֍:सरकार के खिलाफ आंदोलन§ֆ:हिंगोली में पिछले तीन साल से सूखे और गीले का अकाल हो रहा है. ऐसे में फसलों को काफी नुकसान हो रहा है. इसके कारण बाजार में फसलों के दाम भी गिर गए हैं. किसानों ने बैंक से खेती के लिए जो कर्ज लिया है वह भी नहीं चुका पा रहे हैं. इसी के चलते किसानों ने आंदोलन शुरु किया है. किसानों का आरोप है कि चुनाव के दौरान सरकार ने हमें वादा किया था कि हम सत्ता में आने के बाद आपको कर्ज से मुक्त कराएंगे लेकिन सरकार किसानों के लिए सिर्फ योजनाएं बना रही है. लेकिन असल में उसका लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है. किसानों का आरोप है कि सरकार ने हमसे एक रुपये में फसलों का बीमा करवाया था. मगर अब तक उसकी भी हमें मदद नहीं मिली. इसलिए हम अब मुंबई मंत्रालय के सामने जानकर सरकार के खिलाफ अर्ध नग्न आंदोलन करने वाले हैं.§֍:जानें क्या हैं मांगें?§ֆ:महाराष्ट्र सरकार किसानों को कर्ज से मुक्त करें.
1 रुपये के बीमा का लाभ मिले.
सोयाबीन और कपास की फसलों का अच्छा भाव मिले.
जंगली जानवरों का बंदोबस्त किया जाए ताकि फसलों का नुकसान कम हो.
फसल कर्ज के लिए लग रहे सिबिल की शर्त खारिज की जाए.
रोजगार हमी के काम शुरू करें.
§महाराष्ट्र में स्थित हिंगोली जिले के किसानो ने पिछले 2 सालों से फसल कर्ज मुक्ति के साथ कई मांगों को लेकर आंदोलन शुरु कर दिया है. इस बार सरकार का ध्यान खींचने के लिए किसानों ने हिंगोली के जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अर्धनग्न आंदोलन किया है. बुधवार को यह किसान मुंबई मंत्रालय के बाहर आंदोलन करने वाले हैं. किसानों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, तब आंदोलन जारी रहेगा.

