भारत ने अमेरिकी टैरिफ को चुनौती दी: पीएम मोदी ने किसानों के हितों की रक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर 50% टैरिफ लगाए जाने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज स्पष्ट किया कि भारत अपने किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। एम.एस. स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में दिए गए भाषण में पीएम मोदी ने कहा, “मैं जानता हूं कि व्यक्तिगत रूप से मुझे बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं।” 

टैरिफ युद्ध को लेकर घमासान 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर दो चरणों में कुल 50% टैरिफ लगाया है – पहले 25% और फिर अतिरिक्त 25%। यह कदम भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में कृषि और डेयरी क्षेत्र को लेकर गतिरोध के बाद उठाया गया है । अमेरिका की मुख्य मांगें थीं:

पीएम मोदी का ऐतिहासिक रुख

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में चार स्पष्ट संदेश दिए:

  1. भारत अमेरिका के सामने नहीं झुकेगा: “हमारे लिए किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत अपने किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों के साथ कभी समझौता नहीं करेगा।”

  2. किसान भारत की नींव हैं: भारत ने औद्योगिक और रक्षा क्षेत्र में रियायतें दीं, लेकिन कृषि और डेयरी में अमेरिकी मांगों को ठुकरा दिया।

  3. व्यक्तिगत कीमत चुकाने को तैयार: “मुझे पता है कि इसके लिए मुझे भारी राजनीतिक और आर्थिक कीमत चुकानी पड़ सकती है, लेकिन मैं तैयार हूं।” 

  4. बराबरी के संबंध: “दोस्ती होगी तो रिश्ता बराबरी का होगा, कोई बड़ा-छोटा नहीं।” 

किसान हितैषी योजनाओं पर जोर

पीएम मोदी ने किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा 

आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव

विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव भारत-अमेरिका व्यापार को प्रभावित करेगा, लेकिन भारत ने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी टैरिफ को “अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण” बताया है। पीएम मोदी के इस फैसले को देशभर में किसान संगठनों का समर्थन मिल रहा है।



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