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Home समाचार

‘मेघयान 2024’- जलवायु परिवर्तन के बारे में उत्कृष्ट विस्तृत जानकारी दी

Fiza by Fiza
March 30, 2024
in समाचार
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‘मेघयान 2024’- जलवायु परिवर्तन के बारे में उत्कृष्ट विस्तृत जानकारी दी
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ֆ:उद्घाटन भाषण नौसेनाध्य क्ष एडमिरल आर हरि कुमार ने वर्चुअल मोड के माध्यम से दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौती पर सटीक और तत्काल ध्यान केंद्रित करने और डब्ल्यूएमओ की जलवायु सेवाओं के लिए वैश्विक ढांचे के तहत ‘क्लाइमेट स्मार्ट सोसाइटी को प्राप्त करने’ के सामान्य लक्ष्य की सामूहिक खोज में मिलकर काम करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने पर्यावरण संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए दीर्घकालिक टिकाऊ नीतियां अपनाने और सुरक्षा रणनीति में जलवायु परिवर्तन संबंधी विचारों को एकीकृत करने की भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता दोहराई। सुरक्षित और बेहतर नौसेना संचालन के लिए विश्वसनीय एमईटीओसी समर्थन पर महत्व देते हुए, उन्होंने इस क्षेत्र में सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करने वाले नौसेना के विशेषज्ञों के समर्पित प्रयासों और योगदान की सराहना की।


§ֆ:सेमिनार में अतिथि वक्ता भारतीय नौसेना महासागर सूचना प्रणाली केंद्र (आईएनसीओआईएस), हैदराबाद के डॉ. टीवीएस उदय भास्कर (वैज्ञानिक जी) और नेशनल सेंटर फॉर मीडियम रेंज फोरकास्टिंग (एनसीएमआरडब्ल्यूएफ), नई दिल्लीा के वैज्ञानिक ‘जी’ डॉ. राघवेंद्र आश्रित ने प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने दर्शकों को वैज्ञानिक एजेंसियों द्वारा अपनाई गई नवीनतम तकनीकों और राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माताओं को निर्णय लेने में मदद करने के लिए जलवायु डेटा की संगणना के बारे में बताया। इसके अलावा, विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा परिचालन विकास के लिएएमईटीओसी इनपुट/पूर्वानुमान प्रदान करने में भारतीय नौसेना और भारतीय वैज्ञानिक संगठनों द्वारा अपनाई गई नवीनतम तकनीकों को सामने लाते हुए ‘नौसेना संचालन पर मौसम और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव’ के विभिन्न विषयों पर पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं।


§ֆ:इस अवसर पर बेहतर और त्वरित निर्णय लेने को सशक्त बनाने वाले मौसम संबंधी जानकारी और पूर्वानुमान प्रसारित करने के लिए एक स्वदेशी मोबाइल एप्लिकेशन इन्द्रं (इंडियन नेवल डायनेमिक रिसोर्स फॉर वेदर एनालिसिस) की भी शुरुआत की गई। एप्लिकेशन को भारतीय नौसेना के नौसेना समुद्र विज्ञान और मौसम विज्ञान निदेशालय के समन्वय में बीआईएसएजी (भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना विज्ञान संस्थान) द्वारा विकसित किया गया है। इस कार्यक्रम में दक्षिणी नौसेना कमान के चीफ ऑफ स्टाफ रियर एडमिरल उपल कुंडू, नौसेना मुख्यालय के कमोडोर (एनओएम), कमांडर अभिनव बर्वे और श्री मिरेन करमता, निदेशक, बीआईएसएजी ने भाग लिया। सेमिनार ने मौसम एवं जलवायु सेवाओं पर ज्ञान और विस्तृित जानकारी साझा करने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया।


§विश्व मौसम विज्ञान दिवस हर साल 23 मार्च को मनाया जाता है। यह 23 मार्च 1950 को विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की उत्पत्ति का प्रतीक है और इस क्षेत्र में मौसम विज्ञानियों के अमूल्य योगदान और आवश्यक भूमिका को दर्शाता है। विश्व मौसम विज्ञान दिवस समारोह के तहत, दक्षिणी नौसेना कमान में नौसेना समुद्र विज्ञान और मौसम विज्ञान स्कूल (एसएनओएम) और भारतीय नौसेना मौसम विज्ञान विश्लेषण केंद्र (आईएनएमएसी) द्वारा 28 मार्च 2024 को एक मेटोक (मौसम विज्ञान और समुद्र विज्ञान) सेमिनार _’मेघयान-24’_ आयोजित किया गया। सेमिनार वर्ष 2024 के लिए डब्यू्ञानएमओ द्वारा प्रख्यापित विषय _*’एट द फ्रंटलाइन ऑफ़ क्लाइमेट एक्शन’* पर आधारित था।

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