असम के कृषि और ग्रामीण विकास के लिए फंड की कोई कमी नहीं होगी: शिवराज सिंह चौहान

There will be no shortage of funds for agriculture and rural development of Assam

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने असम के कृषि और ग्रामीण विकास को नई गति देने का भरोसा देते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य के लिए फंड और संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार असम को कृषि अवसंरचना, ग्रामीण आवास, रोजगार सृजन और कृषि आधुनिकीकरण से जुड़ी सभी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में राज्य में कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई और किसानों, ग्रामीण परिवारों तथा महिला स्वयं सहायता समूहों के हित में कई अहम निर्णय लिए गए।

मनरेगा के लिए राशि आवंटित, तकनीकी समस्याएं दूर

बैठक के दौरान ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) और मनरेगा से संबंधित तकनीकी बाधाओं को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि असम सरकार की मांग के अनुसार मनरेगा के तहत आवश्यक धनराशि आवंटित कर दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और विकास कार्यों को गति मिलेगी।

सचिव ने यह भी बताया कि आगामी 1 जुलाई से देशभर में मनरेगा की जगह विकसित भारत-रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) लागू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ आजीविका के स्थायी अवसरों का निर्माण करना है।

चाय बागान श्रमिकों को मिलेगा PMAY-G का लाभ

बैठक में असम सरकार द्वारा चाय बागान श्रमिकों को भूमि का मालिकाना हक प्रदान करने की पहल की सराहना की गई। इसे राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया गया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे पात्र श्रमिकों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ दिलाने के लिए केंद्र सरकार एक विशेष सर्वे विंडो शुरू करेगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से लाभार्थियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा और उन्हें आवास योजना के तहत शामिल किया जाएगा।

असम के लिए तैयार हुआ विशेष कृषि कार्ययोजना का प्रारूप

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने असम की जलवायु, भौगोलिक परिस्थितियों और मिट्टी की विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई कृषि कार्ययोजना (Agriculture Action Plan) का प्रारूप मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को सौंपा।

इस कार्ययोजना का उद्देश्य राज्य में फसल विविधीकरण, कृषि उत्पादकता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है। इससे असम के कृषि क्षेत्र को दीर्घकालिक विकास की दिशा मिलेगी।

महिला सशक्तिकरण में असम की बड़ी उपलब्धि

बैठक में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में असम की उपलब्धियों की भी सराहना की गई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक 9 लाख से ज्यादा लखपति दीदी तैयार कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

इन महिलाओं के उद्यमों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए असम एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (AAU) के इनक्यूबेशन केंद्रों के साथ सहयोग बढ़ाया जाएगा। इससे महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और विपणन सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

कृषि यंत्रीकरण और महिला किसानों पर विशेष फोकस

कृषि मंत्रालय के सचिव आतिश चंद्र ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता दी जा रही है। विशेष रूप से महिला किसानों को कृषि कार्यों में सुविधा प्रदान करने के लिए पावर वीडर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इसके अलावा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत स्वीकृत परियोजनाओं और वित्तीय सहायता की भी समीक्षा की गई। बैठक में राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल पाम (NMEO-OP) के विस्तार और तेलहन उत्पादन बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

1,500 नए बांस पॉलीहाउस को मंजूरी

राज्य में सुरक्षित खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष 1,500 नए बांस पॉलीहाउस स्वीकृत किए गए हैं। इससे किसानों को मौसम संबंधी जोखिमों से बचाव मिलेगा और उच्च मूल्य वाली फसलों का उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कृषि अवसंरचना को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत पेस्टिसाइड टेस्टिंग लैब और खाद्य तेल परीक्षण प्रयोगशाला के भवनों को भी मंजूरी प्रदान की गई है। इन सुविधाओं से गुणवत्ता नियंत्रण और खाद्य सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।

जैविक उत्पादों के निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

असम के जैविक कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार विशेष प्रयास कर रही है। इस दिशा में APEDA और नेशनल ऑर्गेनिक कोऑपरेटिव लिमिटेड के साथ साझेदारी की जा रही है।

इस सहयोग के माध्यम से किसानों को उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रमाणन और निर्यात से संबंधित व्यापक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे असम के जैविक उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलने और किसानों की आय बढ़ने की संभावना है।

जैव विविधता और अनुसंधान को मिलेगा नया बल

बैठक में असम की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण और विकास पर भी विस्तार से चर्चा हुई। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने बताया कि असम एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के विभिन्न केंद्रों को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

इसके तहत मसालों पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान कार्यक्रम को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही असम के राज्य पुष्प फॉक्सटेल ऑर्किड के विकास के लिए पुणे स्थित फ्लोरीकल्चर संस्थान के सहयोग से विशेष नेटवर्क कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।

भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण में प्रगति

भूमि संसाधन विभाग के सचिव नरेंद्र भूषण ने जानकारी दी कि असम में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे भूमि संबंधी विवादों में कमी आएगी और किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी।

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों से असम कृषि, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और जैविक खेती के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

 

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