप्त नहीं है, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा और उसकी उत्पत्ति की स्पष्ट जानकारी भी बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। इसी वजह से ट्रेसिबिलिटी सिस्टम को ड्यूरियन उद्योग के भविष्य के लिए जरूरी कदम माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक उपभोक्ता अब यह जानना चाहते हैं कि उत्पाद कहां उगाया गया, किस प्रकार की खेती तकनीक अपनाई गई और उसकी गुणवत्ता कैसी है। ऐसे में डिजिटल ट्रेसिबिलिटी सिस्टम बाजार में विश्वास बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।

डिजिटल तकनीक से जुड़ेगी पूरी सप्लाई चेन

इस परियोजना के तहत उत्पादन क्षेत्र, खेती प्रक्रिया, कटाई, पैकेजिंग, परिवहन और वितरण तक की पूरी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी। इससे हर उत्पाद की पहचान और उसकी यात्रा को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा।

वियतनाम के कृषि एवं पर्यावरण मंत्रालय के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के उप निदेशक गुयेन क्वांग टिन ने कहा कि ट्रेसिबिलिटी केवल निर्यात की तकनीकी आवश्यकता नहीं है, बल्कि यह ड्यूरियन उद्योग के प्रबंधन और मूल्य संवर्धन का आधार बन सकती है।

उन्होंने कहा कि डेटा आधारित प्रबंधन प्रणाली से उत्पादन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी। इससे उपभोक्ताओं और व्यापारिक साझेदारों को उत्पाद की गुणवत्ता और स्रोत की पुष्टि करने में आसानी होगी।

ड्यूरियन ब्रांड को मिलेगा वैश्विक भरोसा

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेसिबिलिटी सिस्टम वियतनाम के ड्यूरियन उद्योग को वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान दिलाने में मदद करेगा।

डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हर उत्पाद की जानकारी उपलब्ध होने से निर्यातकों और खरीदारों के बीच भरोसा बढ़ेगा। इससे स्थानीय ड्यूरियन ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा यह प्रणाली नकली उत्पादों और गुणवत्ता संबंधी विवादों को कम करने में भी सहायक होगी।

डैक लक में तेजी से बढ़ रहा डिजिटल परिवर्तन

डैक लक प्रांत के कृषि एवं पर्यावरण विभाग की उप निदेशक डांग थी थुई ने कहा कि स्थानीय प्रशासन कृषि क्षेत्र में व्यापक डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा दे रहा है।

उन्होंने बताया कि ड्यूरियन जैसे उच्च निर्यात क्षमता वाले उत्पादों को प्राथमिकता के आधार पर डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।

उनके अनुसार, यह पायलट प्रोजेक्ट केवल तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि भविष्य की कृषि व्यवस्था के लिए मजबूत डेटा प्लेटफॉर्म तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि परियोजना के परिणामों के आधार पर इस मॉडल को और बेहतर बनाया जाएगा और धीरे-धीरे पूरे प्रांत में लागू किया जाएगा। लक्ष्य एक पारदर्शी, आधुनिक और टिकाऊ कृषि प्रणाली विकसित करना है।

ट्रेसिबिलिटी सिस्टम से तेजी आई निर्यात प्रक्रिया

हाल ही में कृषि उत्पादों की ट्रेसिबिलिटी पर आयोजित एक बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक गुयेन वान लॉन्ग ने बताया कि 25 मई तक मंत्रालय की कृषि उत्पाद ट्रेसिबिलिटी प्रणाली में 112 उत्पादों के लिए 1,396 डेटा लाइनें दर्ज की जा चुकी हैं।

यह प्रणाली 14 प्रांतों और शहरों में लगभग 17,987 उत्पादन इकाइयों को जोड़ रही है। इसके तहत 149 व्यवसाय, 547 किसान परिवार, 255 उत्पादन क्षेत्र और 919 शिपमेंट शामिल हैं।

विशेष रूप से ड्यूरियन क्षेत्र में ट्रेसिबिलिटी सिस्टम के प्रयोग से निर्यात प्रक्रिया में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

“ग्रीन चैनल” मॉडल बना नई उम्मीद

पायलट प्रोजेक्ट के तहत “ग्रीन चैनल” मॉडल भी लागू किया गया है, जिसके जरिए ड्यूरियन निर्यात की पूरी प्रक्रिया — खेती, कटाई, पैकेजिंग, परिवहन और सीमा शुल्क निकासी — केवल 6 दिनों में पूरी हो रही है।

पहले यही प्रक्रिया 8 से 11 दिन तक लेती थी और कुछ मामलों में 21 दिन तक का समय लग जाता था।

विशेषज्ञों का कहना है कि समय की बचत से फलों की गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है और निर्यातकों की लागत भी कम होती है।

हजारों उत्पादों पर लगाए गए ट्रेसिबिलिटी लेबल

परियोजना के तहत अब तक लगभग 23,000 ट्रेसिबिलिटी लेबल ड्यूरियन उत्पादों पर लगाए जा चुके हैं। इन लेबलों का डेटा वास्तविक समय में अपडेट किया जा रहा है।

इस प्रक्रिया में किसान, निर्यातक, तकनीकी सेवा प्रदाता और सरकारी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल पारंपरिक और बिखरी हुई सप्लाई चेन को डेटा आधारित और नियंत्रित प्रणाली में बदलने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

भविष्य की स्मार्ट कृषि की ओर कदम

दुनियाभर में कृषि क्षेत्र तेजी से डिजिटल तकनीकों की ओर बढ़ रहा है। ट्रेसिबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और स्मार्ट फार्मिंग जैसी तकनीकें अब आधुनिक कृषि का हिस्सा बनती जा रही हैं।

वियतनाम का यह प्रयास दिखाता है कि भविष्य की कृषि केवल उत्पादन तक सीमित नहीं होगी, बल्कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि इस मॉडल को सफलतापूर्वक लागू किया गया, तो यह अन्य कृषि उत्पादों के लिए भी उदाहरण बन सकता है और वियतनाम के कृषि निर्यात को नई मजबूती मिल सकती है।

 

Exit mobile version