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Home कृषि समाचार

उर्वरकों की गुणवत्ता जांच और कृषि मशीनीकरण के लिए सरकार ने उठायें कड़े कदम

Fiza by Fiza
July 26, 2025
in कृषि समाचार
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उर्वरकों की गुणवत्ता जांच और कृषि मशीनीकरण के लिए सरकार ने उठायें कड़े कदम
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किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट उपलब्ध कराने और कृषि कार्यों को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार बहुपक्षीय प्रयास कर रही है। इसी क्रम में, उर्वरकों और कीटनाशकों की गुणवत्ता नियंत्रण, ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा, और फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं।

 

कीटनाशकों की गुणवत्ता की निगरानी हेतु सख्त व्यवस्था

कृषि मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय एकीकृत कीट प्रबंधन केंद्र (CIPMCs), कृषि विज्ञान केंद्र (KVKs) और राज्य कृषि विभागों के माध्यम से किसानों को रासायनिक कीटनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। देशभर में 12,511 कीटनाशक निरीक्षक नियुक्त किए गए हैं, जो नियमित रूप से निर्माण इकाइयों और बिक्री केंद्रों से नमूने लेकर गुणवत्ता की जांच करते हैं। वर्ष 2020-21 से 2024-25 के दौरान कुल 3,56,091 कीटनाशक नमूनों की जांच की गई, जिनमें से 9,088 नमूने मानक से कम पाए गए, जिन पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

उर्वरकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ‘फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर (FCO)’

फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर (FCO), 1985 के अंतर्गत उर्वरकों की गुणवत्ता को नियंत्रित किया जाता है। इसके तहत रासायनिक, जैविक और कार्बनिक उर्वरकों के मानक तय किए गए हैं। FCO के धारा 19 के अनुसार, मानक से कम गुणवत्ता वाले उर्वरकों की बिक्री पूरी तरह निषिद्ध है। इसके उल्लंघन पर 3 महीने से 7 साल तक की सजा और जुर्माना लगाया जा सकता है।

राज्य सरकारों के द्वारा नियुक्त उर्वरक निरीक्षक गोदामों, निर्माण इकाइयों और खुदरा दुकानों से नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच करते हैं।

कृषि मशीनीकरण और ड्रोन सेवा को बढ़ावा

वर्ष 2014-15 से लागू ‘कृषि यंत्रीकरण उप मिशन (SMAM)’ के अंतर्गत किसानों को कृषि यंत्र खरीदने पर सब्सिडी दी जा रही है। इसके अंतर्गत कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) और फार्म मशीनरी बैंक (FMB) की स्थापना को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

ड्रोन सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए:

  • किसान सहकारी समितियों, FPOs और ग्रामीण उद्यमियों को ड्रोन खरीदने पर 40% तक अधिकतम ₹4 लाख तक की सहायता।
  • कृषि स्नातकों को CHC के तहत ड्रोन खरीदने पर 50% तक अधिकतम ₹5 लाख तक की सहायता।
  • महिला, लघु, सीमांत, अनुसूचित जाति/जनजाति और पूर्वोत्तर राज्यों के किसानों को ड्रोन खरीदने पर 50% तक अधिकतम ₹5 लाख तक की सहायता।

फसल अवशेष प्रबंधन और जल संरक्षण योजनाएं

2018-19 से लागू ‘फसल अवशेष प्रबंधन योजना’ के तहत पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली में पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए मशीनरी खरीद पर सब्सिडी दी जा रही है।

इसके साथ ही, जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘प्रति बूंद अधिक फसल (PDMC)’ और ‘वर्षा आधारित क्षेत्र विकास (RAD)’ योजनाएं लागू की गई हैं। PDMC के अंतर्गत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि RAD के माध्यम से एकीकृत कृषि प्रणाली (IFS) को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

 

 

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