सिग्नल हुआ फेल! फिर हवा में लटके ट्रेन के डिब्बे,जलपाईगुड़ी रेल हादसे में बड़े खुलासे

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§ֆ:1) कंचनजंगा एक्सप्रेस त्रिपुरा के अगरतला से सियालदाह जा रही थी. रंगापानी स्टेशन क्रॉस करने के बाद सुबह 8.55 बजे पीछे से आ रही एक मालगाड़ी ने ट्रेन को टक्कर मार दी. ट्रेन के भीतर चीख-पुकार मच गई. ये टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दो डिब्बे पटरी से उतर गए जबकि एक डिब्बा मालगाड़ी के इंजन के ऊपर अधर में लटक गया. घटना में नौ लोगों की मौत हो गई जबकि 47 घायल हो गए.
2) इस हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन सहित रेलवे, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मौके पर पहुंचा. लेकिन लगातार हो रही बारिश की वजह से बचाव कार्य में भारी दिक्कत हुई.
3) बंगाल के रानीपतरा रेलवे स्टेशन और चत्तर हाट जंक्शन के बीच ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम सोमवार सुबह 5.50 बजे से खराब था. इसी जगह मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को टक्कर मारी थी.

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§ֆ:4) कंचनजंगा ट्रेन हादसे के बाद बड़े पैमाने पर ट्रेनों के टाइमटेबल में बदलाव किया गया था. हादसे के बाद प्रभावित रूट पर 19 ट्रेनों को डायवर्ट या रद्द कर दिया गया था.
5) हादसे के बाद से ट्रैक को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है. अब ट्रैक के सही करने के लिए स्लीपर बिछाने का काम किया जा रहा है. ट्रैक का काम पूरा होने के बाद ओएचई वायर का काम शुरू किया जाएगा.

6) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कंचनजंगा एक्सप्रेस हादसे के पीड़ितों के लिए घोषित राहत राशि बढ़ाने का ऐलान किया था. इसके तहत मृतकों के परिजनों को दस लाख रुपये की राहत राशि, गंभीर रूप से घायलों को ढाई लाख जबकि मामूली रूप से घायल हुए लोगों को पचास हजार रुपये की राहत राशि दी जाएगी.
§पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग के न्यू जलपाईगुड़ी में सोमवार को बड़ी रेल दुर्घटना हुई. अगरतला से सियालदाह जाने वाली कंचनजंगा एक्सप्रेस को एक मालगाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दी थी. हादसे में मालगाड़ी के लोको पायलट और पैसेंजर ट्रेन के गार्ड सहित नौ लोगों की मौत हुई है जबकि 47 लोग घायल हुए हैं. इस घटना के पीछे मानवीय चूक से लेकर खराब सिग्नल को जिम्मेदार माना गया. इस ट्रेन हादसे से जुड़े बड़े अपडेट्स पर एक नजर डालते हैं.
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