जयपुर में LPG गैस संकट: पूरी रात लाइन में खड़े ऑटो चालक, घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिल रही गैस

राजस्थान की राजधानी Jaipur में इन दिनों एलपीजी (LPG) गैस की किल्लत ने आम लोगों के साथ-साथ ऑटो चालकों की परेशानी भी बढ़ा दी है। शहर के कई गैस रिफिलिंग स्टेशनों पर ऑटो चालकों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। गैस भरवाने के लिए चालकों को घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि कई चालक अपनी बारी आने की उम्मीद में रात से ही सड़क किनारे लाइन लगाकर खड़े हो रहे हैं।

शहर के प्रमुख गैस रिफिलिंग पंपों पर सुबह से लेकर देर रात तक भारी भीड़ देखी जा रही है। कई ऑटो चालक बताते हैं कि उन्हें गैस भरवाने के लिए 6 से 8 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ चालकों का कहना है कि वे देर रात पंप पर पहुंचकर अपनी गाड़ी लाइन में लगा देते हैं ताकि सुबह तक उनकी बारी आ सके। इसके बावजूद कई बार गैस खत्म हो जाने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।

ऑटो चालकों का कहना है कि गैस की कमी का सीधा असर उनकी रोजी-रोटी पर पड़ रहा है। एक चालक ने बताया कि अगर गैस समय पर नहीं मिलती तो पूरे दिन की कमाई पर असर पड़ता है। कई बार आधा दिन तो सिर्फ लाइन में ही निकल जाता है। ऐसे में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए।

गैस रिफिलिंग स्टेशनों के संचालकों का कहना है कि सप्लाई कम आने के कारण यह स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि पहले की तुलना में इन दिनों गैस की आपूर्ति कम हो रही है, जबकि मांग लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि सुबह आते ही लंबी कतारें लग जाती हैं और कुछ ही घंटों में गैस खत्म हो जाती है।

इस समस्या का असर शहर की परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। कई ऑटो चालक गैस नहीं मिलने के कारण सड़कों पर नहीं निकल पा रहे हैं। इससे यात्रियों को भी परेशानी हो रही है, क्योंकि कई इलाकों में ऑटो की उपलब्धता कम हो गई है। खासकर ऑफिस जाने वाले लोगों और छात्रों को सुबह के समय ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस की सप्लाई बढ़ाई जाए और रिफिलिंग स्टेशनों पर व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए ताकि लोगों को घंटों तक लाइन में खड़ा न रहना पड़े।

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