केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने लोकसभा में किसानों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार हर परिस्थिति में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने के लिए कई ठोस और ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
मंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियों का प्रभाव अब जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है और कई किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में कृषि उत्पादन में लगभग 44 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस बात का संकेत है कि देश में खेती को नई दिशा मिली है।
MSP पर बड़ा फैसला, किसानों को लागत + 50% का लाभ
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करते हुए किसानों को उनकी फसल की लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) देने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि पहले इस पर बहाने बनाए जाते थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे जमीन पर उतारकर किसानों को सीधा फायदा पहुंचाया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल MSP घोषित करना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उस पर वास्तविक खरीद सुनिश्चित करना ज्यादा जरूरी है। इसी दिशा में सरकार ने गेहूं, धान, दलहन और तिलहन समेत कई फसलों की रिकॉर्ड MSP खरीद की है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिला है।
हर फसल के लिए सुरक्षा कवच
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल अनाज तक सीमित रहने के बजाय दलहन, तिलहन, फल और सब्ज़ियों तक के लिए भी व्यापक सुरक्षा तंत्र विकसित किया है। इसके तहत बाजार में कीमत गिरने की स्थिति में किसानों को नुकसान से बचाने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं।
PM-AASHA Scheme (पीएम-आशा) योजना के तहत तीन प्रमुख व्यवस्थाएं बनाई गई हैं—
- प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के माध्यम से सीधे खरीद
- भावांतर भुगतान योजना के जरिए MSP और बाजार मूल्य के अंतर की भरपाई
- अन्य हस्तक्षेपों के माध्यम से किसानों को समर्थन
उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं से किसानों की आय को स्थिरता मिली है और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम हुआ है।
फसल बीमा से मिला बड़ा सहारा
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि यह योजना किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हुई है। किसानों ने अब तक लगभग 36,055 करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा किया, जबकि इसके बदले में उन्हें करीब 1.92 लाख करोड़ रुपये का मुआवजा मिला है।
उन्होंने बताया कि अब फसल बीमा में तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। सैटेलाइट आधारित रिमोट सेंसिंग और पंचायत स्तर पर क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट के जरिए फसल नुकसान का सटीक आकलन किया जाता है, जिससे किसानों को पारदर्शी और समय पर भुगतान मिल सके।
डिजिटल किसान आईडी से त्वरित राहत
मंत्री ने डिजिटल पहल का जिक्र करते हुए बताया कि फार्मर आईडी (Farmer ID) प्रणाली ने किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां खरीफ 2025 के दौरान प्राकृतिक आपदा के बाद 89 लाख किसानों को मात्र 5 दिनों में 14,000 करोड़ रुपये की सहायता सीधे उनके खातों में पहुंचाई गई।
यह व्यवस्था किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी और पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराने में मदद कर रही है।
भावांतर और मार्केट इंटरवेंशन से राहत
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब बाजार में कीमतें MSP से नीचे चली जाती हैं, तब सरकार केवल खरीद तक सीमित नहीं रहती। भावांतर भुगतान योजना के तहत MSP और बाजार मूल्य के बीच का अंतर सीधे किसानों के खाते में भेजा जाता है।
इसके अलावा, मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के माध्यम से जल्दी खराब होने वाली फसलों जैसे टमाटर, प्याज, आलू, मिर्च और अंगूर के लिए भी सरकार सक्रिय हस्तक्षेप करती है। जरूरत पड़ने पर किसानों को बेहतर बाजार तक पहुंचाने के लिए परिवहन लागत तक सरकार वहन करती है।
हर किसान तक पहुंचे लाभ
मंत्री ने बताया that सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश के हर किसान तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसके लिए FCI, NAFED और राज्य एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं और जरूरत के अनुसार खरीद केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अब बीमा योजना के तहत यदि किसी एक किसान की फसल भी खराब होती है, तो उसे भी मुआवजा दिया जाएगा। पहले यह सुविधा केवल बड़े क्षेत्रीय स्तर पर लागू होती थी, लेकिन अब इसे अधिक संवेदनशील और किसान-केंद्रित बनाया गया है।
किसानों के सम्मान और आय पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय और सम्मान दोनों को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि आज देश का किसान पहले से ज्यादा आत्मनिर्भर और सशक्त हुआ है।
उन्होंने दोहराया कि सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसान को उसके पसीने की पूरी कीमत मिले।
केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों ने किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा तंत्र तैयार किया है। MSP, फसल बीमा, डिजिटल प्लेटफॉर्म और बाजार हस्तक्षेप जैसे कदमों ने न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद की है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सुरक्षित भी बनाया है। आने वाले समय में इन पहलों से कृषि क्षेत्र और अधिक सशक्त होने की उम्मीद है।

