• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home सफ़लता की कहानी

फूलों की खेती से आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर– महिला किसान लक्ष्मीबाई कुशवाहा

Fiza by Fiza
July 21, 2025
in सफ़लता की कहानी
0
फूलों की खेती से आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर– महिला किसान लक्ष्मीबाई कुशवाहा
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

मध्य प्रदेश के भोपाल ज़िले के गांव बरखेड़ा बोंदर की रहने वाली श्रीमती लक्ष्मीबाई कुशवाहा आज क्षेत्र की उन गिने-चुने किसानों में से एक हैं, जिन्होंने पारंपरिक खेती के बजाय एक नया मार्ग चुना और फूलों की खेती के माध्यम से न केवल लाखों रुपये की आमदनी हासिल की, बल्कि महिला सशक्तिकरण की मिसाल भी पेश की।

पारंपरिक खेती से परेशान, नई राह की तलाश

लक्ष्मीबाई बताती हैं कि उनका परिवार कई वर्षों से पारंपरिक फसलें जैसे धान, गेहूं और सोयाबीन की खेती करता आ रहा था। लेकिन हर साल लागत बढ़ती जा रही थी और मुनाफा घटता जा रहा था। कृषि में मेहनत बहुत थी, लेकिन आर्थिक स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो पा रहा था। इन परिस्थितियों ने उन्हें सोचने पर मजबूर किया कि अब कुछ नया करने की ज़रूरत है।

इसी दौरान उन्हें उद्यानिकी विभाग द्वारा चलाई जा रही “संरक्षित खेती योजना” की जानकारी मिली। यह योजना किसानों को पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस के माध्यम से आधुनिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करती है। लक्ष्मीबाई ने इस योजना को अपने जीवन की दिशा बदलने का अवसर समझा और पूरी लगन के साथ इसमें भाग लिया।

संरक्षित खेती योजना से मिली नई दिशा

वर्ष 2021-22 में उन्होंने राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन के तहत संरक्षित खेती योजना के अंतर्गत 3000 वर्गफुट क्षेत्र में एक पॉलीहाउस का निर्माण करवाया। इस पॉलीहाउस की कुल लागत ₹25.32 लाख थी, जिसमें से उन्हें ₹12.66 लाख की अनुदान राशि सरकार से प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहायता ने उनके लिए रास्ते खोल दिए।

लक्ष्मीबाई कहती हैं,

“मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी की अत्यंत आभारी हूं। उनकी योजनाओं ने न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि समाज में एक नई पहचान भी दी है। आज मुझे गर्व है कि मैं एक किसान हूं, एक उद्यमी हूं और एक सशक्त महिला हूं।”

फूलों की खेती बनी समृद्धि का माध्यम

पॉलीहाउस तैयार होने के बाद लक्ष्मीबाई ने गेंदा, गुलदाउदी, रजनीगंधा और जरबेरा जैसे फूलों की खेती शुरू की। ये फूल बाजार में अच्छे दामों पर बिकते हैं और पूरे साल इनकी मांग बनी रहती है। संरक्षित खेती के कारण मौसम की मार से फसलें सुरक्षित रहती हैं और उत्पादन भी अधिक होता है।

शुरुआत में कुछ चुनौतियाँ जरूर आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। समय के साथ उन्होंने न केवल समस्याओं से निपटना सीखा, बल्कि आज वह अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी प्रशिक्षित कर रहीं हैं कि कैसे पॉलीहाउस में फूलों की खेती से आर्थिक रूप से मजबूत बना जा सकता है।

क्या है संरक्षित खेती योजना?

संरक्षित खेती को ग्रीनहाउस या पॉलीहाउस खेती के नाम से जाना जाता है। इसमें एक विशेष संरचना के भीतर फसलें उगाई जाती हैं, जहां तापमान, नमी, प्रकाश, और अन्य पर्यावरणीय कारकों को कृत्रिम रूप से नियंत्रित किया जाता है। इस तकनीक के माध्यम से किसान मौसम के प्रभाव से स्वतंत्र होकर बेहतर गुणवत्ता और अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

इसके तहत सरकार किसानों को पॉलीहाउस निर्माण, ड्रिप सिंचाई, शेड नेट, मिस्टिंग सिस्टम जैसी सुविधाओं पर 50 प्रतिशत से अधिक तक सब्सिडी देती है, जिससे छोटे और मध्यम किसान भी इसका लाभ उठा सकते हैं।

आत्मनिर्भर भारत की ओर महिला किसान का कदम

आज लक्ष्मीबाई कुशवाह न केवल लाखों रुपये सालाना कमा रही हैं, बल्कि उन्होंने अपने गांव और आस-पास के क्षेत्र में महिला किसानों के लिए प्रेरणास्रोत का स्थान भी प्राप्त किया है। वह स्वयं बाजार में अपने उत्पादों को बेचती हैं, खरीदारों से संपर्क रखती हैं और कृषि को व्यवसाय के रूप में सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं।

निष्कर्ष

लक्ष्मीबाई की कहानी यह सिद्ध करती है कि अगर जज़्बा हो, मार्गदर्शन सही हो, और योजनाओं की सही जानकारी मिले, तो कोई भी किसान आत्मनिर्भर बन सकता है। विशेष रूप से महिलाओं के लिए यह कहानी प्रेरणा है कि कृषि के क्षेत्र में भी वे बदलाव ला सकती हैं। फूलों की खुशबू से न केवल उनकी ज़िंदगी महकी है, बल्कि वह अब सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आधुनिक कृषि की पहचान बन चुकी हैं।

 

Previous Post

श्रेया घोषाल के साथ एपी ढिल्लों का मज़ेदार ट्रैक “थोड़ी सी दारू” रिलीज़

Next Post

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने असम और राजस्थान के मंत्रियों से की मुलाकात

Next Post
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने असम और राजस्थान के मंत्रियों से की मुलाकात

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने असम और राजस्थान के मंत्रियों से की मुलाकात

Recent Posts

  • चंडीगढ़ चिंतन शिविर: ‘विजन से एक्शन’ की ओर बढ़े कदम, सामाजिक न्याय योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर
  • AAP को बड़ा झटका: राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सांसद BJP में शामिल, सदन में बदली सियासी तस्वीर
  • डिजिटल खेती की ओर बड़ा कदम: AgriStack के लिए 13,000 करोड़ का ब्याज-मुक्त कर्ज, किसान सेवाएं होंगी स्मार्ट और पारदर्शी
  • Heatwave Alert के बाद राहत की खबर! देशभर में बदलेगा मौसम, कई राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट
  • मशरूम मिशन से बदलेगी खेती की तस्वीर! आंध्र प्रदेश का 13,000 करोड़ का मेगा प्लान

Recent Comments

No comments to show.
Fasal Kranti is a leading monthly agricultural magazine dedicated to empowering Indian farmers. Published scince 2013 in Hindi, Punjabi, Marathi, and Gujarati, it provides valuable insights, modern farming techniques, and the latest agricultural updates. With a vision to support 21st-century farmers, Fasal Kranti strives to be a trusted source of knowledge and innovation in the agricultural sector.

Category

  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Subscribe Now

Contact

Promote your brand with Fasalkranti. Connect with us for advertising.
  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team .

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.