֍:जानें पूरी डिटेल§ֆ:अष्टमी 26 अगस्त से शुरु हो जाएगी और 27 अगस्त की रात्रि 2 बजे समापन हो जाएगा. यानि इस बार जन्माष्टमी 26 अगस्त को ही मनाई जाएगी. बता दें कि भगवान कृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था. इसलिए कृष्ण जन्माष्टमी हमेशा रोहिणी नक्षत्र में ही मनाई जाती है. §֍:इस समय पर कर सकते हैं पूजा§ֆ:कृष्ण जन्माष्टमी के लिए पूजा के मुहूर्त की बात करें तो ये 26 अगस्त को रात 12 बजे से देर रात 12:44 मिनट बजे तक होगा. इस दौरान स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहन लें और व्रत रखें. इसके बाद भगवान श्री कृष्ण को दूध और गंगाजल से स्नान कराएं. बाद में उन्हें साफ रेशमी कपड़े पहनाएं. साथ ही बाल गोपाल को झूला झुलाएं और उनकी आरती करें. श्रीकृष्ण जी को माखन और मिश्री का भोग लगाएं. इसके बाद भगवान श्री कृष्ण की पूजा और आरती करें.§भारत में कई धर्मों और जातियों के लोग एकसाथ रहते हैं, जो एक दूसरे के त्योहार मिल बांट कर मनाते हैं. ऐसे में हिंदू पांचांग के हिसाब से भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. ऐसे में इस बार जन्माष्टमी की तिथी को लोकर कई लोगों को कंफ्यूजन थी. बता दें कि धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से भगवान कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि की मध्य रात्रि में हुआ था. ऐसे में इस बार जन्माष्टमी की तिथि को लेकर लोगों के मन में काफी कंफ्यूजन हैं कि आखिर जन्माष्टमी कब मनाई जाएगी. मथुरा में स्थित वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव 27 अगस्त को मनाया जाएगा. इस साल भगवान श्रीकृष्ण का 5251 वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा, जो कि बहुत ही खास माना जा रहा है.
अगर आप भी हो रहे हैं कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर कंफ्यूज तो पढ़ें पूरी खबर…
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by Fiza

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