भेरूंदा से PMGSY-IV का शुभारंभ, मध्य प्रदेश को मिली हजारों करोड़ की विकास सौगात

PMGSY-IV launched from Bherunda, Madhya Pradesh gets development gift worth thousands of crores

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भेरूंदा से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण PMGSY-IV का शुभारंभ करते हुए राज्य को सड़क, आवास और ग्रामीण विकास की कई बड़ी सौगातें दीं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में मुख्यमंत्री Mohan Yadav सहित कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेता मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश को PMGSY-IV के तहत 1763 करोड़ रुपये की लागत से 973 नई सड़कों की मंजूरी दी गई। इन सड़कों की कुल लंबाई 2117.52 किलोमीटर होगी, जिससे राज्य की 987 बसावटों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा विदिशा संसदीय क्षेत्र में 259 नई सड़क परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिनकी कुल लंबाई 600 किलोमीटर से अधिक है। इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय संपर्क और ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

अपने संबोधन में Shivraj Singh Chouhan ने कहा कि गांव की सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं होती, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बाजार और विकास का आधार बनती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में सरकार गांव, गरीब, किसान और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि मध्य प्रदेश में PMGSY के मापदंडों में आने वाली सभी पात्र सड़कों को स्वीकृति दी जाएगी। शिवराज सिंह ने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि राज्य का कोई भी गांव सड़क सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के विकास को और तेज किया जाएगा।

समारोह में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) के तहत भी 261.81 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं के अंतर्गत 384.34 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जाएंगी, जिनसे 168 बसावटों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए PMGSY के कुल 18,907 करोड़ रुपये के सांकेतिक आवंटन में से 830 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश को प्रदान किए गए।

ग्रामीण आवास के क्षेत्र में भी बड़ी घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत 2055 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंपी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि देश का कोई भी गरीब परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि नए सर्वे के आधार पर पात्र परिवारों का सत्यापन कर उन्हें आवास योजना का लाभ दिया जाएगा।

महिला सशक्तिकरण को लेकर भी कार्यक्रम में विशेष जोर दिया गया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से “लखपति दीदी” अभियान को और गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

किसानों के मुद्दों पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि गेहूं खरीदी में किसी पात्र किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। लंबित सत्यापन कार्य जल्द पूरे किए जाएंगे और किसानों की उपज की खरीदी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में भी बेहतर और लाभकारी व्यवस्था विकसित करने की बात कही।

मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर राज्य के विकास को नई दिशा देने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विकास से जुड़ी जनता और जनप्रतिनिधियों की हर व्यवहारिक मांग को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। नर्मदा जल परियोजना, स्थानीय सड़कों, सिंचाई योजनाओं, शिक्षा संस्थानों और धार्मिक क्षेत्रों के विकास जैसे मुद्दों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया।

इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सम्मानित भी किया गया। सड़क निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, हरित प्रौद्योगिकी और रखरखाव जैसी विभिन्न श्रेणियों में मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, तमिलनाडु और अन्य राज्यों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

विशेषज्ञों का मानना है कि PMGSY-IV के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि विपणन और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 

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