बीमा कवरेज बढ़ाने पर जोर: DFS सचिव ने सार्वजनिक बीमा कंपनियों की रणनीति की समीक्षा की

Emphasis on increasing insurance coverage: DFS Secretary reviews strategy of public insurance companies

वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) के सचिव एम. नागराजू की अध्यक्षता में सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख बीमा और पुनर्बीमा कंपनियों की रणनीतिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (GIC Re) और ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (OICL) के मध्यम अवधि (तीन वर्ष) और दीर्घ अवधि (पांच वर्ष) के दृष्टिकोण रणनीति दस्तावेजों की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक के दौरान सचिव ने कंपनियों को परिचालन दक्षता बढ़ाने, वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने और सतत विकास को गति देने के लिए स्पष्ट रणनीतिक दिशा-निर्देश दिए, साथ ही मानव संसाधन और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्षमताओं को और विकसित करने पर जोर दिया ताकि सेवा वितरण में सुधार लाया जा सके।

बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा देश में बीमा कवरेज के विस्तार का रहा, जहां एम. नागराजू ने स्पष्ट रूप से कहा कि कंपनियों का ध्यान केवल बड़ी पॉलिसियों पर केंद्रित न होकर व्यापक जनसंख्या तक बीमा पहुंचाने पर होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि बीमा कंपनियां अपनी नीतियों को इस तरह तैयार करें कि अधिक से अधिक लोगों को बीमा के दायरे में लाया जा सके, जिससे बीमा सघनता बढ़े और बाजार हिस्सेदारी भी बनी रहे। इसके साथ ही कंपनियों को हानि अनुपात कम करने के लिए बेहतर निवेश और जोखिम प्रबंधन रणनीतियां अपनाने की सलाह दी गई।

चर्चा के दौरान बीमा क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी उन्नयन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। कंपनियों को नए और अनुकूलित बीमा उत्पाद विकसित करने, डिजिटल और आईटी क्षमताओं को मजबूत करने तथा निर्धारित साइबर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेवाओं के विस्तार, ग्राहक शिकायतों के त्वरित समाधान और वितरण नेटवर्क को व्यापक बनाने पर भी विशेष बल दिया गया। सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों के जरिए बीमा के प्रति जागरूकता बढ़ाने को भी महत्वपूर्ण बताया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुरक्षा कवच का लाभ उठा सकें।

बैठक में DFS के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित बीमा कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन ने भाग लिया और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कुल मिलाकर यह बैठक बीमा क्षेत्र को अधिक समावेशी, आधुनिक और ग्राहक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है, जिससे आने वाले वर्षों में देश में बीमा कवरेज का दायरा तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

 

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